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Mutual Fund: 7 साल में कई इक्विटी फंड ने पैसा किया 4 गुना, Small Cap से लेकर Flexi Cap तक ये फंड रहे आगे

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | Mutual Fund में निवेश करने वालों के लिए पिछले सात साल का प्रदर्शन काफी अहम रहा। कई Equity Funds ने निवेश को चार गुना से ज्यादा बढ़ाया।

म्यूचुअल फंड के जरिए शेयर बाजार में निवेश करने वाले लोगों के लिए पिछले सात साल का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा है। Equity Mutual Fund की अलग-अलग कैटेगरी में कई योजनाओं ने निवेशकों की रकम को कई गुना बढ़ाया है। उपलब्ध प्रदर्शन विश्लेषण के मुताबिक, 189 इक्विटी म्यूचुअल फंड में करीब 27 योजनाएं ऐसी रहीं, जिन्होंने सात साल की अवधि में शुरुआती निवेश को चार गुना या उससे अधिक किया। इनमें कुछ फंडों का प्रदर्शन 4.3 गुना से भी ऊपर रहा।

अगर सात साल पहले किसी निवेशक ने इन बेहतर प्रदर्शन करने वाले फंडों में एकमुश्त 1 लाख रुपये लगाए होते, तो कई योजनाओं में यह रकम आज 4 लाख रुपये से ज्यादा हो सकती थी। सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले फंड में 1 लाख रुपये की राशि 7 लाख रुपये से भी अधिक पहुंचने का आंकड़ा सामने आया है।

इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से Small Cap Funds, Mid Cap Funds, Flexi Cap Fund और ELSS Fund शामिल रहे। हालांकि, पिछले प्रदर्शन को भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं माना जा सकता।

Small Cap Funds का रहा दबदबा

सात साल के प्रदर्शन में Small Cap Funds ने सबसे ज्यादा प्रभाव छोड़ा। इस कैटेगरी में Quant Small Cap Fund सबसे ऊपर रहा। आंकड़ों के मुताबिक, इस फंड ने सात साल में निवेश को करीब 7.75 गुना किया। यानी सात साल पहले लगाए गए 1 लाख रुपये की वैल्यू करीब 7.75 लाख रुपये तक पहुंची। इस अवधि में फंड का CAGR करीब 33.97 फीसदी रहा।

इसके बाद Bank of India Small Cap Fund ने करीब 6.12 गुना, Nippon India Small Cap Fund ने 5.30 गुना और Invesco India Smallcap Fund ने 5.06 गुना वृद्धि दर्ज की।

बेहतर प्रदर्शन करने वाले Small Cap Funds

फंड

7 साल में निवेश कितने गुना

Quant Small Cap Fund

7.75 गुना

Bank of India Small Cap Fund

6.12 गुना

Nippon India Small Cap Fund

5.30 गुना

Invesco India Smallcap Fund

5.06 गुना

Union Small Cap Fund

4.82 गुना

DSP Small Cap Fund

4.77 गुना

Edelweiss Small Cap Fund

4.76 गुना

Bank of India Small Cap Fund का इस अवधि में CAGR करीब 29.52 फीसदी और Nippon India Small Cap Fund का CAGR लगभग 26.89 फीसदी रहा।

Small Cap में ज्यादा रिटर्न के साथ ज्यादा जोखिम

Small Cap Funds मुख्य रूप से छोटी कंपनियों में निवेश करते हैं। इन कंपनियों में कारोबार बढ़ने की संभावना अधिक हो सकती है, लेकिन इनके शेयरों में उतार-चढ़ाव भी अपेक्षाकृत ज्यादा रहता है। बाजार में तेजी के दौरान Small Cap कंपनियां तेज प्रदर्शन कर सकती हैं, जबकि गिरावट के समय इन पर दबाव भी अधिक देखने को मिल सकता है।

यही वजह है कि केवल सात साल के रिटर्न को देखकर किसी Small Cap Fund में निवेश करने का फैसला करना उचित नहीं माना जाता। निवेश से पहले जोखिम, फंड की रणनीति, खर्च, पोर्टफोलियो और निवेशक की अपनी जोखिम क्षमता को समझना जरूरी है।

Quant ELSS Tax Saver Fund भी टॉप प्रदर्शनकर्ताओं में

Tax Saving Category से जुड़ा Quant ELSS Tax Saver Fund भी बेहतर प्रदर्शन करने वाले फंडों की सूची में शामिल रहा। आंकड़ों के अनुसार, इस फंड ने सात साल में निवेश को करीब 4.75 गुना किया। इस अवधि में इसका CAGR लगभग 24.88 फीसदी रहा।

ELSS यानी Equity Linked Savings Scheme इक्विटी में निवेश करने वाली टैक्स-सेविंग कैटेगरी है। इसमें निवेशकों को आयकर कानून के तहत निर्धारित शर्तों के अनुसार टैक्स लाभ मिल सकता है। हालांकि, निवेश से पहले मौजूदा टैक्स नियम और लॉक-इन अवधि को समझना जरूरी है।

Flexi Cap में भी मजबूत प्रदर्शन

Flexi Cap Funds को पोर्टफोलियो में निवेश की आजादी के कारण अलग नजर से देखा जाता है। इस कैटेगरी में फंड मैनेजर बाजार की परिस्थितियों के अनुसार Large Cap, Mid Cap और Small Cap कंपनियों में निवेश का अनुपात बदल सकते हैं।

सात साल के प्रदर्शन में Quant Flexi Cap Fund ने भी बेहतर नतीजे दिए। इसका CAGR करीब 24.71 फीसदी रहा। हालांकि, किसी भी Flexi Cap Fund का चुनाव केवल पुराने रिटर्न के आधार पर करना उचित नहीं है।

Mid Cap Funds ने भी निवेशकों को किया मजबूत रिटर्न

Top Performing Equity Funds की सूची में Mid Cap Category की कई योजनाएं भी शामिल रहीं। इन फंडों ने सात साल की अवधि में 1 लाख रुपये के निवेश को करीब 4.33 लाख रुपये से 4.50 लाख रुपये के बीच पहुंचाया।

फंड

7 साल में निवेश कितने गुना

Edelweiss Mid Cap Fund

4.50 गुना

Motilal Oswal Midcap Fund

4.42 गुना

Invesco India Midcap Fund

4.42 गुना

Nippon India Growth Mid Cap Fund

4.37 गुना

Quant Mid Cap Fund

4.33 गुना

वहीं, विश्लेषण में शामिल 174 अन्य फंडों ने सात साल की अवधि में निवेश को लगभग 1.99 गुना से 4.28 गुना तक बढ़ाया। उदाहरण के तौर पर HDFC Mid Cap Fund ने करीब 4.27 गुना प्रदर्शन किया और इसका CAGR लगभग 23.04 फीसदी रहा।

इसी अवधि में SBI Contra Fund ने करीब 3.89 गुना, Parag Parikh Flexi Cap Fund ने 3.32 गुना और SBI ELSS Tax Saver Fund ने लगभग 3.26 गुना का प्रदर्शन किया।

निवेश से पहले क्या समझना जरूरी है?

Mutual Fund में मिलने वाला रिटर्न बाजार से जुड़ा होता है। इसलिए किसी फंड का पिछला प्रदर्शन देखकर यह मान लेना सही नहीं है कि आने वाले वर्षों में भी वही रिटर्न मिलेगा। Small Cap और Mid Cap जैसे फंडों में उतार-चढ़ाव अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है, जबकि अलग-अलग निवेशकों की जोखिम उठाने की क्षमता भी अलग होती है।

एकमुश्त निवेश के अलावा कई निवेशक SIP के जरिए भी Equity Funds में निवेश करते हैं। लेकिन SIP हो या Lump Sum, निवेश से पहले फंड की कैटेगरी, जोखिम स्तर, निवेश रणनीति, पोर्टफोलियो और अपने वित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखना जरूरी है।

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पिछले रिटर्न से ज्यादा जरूरी है सही चुनाव

इक्विटी म्यूचुअल फंड की सात साल की तस्वीर निश्चित रूप से मजबूत रही है। कई योजनाओं ने निवेशकों की रकम को चार गुना से अधिक बढ़ाया है और कुछ फंडों ने इससे भी कहीं बेहतर प्रदर्शन किया। लेकिन निवेश की दुनिया में केवल सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले फंड की तलाश हमेशा सही रणनीति नहीं होती।

किसी फंड का चुनाव निवेशक के लक्ष्य और जोखिम क्षमता के हिसाब से होना चाहिए। जो निवेशक ज्यादा जोखिम नहीं उठा सकते, उनके लिए केवल Small Cap के पुराने शानदार आंकड़ों से प्रभावित होकर निवेश करना नुकसानदेह हो सकता है। इसी तरह लंबे समय का लक्ष्य रखने वाले निवेशक Diversification और Asset Allocation को नजरअंदाज नहीं कर सकते।

बाजार में तेजी और गिरावट दोनों आती हैं। इसलिए सात साल के शानदार आंकड़ों को निवेश का अंतिम आधार बनाने के बजाय फंड की पूरी प्रोफाइल और अपनी वित्तीय जरूरतों का आकलन करना अधिक महत्वपूर्ण है। जरूरत पड़ने पर SEBI Registered Financial Advisor से सलाह लेकर ही निवेश का फैसला करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

डिस्क्लेमर: यह खबर केवल शैक्षणिक और सूचनात्मक उद्देश्य से तैयार की गई है। इसमें किसी Mutual Fund, Stock, ETF या अन्य निवेश साधन में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। बाजार से जुड़े निवेश में जोखिम होता है। निवेश करने से पहले संबंधित दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें और आवश्यकता होने पर SEBI Registered Financial Advisor की सलाह लें।

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