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Business News: FSSAI का बड़ा एक्शन, पिस्ता में मिले जिंदा कीड़े; दो कंपनियों के लाइसेंस सस्पेंड

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Alam Ki Khabar | Bihar News | India News | FSSAI Big Action | FSSAI ने उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की दो खाद्य कंपनियों पर कार्रवाई करते हुए लाइसेंस सस्पेंड किए। निरीक्षण में पिस्ता में जिंदा कीड़े, फंगस, चूहों के निशान और खराब सफाई जैसी गंभीर कमियां मिलीं।

नई दिल्ली, 9 अगस्त। आलम की खबर: बाजार में बिकने वाले पैक्ड फूड और ड्राई फ्रूट्स की सुरक्षा को लेकर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी FSSAI ने दो कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उत्तर प्रदेश की VKC Nuts Private Limited और महाराष्ट्र की Chheda Specialities Foods Pvt. Ltd. के परिसरों में निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कई गंभीर कमियां सामने आने के बाद दोनों कंपनियों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिए गए हैं। FSSAI खाद्य कारोबार के लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा मानकों को नियंत्रित करने वाली केंद्रीय वैधानिक संस्था है। �

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कार्रवाई की वजह बनीं कमियां सामान्य स्तर की नहीं थीं। एक कंपनी के परिसर में रखे पिस्ता में जिंदा कीड़े पाए जाने की बात सामने आई, जबकि दूसरी कंपनी में खाद्य सामग्री तैयार करने के दौरान स्वच्छता और फूड हैंडलिंग से जुड़े नियमों का पालन नहीं मिला। निरीक्षण रिपोर्ट में स्टोरेज, सफाई, मशीनरी, पेस्ट कंट्रोल और कचरा प्रबंधन से जुड़ी कई खामियों का उल्लेख किया गया है।

VKC Nuts के यहां निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर स्थिति फिनिश्ड गुड्स स्टोरेज एरिया में सामने आई, जहां रखे पिस्ता में जिंदा कीड़े पाए गए। खाद्य सामग्री के भंडारण वाले स्थान में इस तरह की स्थिति खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

निरीक्षण के दौरान रॉ मटेरियल स्टोरेज एरिया की दीवारों और छत पर फंगस तथा काली फफूंदी भी मिली। फर्श की स्थिति भी खराब बताई गई। कई हिस्सों में गंदगी और चिकनाहट के अलावा चूहों की मौजूदगी के संकेत मिले। अधिकारियों को अलग-अलग स्थानों पर चूहों की बीट और खाने के अवशेष भी मिले।

मामला केवल स्टोरेज तक सीमित नहीं रहा। प्रोसेसिंग एरिया में इस्तेमाल होने वाली कुछ मशीनरी जंग लगी और गंदी पाई गई। प्लास्टिक की ट्रे, क्रेट, चाकू और अन्य कंटेनरों की हालत भी निरीक्षण के दौरान संतोषजनक नहीं मिली। कुछ सामान पुराने, टूटे या साफ-सफाई के लिहाज से अनुपयुक्त पाए गए।

जांच में परिसर की दीवारों और छत से पेंट तथा प्लास्टर उखड़ने की स्थिति भी सामने आई। फ्यूमिगेशन चैंबर के पास जिंदा छिपकली मिलने की बात रिपोर्ट में दर्ज की गई। इसी क्षेत्र के पास खुले क्रेट में अंजीर रखे होने की जानकारी सामने आई। खाद्य सामग्री के आसपास मक्खियों की मौजूदगी भी पाई गई।

पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था को लेकर भी निरीक्षण में सवाल खड़े हुए। परिसर में चूहों की बीट मिलने के साथ कुछ खजूर के कार्टन चूहों से क्षतिग्रस्त पाए गए। इसके अलावा एक्सपायर हो चुका क्रैनबेरी रॉ मटेरियल भी फिनिश्ड गुड्स स्टोरेज एरिया में रखा मिला।

इन तमाम कमियों का असर कंपनी के कंप्लायंस आकलन में भी दिखाई दिया। निरीक्षण में VKC Nuts का कुल कंप्लायंस स्कोर 38 प्रतिशत दर्ज किया गया। इसके बाद FSSAI ने कंपनी के लाइसेंस को आंशिक रूप से तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। यह कार्रवाई Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत की गई है।

दूसरी तरफ महाराष्ट्र की Chheda Specialities Foods Pvt. Ltd. के परिसर में भी खाद्य सुरक्षा मानकों से जुड़ी कमियां सामने आईं। निरीक्षण के दौरान खाद्य सामग्री संभालने वाले कर्मचारियों को बिना दस्ताने के बेसन का आटा मिलाते और केले छीलते हुए देखा गया।

जांच अधिकारियों के मुताबिक, यह काम ऐसे स्थान के आसपास किया जा रहा था जहां फर्श की स्वच्छता संतोषजनक नहीं थी और सड़ रहे कचरे की मौजूदगी भी थी। खाद्य पदार्थों की तैयारी के आसपास इस तरह की स्थिति फूड सेफ्टी के लिहाज से गंभीर मानी जाती है।

कंपनी के ताजे और इस्तेमाल किए जा चुके एडिबल ऑयल के स्टोरेज टैंक के आसपास भी फंगस मिलने की बात सामने आई। कचरा प्रबंधन की व्यवस्था में भी कमियां पाई गईं। निरीक्षण के दौरान कंपनी का क्रिटिकल नॉन-कंप्लायंस स्कोर 42 प्रतिशत यानी 36/86 दर्ज किया गया।

इन कमियों को देखते हुए FSSAI ने Chheda Specialities Foods का लाइसेंस भी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। कंपनी को तब तक राहत नहीं मिलेगी जब तक निरीक्षण में सामने आई कमियों को दूर कर खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुपालन को साबित नहीं किया जाता।

FSSAI की इस कार्रवाई का सीधा संबंध उपभोक्ताओं की खाद्य सुरक्षा से है। खाद्य कारोबार में स्वच्छता, सुरक्षित स्टोरेज, पेस्ट कंट्रोल, साफ मशीनरी और सही फूड हैंडलिंग जैसी व्यवस्थाएं केवल औपचारिकताएं नहीं हैं। इनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उत्पादन और पैकिंग के दौरान खाद्य सामग्री दूषित न हो।

खासकर ड्राई फ्रूट्स, मसाले, स्नैक्स और दूसरी पैक्ड खाद्य वस्तुओं को खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण संकेत है। हालांकि किसी एक कंपनी में मिली कमी के आधार पर किसी उत्पाद के हर पैकेट को असुरक्षित मानना उचित नहीं होगा, लेकिन ऐसी खबरें उपभोक्ताओं को पैकेज की एक्सपायरी डेट, पैकिंग की स्थिति और लेबल पर दी गई जानकारी जांचने के लिए जरूर सावधान करती हैं।

FSSAI की ओर से खाद्य कारोबार में लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की व्यवस्था निर्धारित है और नियमों का पालन नहीं होने पर कार्रवाई का प्रावधान है। �

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यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों कंपनियां अलग-अलग राज्यों में हैं। एक ओर उत्तर प्रदेश में ड्राई फ्रूट्स से जुड़ी कंपनी में स्टोरेज और प्रोसेसिंग से जुड़ी खामियां मिलीं, वहीं महाराष्ट्र की कंपनी में फूड हैंडलिंग और स्वच्छता संबंधी कमियां सामने आईं। यानी खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर नियामक जांच का दायरा लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है।

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खाद्य सुरक्षा पर उठे सवाल

FSSAI की कार्रवाई से एक बार फिर यह सवाल सामने आता है कि बड़े खाद्य कारोबारों में नियमित सफाई, सुरक्षित भंडारण और पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था की निगरानी कितनी प्रभावी है। किसी उत्पादन इकाई में जिंदा कीड़े, फंगस, चूहों के निशान या खराब मशीनरी जैसी स्थिति मिलना केवल साफ-सफाई की कमी नहीं है, बल्कि पूरी खाद्य सुरक्षा श्रृंखला की निगरानी पर सवाल खड़ा करता है।

उपभोक्ताओं के लिए जरूरी है कि वे खाद्य सामग्री खरीदते समय केवल ब्रांड का नाम देखकर भरोसा न करें। पैकेट की सील, निर्माण और एक्सपायरी तारीख, स्टोरेज की स्थिति तथा लेबल पर दी गई जानकारी को भी देखें। वहीं नियामक एजेंसियों के लिए जरूरी है कि निरीक्षण के बाद सुधार की प्रक्रिया की भी प्रभावी निगरानी हो, ताकि कार्रवाई केवल लाइसेंस सस्पेंड करने तक सीमित न रहे और खाद्य सुरक्षा मानकों का वास्तविक पालन सुनिश्चित हो सके।

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