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Monsoon Health Alert: डेंगू या टाइफाइड? तेज बुखार में ऐसे पहचानें फर्क, डॉक्टरों ने दी जरूरी सलाह

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मानसून के दौरान डेंगू और टाइफाइड के मामले बढ़ रहे हैं। दोनों बीमारियों के लक्षण कई बार एक जैसे दिखते हैं। डॉक्टरों ने तेज बुखार, पेट दर्द और कमजोरी होने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी है।

नई दिल्ली, 26 जुलाई।मानसून के मौसम में डेंगू, टाइफाइड और मलेरिया जैसी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अस्पतालों में तेज बुखार, पेट दर्द, उल्टी, शरीर दर्द और कमजोरी की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के मौसम में लंबे समय तक रहने वाले बुखार को सामान्य वायरल संक्रमण मानकर नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू और टाइफाइड के शुरुआती लक्षण कई बार एक जैसे दिखाई देते हैं, जिससे सही समय पर बीमारी की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। दोनों में तेज बुखार और कमजोरी होती है, लेकिन इनके कारण और इलाज पूरी तरह अलग हैं। इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना दवा लेने के बजाय समय पर जांच कराना जरूरी है।

डॉक्टरों के अनुसार टाइफाइड साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया के कारण होता है। यह बीमारी मुख्य रूप से दूषित भोजन और गंदे पानी के सेवन से फैलती है। यदि समय पर इलाज न मिले तो संक्रमण आंतों तक पहुंचकर गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकता है। टाइफाइड में बुखार कई दिनों तक लगातार बना रहता है। इसके साथ पेट दर्द, भूख कम लगना, सिरदर्द, कमजोरी और थकान जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं।

दूसरी ओर डेंगू एक वायरल संक्रमण है, जो संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। इसमें अचानक तेज बुखार, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते और प्लेटलेट्स कम होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर स्थिति में मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तेज बुखार दो दिन से अधिक बना रहे, लगातार पेट दर्द हो, उल्टी, चक्कर, अत्यधिक कमजोरी या बेहोशी जैसी स्थिति महसूस हो तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर जांच और सही इलाज से दोनों बीमारियों पर आसानी से काबू पाया जा सकता है।

डॉक्टर लोगों को साफ पानी पीने, ताजा भोजन करने, घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देने, पूरी बाजू के कपड़े पहनने और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दे रहे हैं। मानसून के दौरान थोड़ी सी सावधानी गंभीर बीमारियों से बचा सकती है।

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विशेष टिप्पणी: मानसून के मौसम में तेज बुखार को साधारण वायरल संक्रमण समझकर अनदेखा करना जोखिम भरा हो सकता है। डेंगू और टाइफाइड दोनों का समय पर पता लगना इलाज को आसान बनाता है। इसलिए लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह और आवश्यक जांच कराना सबसे सुरक्षित कदम है।

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