:
Breaking News

Business News: Jio Platforms IPO से पहले एंकर निवेशकों की भारी मांग, ₹8,110 करोड़ के शेयर आवंटित

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | Jio Platforms IPO 21 अक्टूबर से खुलेगा। एंकर निवेशकों को ₹8,110 करोड़ के शेयर मिले, जबकि प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर तय किया गया है।

20 अक्टूबर 2026, Alam Ki Khabar: मुंबई: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और दूरसंचार क्षेत्र की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित आईपीओ को लेकर शेयर बाजार में हलचल तेज हो गई है। आम निवेशकों के लिए यह इश्यू 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर तक आवेदन किया जा सकेगा। इससे पहले एंकर निवेशकों के हिस्से में जबरदस्त मांग देखने को मिली है। कंपनी ने संस्थागत निवेशकों को करीब 8,110 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए हैं।


कंपनी के आवंटन विवरण के अनुसार, एंकर निवेशकों को कुल 7,24,74,066 शेयर 1,119 रुपये प्रति शेयर की दर से दिए गए। इन शेयरों का कुल मूल्य लगभग 8,109.85 करोड़ रुपये है। रिपोर्टों के मुताबिक, एंकर हिस्से के लिए लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये की मांग आई, जो उपलब्ध आवंटन के मुकाबले 30 गुना से अधिक थी। हालांकि, एंकर निवेशकों की यह मांग आम निवेशकों की ओर से आने वाली मांग या शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद मिलने वाले रिटर्न की गारंटी नहीं है।


LIC और विदेशी संस्थानों को भी मिला आवंटन


एंकर निवेशकों की सूची में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), गवर्नमेंट ऑफ सिंगापुर, BNP पारिबा फाइनेंशियल मार्केट्स और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे बड़े संस्थागत निवेशक शामिल हैं। LIC को करीब 500 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित हुए, जबकि गवर्नमेंट ऑफ सिंगापुर को लगभग 341 करोड़ रुपये के शेयर मिले। BNP पारिबा फाइनेंशियल मार्केट्स का आवंटन करीब 303 करोड़ रुपये का रहा।


इसके अलावा BlackRock, Fidelity, Capital Group, Schroders और Norges Bank से जुड़े निवेश फंडों को भी शेयर मिले हैं। भारत की कई प्रमुख म्युचुअल फंड कंपनियों की अलग-अलग योजनाओं ने भी इस आवंटन में भाग लिया। कंपनी के दस्तावेज में 212 क्रमांकित आवंटन दर्ज हैं, लेकिन अलग-अलग म्युचुअल फंड योजनाओं के कारण इन्हें 212 अलग-अलग निवेशक संस्थान मानना सही नहीं होगा।


म्युचुअल फंड और बीमा कंपनियों की भागीदारी


जियो के एंकर हिस्से में HDFC, ICICI Prudential, SBI, Nippon India, Kotak और Aditya Birla Sun Life समेत कई म्युचुअल फंड कंपनियों की योजनाओं को शेयर आवंटित किए गए। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, 95 म्युचुअल फंड योजनाओं को कुल एंकर आवंटन का लगभग 34.34 फीसदी हिस्सा मिला।


बीमा और पेंशन क्षेत्र के निवेशकों को भी आवंटन हुआ। इस श्रेणी में LIC के अलावा HDFC Life, SBI Life और ICICI Prudential Life जैसी कंपनियों तथा विभिन्न पेंशन फंडों की भागीदारी शामिल है। कंपनी के आवंटन विवरण में बीमा और पेंशन निवेशकों को कुल 97,40,424 शेयर दिए जाने का उल्लेख है।


क्या है जियो आईपीओ का प्राइस बैंड?


जियो प्लेटफॉर्म्स ने आईपीओ के लिए 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। कंपनी इस इश्यू के जरिये करीब 30,200 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसमें लगभग 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाने हैं। प्रस्तावित आकार के लिहाज से यह भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल होगा और देश का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है।


ऊपरी मूल्य सीमा पर कंपनी का अनुमानित मूल्यांकन करीब 108 अरब डॉलर के आसपास बैठता है। आम निवेशकों को आवेदन करने से पहले आईपीओ के आधिकारिक दस्तावेज, पात्रता, आवेदन की शर्तें और अपने निवेश की क्षमता ध्यान से देखनी चाहिए।


आईपीओ से जुटाई रकम कहां खर्च होगी?


कंपनी के दस्तावेजों के मुताबिक, जुटाई गई रकम का बड़ा हिस्सा उसकी दूरसंचार सहायक कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कुछ कर्ज को चुकाने या पहले से चुकाने में इस्तेमाल किया जाएगा। बाकी राशि सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए रखी जाएगी। अलग से सूचीबद्ध होने के बाद निवेशकों को जियो प्लेटफॉर्म्स के डिजिटल और दूरसंचार कारोबार में सीधे निवेश करने का अवसर मिलेगा।


जियो की सेवाओं में मोबाइल कनेक्टिविटी, ब्रॉडबैंड, डिजिटल मनोरंजन, क्लाउड और उद्यमों के लिए डिजिटल सेवाएं शामिल हैं। जून 2026 तक कंपनी का ग्राहक आधार लगभग 53.33 करोड़ बताया गया था। कंपनी की डिजिटल सेवाओं और बड़े ग्राहक आधार को निवेशकों की दिलचस्पी के प्रमुख कारणों में गिना जा रहा है।


निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?


एंकर निवेशकों से मिली भारी मांग जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में बड़े संस्थानों की रुचि दिखाती है। लेकिन किसी आईपीओ में निवेश करने का फैसला केवल एंकर आवंटन या मांग के आंकड़ों के आधार पर नहीं करना चाहिए। कंपनी के वित्तीय नतीजों, जोखिमों, मूल्यांकन और निवेश अवधि को समझना भी जरूरी है। आम निवेशकों की वास्तविक प्रतिक्रिया 21 अक्टूबर को इश्यू खुलने के बाद ही सामने आएगी।


यह भी पढ़ें: शेयर बाजार और कारोबार से जुड़ी अन्य खबरों के लिए Alam Ki Khabar पढ़ते रहें।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *