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BRICS Meeting: ILO का बड़ा दावा, भारत की सोशल सिक्योरिटी 100 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंची

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Alam Ki Khabar: ILO के अनुसार भारत की सोशल सिक्योरिटी कवरेज 100 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच गई है। हैदराबाद में BRICS श्रम मंत्रियों की बैठक में ई-श्रम पोर्टल, लेबर रिफॉर्म्स और BRICS Connect पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

हैदराबाद, 16 जुलाई। आलम की खबर: अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने भारत की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ी उपलब्धि का उल्लेख किया है। संगठन के अनुसार देश की सोशल सिक्योरिटी व्यवस्था अब 100 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच चुकी है। यह जानकारी हैदराबाद में आयोजित BRICS देशों के श्रम एवं रोजगार मंत्रियों की बैठक के दौरान साझा की गई। ILO के महानिदेशक गिल्बर्ट एफ. होंगबो ने वीडियो संदेश के माध्यम से कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया है और यह मॉडल अन्य विकासशील देशों के लिए भी प्रेरणादायक बन सकता है।

बैठक में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि वर्ष 2015 में देश की सामाजिक सुरक्षा कवरेज लगभग 25 करोड़ लोगों तक सीमित थी, जो अब बढ़कर 100 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच गई है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू विभिन्न श्रम और कल्याणकारी योजनाओं का परिणाम बताया। मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र नागरिक तक सामाजिक सुरक्षा का लाभ पहुंचाना है।

BRICS श्रम एवं रोजगार मंत्रियों की बैठक का विषय "Building Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability" रखा गया। बैठक में सामाजिक सुरक्षा, महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का औपचारिककरण, कौशल विकास और डिजिटल तकनीक के उपयोग जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। सदस्य देशों ने श्रम बाजार को अधिक समावेशी और आधुनिक बनाने पर सहमति जताई।

डॉ. मांडविया ने भारत में किए गए श्रम सुधारों की जानकारी देते हुए कहा कि पुराने श्रम कानूनों को सरल बनाकर आधुनिक श्रम संहिताओं का स्वरूप दिया गया है। उन्होंने बताया कि ई-श्रम पोर्टल पर 31.7 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक पंजीकृत हो चुके हैं, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ और एकीकृत पहचान उपलब्ध हो रही है। वहीं नेशनल करियर सर्विस पोर्टल के माध्यम से रोजगार, कौशल मानचित्रण और करियर परामर्श जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं।

बैठक के दौरान भारत ने BRICS Connect नामक नई पहल की भी शुरुआत की। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच तकनीकी सहयोग, श्रम बाजार से जुड़े अनुभवों का आदान-प्रदान, डिजिटल रोजगार सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा सुधारों को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं और कौशल विकास पर साझा रणनीति तैयार करने पर भी बल दिया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश में 2,100 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर संचालित हो रहे हैं, जहां लाखों पेशेवर कार्यरत हैं और भारतीय अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। बैठक के अंत में BRICS श्रम एवं रोजगार मंत्रियों की संयुक्त घोषणा को भी सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया, जिसमें सम्मानजनक रोजगार, मजबूत सामाजिक सुरक्षा और समावेशी विकास के लिए मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

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मजबूत सामाजिक सुरक्षा से मजबूत अर्थव्यवस्था

किसी भी देश की आर्थिक प्रगति केवल विकास दर से नहीं, बल्कि आम नागरिकों तक सामाजिक सुरक्षा और रोजगार के अवसर पहुंचने से भी तय होती है। यदि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचता है, तो इससे सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर सकारात्मक बदलाव संभव है। भारत के सामने अब चुनौती इस कवरेज को गुणवत्तापूर्ण सेवाओं और प्रभावी क्रियान्वयन से जोड़ने की होगी।

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