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Adani Enterprises, CBI RHFL Case: अदाणी की फ्रांस की कंपनी से बड़ी साझेदारी, रिलायंस होम फाइनेंस मामले में CBI का पहला आरोपपत्र

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Alam Ki Khabar: अदाणी एंटरप्राइजेज ने फ्रांस की डायोक्सिकल के साथ लो-कार्बन केमिकल उत्पादन के लिए दीर्घकालिक साझेदारी की है। वहीं रिलायंस होम फाइनेंस मामले में CBI ने 3,500 करोड़ रुपये से अधिक की कथित बैंक हानि के मामले में पहला आरोपपत्र दाखिल किया है।

नई दिल्ली, 10 जुलाई। आलम की खबर: देश के कॉरपोरेट जगत से शुक्रवार को दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। एक ओर अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) ने फ्रांस की क्लीन-टेक कंपनी डायोक्सिकल (Dioxycle) के साथ कम-कार्बन केमिकल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) से जुड़े 3,500 करोड़ रुपये से अधिक की कथित बैंक हानि मामले में पहला आरोपपत्र विशेष अदालत में दाखिल कर दिया है।

अदाणी एंटरप्राइजेज ने बताया कि इस साझेदारी के तहत शुरुआत पायलट परियोजना से की जाएगी। अदाणी समूह के एक औद्योगिक संयंत्र में कैप्चर किए गए कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Electricity) की सहायता से फॉर्मिक एसिड का उत्पादन किया जाएगा। यदि यह परियोजना सफल रहती है तो इस तकनीक को व्यावसायिक स्तर पर लागू किया जाएगा।

कंपनी के अनुसार फॉर्मिक एसिड का उपयोग वस्त्र उद्योग, कृषि, चमड़ा, रसायन और विनिर्माण क्षेत्र सहित कई उद्योगों में व्यापक स्तर पर किया जाता है। इस परियोजना का उद्देश्य औद्योगिक कार्बन उत्सर्जन को उपयोगी उत्पादों में बदलकर पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारत में ग्रीन केमिकल उद्योग को नई दिशा दे सकती है।

दूसरी ओर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में अपनी जांच तेज करते हुए मुंबई की विशेष अदालत में पहला आरोपपत्र दाखिल किया है। एजेंसी के अनुसार यह मामला सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 3,500 करोड़ रुपये से अधिक की कथित वित्तीय हानि पहुंचाने से जुड़ा है।

आरोपपत्र में रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड के अलावा कंपनी के तत्कालीन कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवींद्र सुधाकर, मुख्य जोखिम अधिकारी कृष्णन गोपालकृष्णन अय्यर तथा रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के तत्कालीन मुख्य ऋण एवं जोखिम अधिकारी धनंजय भगवानप्रसाद तिवारी को आरोपी बनाया गया है।

सीबीआई का आरोप है कि उधार ली गई राशि को विभिन्न मध्यस्थ और वाहक कंपनियों के माध्यम से रिलायंस एडीए समूह की अन्य कंपनियों तक पहुंचाया गया। जांच एजेंसी ने इसे आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी का मामला बताते हुए विस्तृत जांच के बाद अदालत में आरोपपत्र प्रस्तुत किया है। मामले की आगे की सुनवाई विशेष अदालत में होगी।

एक ओर अदाणी समूह स्वच्छ ऊर्जा और हरित औद्योगिक तकनीक के क्षेत्र में नए निवेश के जरिए भविष्य की औद्योगिक रणनीति को मजबूत करने में जुटा है, वहीं दूसरी ओर रिलायंस होम फाइनेंस से जुड़े वित्तीय अनियमितता के मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो गई है। दोनों घटनाक्रम देश के कॉरपोरेट और वित्तीय क्षेत्र में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

कारोबार जगत में दो अलग तस्वीरें

एक तरफ हरित प्रौद्योगिकी और कम-कार्बन उत्पादन की दिशा में बड़े निवेश की पहल दिखाई दे रही है, तो दूसरी तरफ वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में जांच एजेंसियां सख्त कार्रवाई कर रही हैं। आने वाले दिनों में दोनों मामलों पर उद्योग जगत और निवेशकों की नजर बनी रहेगी।

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