:
Breaking News

Defence Stocks Rally: 53,866 करोड़ के युद्धपोत ऑर्डर से GRSE में 7% की उछाल, इन डिफेंस शेयरों में भी तेजी

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | भारतीय नौसेना के लिए 53,866 करोड़ रुपये के युद्धपोत निर्माण सौदे के बाद GRSE, मझगांव डॉक, HAL और BEL समेत कई डिफेंस शेयरों में तेजी दर्ज की गई। जानिए किन शेयरों में आई बढ़त और रोजगार पर क्या होगा असर।

3 नवंबर 2026 | Alam Ki Khabar


भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को रक्षा क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में तेजी का माहौल देखने को मिला। भारतीय नौसेना के लिए आठ अगली पीढ़ी के युद्धपोत बनाने के 53,866.50 करोड़ रुपये के बड़े रक्षा सौदे ने निवेशकों का ध्यान इस सेक्टर की ओर खींचा। इसका असर खास तौर पर युद्धपोत निर्माण से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर दिखाई दिया। हालांकि, बाजार में सभी डिफेंस कंपनियों के शेयरों में तेजी नहीं रही और कुछ शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए।


GRSE को पांच और GSL को तीन युद्धपोत बनाने की जिम्मेदारी


रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना के लिए आठ नेक्स्ट जेनरेशन कॉर्वेट (NGC) के निर्माण को लेकर गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) और गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) के साथ 53,866.50 करोड़ रुपये के समझौते किए हैं।


इस परियोजना के तहत GRSE को पांच युद्धपोत बनाने हैं, जबकि GSL शेष तीन युद्धपोतों का निर्माण करेगी। खास बात यह है कि इन युद्धपोतों का डिजाइन भारतीय नौसेना की ओर से स्वदेशी रूप से तैयार किया जाएगा और निर्माण रक्षा क्षेत्र की सार्वजनिक कंपनियां करेंगी।


GRSE के शेयर में सबसे ज्यादा उछाल


इस बड़े रक्षा सौदे की खबर के बाद GRSE के शेयर में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। मंगलवार के कारोबार में कंपनी का शेयर 7.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,191.40 रुपये पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान इसने 2,235 रुपये का स्तर भी छुआ।


इसके अलावा मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स के शेयर में 5.05 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 1,819 रुपये पर पहुंच गया। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) का शेयर 2.18 प्रतिशत बढ़कर 4,961 रुपये पर कारोबार करता दिखा।


BEL समेत इन कंपनियों के शेयर भी चढ़े


रक्षा क्षेत्र में खरीदारी का असर अन्य कंपनियों पर भी देखने को मिला। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के शेयर में 1.46 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। कोचीन शिपयार्ड के शेयर 3.83 प्रतिशत और भारत डायनेमिक्स के शेयर 3.25 प्रतिशत चढ़े।


सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया में 3.14 प्रतिशत की तेजी रही। वहीं डेटा पैटर्न्स, भारत फोर्ज और पारस डिफेंस के शेयर भी बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।


हालांकि, इस तेजी के बीच जेन टेक्नोलॉजीज और MTAR टेक्नोलॉजीज के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ रहा कि रक्षा क्षेत्र की कंपनियों में खरीदारी का रुझान एक जैसा नहीं था।


आधुनिक हथियारों और सेंसर से लैस होंगे नए युद्धपोत


रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, प्रस्तावित युद्धपोत आधुनिक मिसाइलों, हथियार प्रणालियों और अत्याधुनिक सेंसर से लैस होंगे। इनकी क्षमता समुद्र की सतह, पानी के भीतर और हवाई क्षेत्र से आने वाले खतरों का मुकाबला करने की होगी।


नौसेना इनका इस्तेमाल समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा, दुश्मन के जहाजों की निगरानी और पनडुब्बियों से जुड़े खतरों से निपटने के लिए कर सकेगी। हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक चुनौतियों के बीच यह परियोजना भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमता मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


10 साल में रोजगार के बड़े अवसर बनने की उम्मीद


इस परियोजना का असर केवल रक्षा कंपनियों तक सीमित रहने वाला नहीं है। रक्षा मंत्रालय के अनुमान के अनुसार, युद्धपोत निर्माण से अगले 10 वर्षों में शिपयार्ड में करीब 72 लाख व्यक्ति-दिवस रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।


इसके साथ ही सहायक उद्योगों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए लगभग 460 लाख व्यक्ति-दिवस रोजगार के अवसर बनने का अनुमान है।


इससे युद्धपोत निर्माण से जुड़े छोटे उद्योगों, उपकरण निर्माताओं, तकनीकी सेवाओं और सप्लाई चेन में काम करने वाली कंपनियों को भी अवसर मिल सकते हैं। इस तरह 53,866.50 करोड़ रुपये की यह परियोजना भारतीय रक्षा निर्माण के साथ-साथ घरेलू औद्योगिक गतिविधियों को भी गति दे सकती है।


कुल मिलाकर, नौसेना के इस बड़े ऑर्डर ने मंगलवार को डिफेंस शेयरों में नई हलचल पैदा कर दी। हालांकि, शेयर बाजार में आई तेजी को भविष्य में मुनाफे की गारंटी नहीं माना जा सकता।


निवेश संबंधी सावधानी: यह खबर केवल कारोबारी घटनाक्रम की जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे किसी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह नहीं समझा जाना चाहिए। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।


पूरी खबर पढ़ने के लिए Alam Ki Khabar पढ़ें।


यह भी पढ़ें: रक्षा क्षेत्र से जुड़ी अन्य कारोबारी खबरें।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *