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Business News: YES Bank के लोन-डिपॉजिट में जोरदार बढ़ोतरी, CASA Ratio घटा; निवेशकों की नजर शेयर पर

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | YES Bank के सितंबर तिमाही बिजनेस अपडेट में लोन और डिपॉजिट में बढ़ोतरी, CASA Ratio और FII होल्डिंग से जुड़े अहम आंकड़े सामने आए।

प्राइवेट सेक्टर के YES Bank ने वित्त वर्ष 2026-27 की सितंबर तिमाही के लिए अपना बिजनेस अपडेट जारी किया है। बैंक के आंकड़ों में लोन और डिपॉजिट दोनों में तिमाही आधार पर अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 30 सितंबर 2026 तक बैंक का कुल लोन और एडवांस 3,09,675 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं डिपॉजिट बढ़कर 3,54,084 करोड़ रुपये हो गया। बिजनेस अपडेट के बाद बैंक के शेयर पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।

लोन बुक में तिमाही आधार पर 8.6% की वृद्धि

YES Bank के एडवांस में पिछली तिमाही के मुकाबले 8.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 30 सितंबर तक यह आंकड़ा 3,09,675 करोड़ रुपये रहा। सालाना आधार पर भी बैंक की लोन बुक में मजबूत वृद्धि दिखाई दी है।

एक साल पहले की समान अवधि में बैंक के लोन और एडवांस करीब 2,50,212 करोड़ रुपये थे। मौजूदा आंकड़े के मुकाबले यह करीब 23.8 प्रतिशत की सालाना वृद्धि को दर्शाता है।

डिपॉजिट में भी मजबूत ग्रोथ

बैंक के लिए डिपॉजिट मोर्चे पर भी सितंबर तिमाही सकारात्मक रही। 30 सितंबर 2026 तक कुल डिपॉजिट 3,54,084 करोड़ रुपये दर्ज हुआ, जो पिछली तिमाही की तुलना में 12.3 प्रतिशत अधिक है।

सालाना आधार पर भी डिपॉजिट में करीब 19.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि उपलब्ध आंकड़ों में पिछले साल के डिपॉजिट से जुड़ी एक राशि में असंगति दिखाई देती है, इसलिए यहां सालाना वृद्धि को बैंक के बताए प्रतिशत के आधार पर देखा जाना चाहिए।

CASA डिपॉजिट बढ़ा, लेकिन CASA Ratio में गिरावट

YES Bank के करेंट अकाउंट और सेविंग्स अकाउंट यानी CASA डिपॉजिट में भी बढ़ोतरी हुई है। 30 सितंबर तक CASA डिपॉजिट 1,06,255 करोड़ रुपये रहा। जून तिमाही में यह 1,03,233 करोड़ रुपये था। इस तरह तिमाही आधार पर CASA में 2.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

एक साल पहले के 99,708 करोड़ रुपये की तुलना में CASA डिपॉजिट करीब 6.6 प्रतिशत बढ़ा है।

हालांकि CASA Ratio में गिरावट आई है। सितंबर के अंत में यह 30 प्रतिशत रहा, जबकि जून तिमाही में 32.7 प्रतिशत और एक साल पहले 33.7 प्रतिशत था। CASA Ratio से बैंक की कुल जमा राशि में करेंट और सेविंग अकाउंट की हिस्सेदारी का पता चलता है।

Certificate of Deposit में भी बढ़ोतरी

30 सितंबर 2026 तक बैंक के Certificate of Deposit करीब 11,382 करोड़ रुपये रहे। जून के अंत में यह आंकड़ा 6,604 करोड़ रुपये था। यानी तिमाही के दौरान इसमें उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

Credit-to-Deposit Ratio घटा

YES Bank का Credit-to-Deposit Ratio सितंबर के अंत में 87.5 प्रतिशत रहा। जून तिमाही में यह 90.4 प्रतिशत था। हालांकि सालाना आधार पर इसमें बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि एक साल पहले यह अनुपात 84.5 प्रतिशत था।

यह अनुपात बताता है कि बैंक द्वारा जुटाई गई कुल जमा राशि का कितना हिस्सा लोन देने में इस्तेमाल हो रहा है।

Liquidity Coverage Ratio 131.4%

कंसोलिडेटेड आधार पर बैंक का औसत तिमाही Liquidity Coverage Ratio 131.4 प्रतिशत रहा। जून तिमाही में यह 138.2 प्रतिशत और एक साल पहले 125.1 प्रतिशत था। इस आंकड़े से बैंक की अल्पकालिक लिक्विडिटी स्थिति का आकलन किया जाता है।

FCNR और FCTL का असर हटाने पर एडवांस ग्रोथ कम

बैंक ने यह भी बताया कि Gift City शाखा से जुड़े FCNR(B) डिपॉजिट और संबंधित Foreign Currency Term Loans के प्रभाव को अलग कर देखा जाए तो एडवांस में तिमाही आधार पर वृद्धि 3.3 प्रतिशत रही।

यह वृद्धि पिछली तिमाही में दर्ज 17.7 प्रतिशत की वृद्धि के मुकाबले काफी कम है। इससे बैंक की सामान्य घरेलू लोन ग्रोथ को अलग से देखने का संकेत मिलता है।

YES Bank में FII की बड़ी हिस्सेदारी

YES Bank में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की हिस्सेदारी भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बिंदु है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक जून 2026 तक FII के पास बैंक की करीब 46.1 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। यह बैंक के प्रमुख निवेशक समूहों में विदेशी संस्थागत निवेशकों की मजबूत मौजूदगी को दिखाता है।

निवेशकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह अपडेट?

YES Bank के सितंबर तिमाही अपडेट में एक तरफ लोन और डिपॉजिट में मजबूत तिमाही वृद्धि दिखाई देती है, जबकि दूसरी तरफ CASA Ratio में गिरावट और FCNR/FCTL प्रभाव को हटाने पर एडवांस ग्रोथ कम रहने जैसे संकेत भी सामने आते हैं।

इसलिए सिर्फ लोन और डिपॉजिट की बढ़ोतरी देखकर बैंक के शेयर पर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। निवेशकों को आगे बैंक के तिमाही वित्तीय नतीजों, नेट इंटरेस्ट मार्जिन, एसेट क्वालिटी, मुनाफे और अन्य प्रमुख वित्तीय संकेतकों को भी देखना होगा।

यह भी पढ़ें: बैंकिंग सेक्टर और शेयर बाजार से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण खबरें पढ़ने के लिए आलम की खबर की बिजनेस रिपोर्ट देखें।

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