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भीषण गर्मी और बदलते मौसम में सेहत पर बड़ा खतरा, डिहाइड्रेशन और हीटवेव से बचाव को लेकर विशेषज्ञों ने दी अहम सलाह

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गर्मी और बदलते मौसम में सेहत पर बढ़ते खतरे को देखते हुए डॉक्टरों ने महत्वपूर्ण सलाह दी है। जानिए कैसे डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और कमजोरी से बचकर अपनी सेहत को सुरक्षित रखें।

गर्मी का मौसम जैसे-जैसे अपने चरम पर पहुंच रहा है, वैसे-वैसे स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं भी तेजी से बढ़ती जा रही हैं। बिहार सहित पूरे उत्तर भारत में तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे लोगों को डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, थकान, चक्कर आना और कमजोरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो यह मौसम गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।

डॉक्टरों के अनुसार इस समय सबसे ज्यादा खतरा बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को है। शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) और अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर का तापमान असंतुलित हो जाता है, जिससे कई बार स्थिति गंभीर भी हो सकती है। इसलिए लोगों को अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करने की सलाह दी जा रही है।

हीटवेव से बचाव सबसे जरूरी, पानी की कमी न होने दें

विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में शरीर को सबसे ज्यादा जरूरत पानी की होती है। यदि शरीर में पानी की कमी हो जाती है तो इसका असर तुरंत स्वास्थ्य पर दिखाई देता है। बार-बार प्यास लगना, सिर दर्द, चक्कर आना और कमजोरी इसके शुरुआती लक्षण हैं।

डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और बाहर निकलते समय हमेशा पानी की बोतल साथ रखें। इसके अलावा नींबू पानी, नारियल पानी और ओआरएस का उपयोग भी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।

खानपान में बदलाव से मिल सकती है बड़ी राहत

गर्मी के मौसम में खानपान पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी हो जाता है। तैलीय और भारी भोजन से बचना चाहिए क्योंकि यह शरीर में गर्मी बढ़ाता है। इसके बजाय हल्का और ताजा भोजन जैसे सलाद, फल, दही और हरी सब्जियों का सेवन अधिक लाभकारी माना जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि तरबूज, खरबूजा, खीरा और संतरा जैसे फलों का सेवन शरीर को ठंडक देता है और पानी की कमी को भी पूरा करता है। साथ ही दिन में छोटे-छोटे अंतराल पर भोजन करना बेहतर रहता है ताकि पाचन तंत्र पर ज्यादा दबाव न पड़े।

लू और हीट स्ट्रोक के लक्षणों को न करें नजरअंदाज

गर्मी के मौसम में लू लगना एक गंभीर समस्या है। इसके शुरुआती लक्षणों में तेज सिर दर्द, उल्टी, अत्यधिक पसीना या अचानक पसीना बंद हो जाना, तेज बुखार और बेहोशी शामिल हैं। यदि किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत उसे ठंडी जगह पर ले जाकर प्राथमिक उपचार देना चाहिए।

डॉक्टरों का कहना है कि हीट स्ट्रोक की स्थिति में देरी खतरनाक साबित हो सकती है। इसलिए तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है। ठंडे पानी की पट्टियां और ORS का घोल शुरुआती राहत प्रदान कर सकता है।

योग और हल्का व्यायाम से शरीर रहेगा फिट

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी के मौसम में भी हल्का व्यायाम और योग शरीर के लिए फायदेमंद होता है। सुबह जल्दी उठकर योग करने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और मानसिक तनाव भी कम होता है।

प्राणायाम, अनुलोम-विलोम और हल्की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज शरीर को सक्रिय रखने में मदद करती हैं। हालांकि दोपहर के समय भारी व्यायाम से बचना चाहिए क्योंकि उस समय तापमान सबसे अधिक होता है।

जीवनशैली में छोटे बदलाव से बड़ी सुरक्षा

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे पाते, जिससे गर्मी के मौसम में समस्याएं और बढ़ जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि दिनचर्या में छोटे बदलाव करके बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है।

जैसे कि धूप में बाहर निकलते समय टोपी, चश्मा और हल्के कपड़े पहनना चाहिए। साथ ही कोशिश करनी चाहिए कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचा जाए। घर में भी पंखा, कूलर या एसी का सही उपयोग करना जरूरी है।

बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान

गर्मी के मौसम में बच्चों और बुजुर्गों की सेहत का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। बच्चों को बार-बार पानी पिलाना चाहिए और उन्हें ज्यादा देर तक धूप में खेलने से रोकना चाहिए। वहीं बुजुर्गों को ठंडी और हवादार जगह पर रखना चाहिए।

डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में इन दोनों वर्गों में हीट स्ट्रोक का खतरा सबसे ज्यादा होता है, इसलिए परिवार के सदस्यों को सतर्क रहना चाहिए।

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