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Health News: दर्द में तुरंत पेनकिलर लेने की आदत पड़ सकती है भारी, दवा खाते समय इन बातों का रखें ध्यान

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Alam Ki Khabar | Health News | Painkiller News | दर्द में बार-बार या गलत तरीके से पेनकिलर लेना नुकसानदायक हो सकता है। दवा की खुराक, अंतराल, भोजन और डॉक्टर की सलाह से जुड़ी जरूरी सावधानियां जानें।

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सिरदर्द हो, गर्दन में खिंचाव हो, पैर में दर्द हो या शरीर के किसी दूसरे हिस्से में तकलीफ—कई लोग राहत के लिए सबसे पहले पेनकिलर का सहारा लेते हैं। मेडिकल स्टोर से कई दर्द निवारक दवाएं आसानी से उपलब्ध होने के कारण इन्हें लेना लोगों के लिए काफी सामान्य हो गया है। समस्या तब शुरू होती है जब दर्द का कारण जाने बिना बार-बार दवा लेना या उसकी खुराक अपने हिसाब से बदलना आदत बन जाए।

दर्द को दबाना और दर्द के कारण का इलाज करना दो अलग-अलग बातें हैं। कुछ दर्द मामूली हो सकते हैं और थोड़े समय में ठीक हो जाते हैं, लेकिन लगातार या बार-बार होने वाला दर्द किसी दूसरी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। ऐसे में केवल पेनकिलर लेकर दर्द को दबाते रहना सही तरीका नहीं माना जाता।

हर दर्द के लिए एक ही पेनकिलर सही नहीं

पेनकिलर कई प्रकार की होती हैं और सभी दवाओं का काम एक जैसा नहीं होता। अलग-अलग दवाओं के अलग प्रभाव और जोखिम हो सकते हैं। इसलिए किसी व्यक्ति को पहले जिस दवा से आराम मिला हो, जरूरी नहीं कि वही दवा हर बार या हर तरह के दर्द में उचित हो।

बिना चिकित्सकीय सलाह के लंबे समय तक किसी दर्द निवारक दवा का इस्तेमाल करने से पहले उसकी जानकारी समझना जरूरी है। खासकर अगर व्यक्ति पहले से कोई दूसरी दवा ले रहा हो या उसे कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो, तो डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लेना अधिक सुरक्षित तरीका है।

दवा का लेबल पढ़ना क्यों जरूरी?

ओवर-द-काउंटर मिलने वाली दवाएं आसानी से उपलब्ध होने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें बिना सावधानी के लिया जा सकता है। दवा के पैकेट पर उसकी खुराक, चेतावनी, संभावित साइड इफेक्ट और किन लोगों को इसे लेने से बचना चाहिए जैसी महत्वपूर्ण जानकारी दी जा सकती है।

कई लोग दवा खरीदते समय इन निर्देशों को पढ़े बिना ही उसका सेवन शुरू कर देते हैं। यह आदत परेशानी बढ़ा सकती है। एक ही समय में अलग-अलग दवाएं लेने पर कभी-कभी उनमें एक ही सक्रिय घटक मौजूद हो सकता है, जिससे अनजाने में कुल खुराक बढ़ सकती है।

ज्यादा दर्द में जल्दी-जल्दी दोबारा दवा न लें

दर्द ज्यादा होने पर कुछ लोग निर्धारित समय से पहले ही पेनकिलर की दूसरी खुराक ले लेते हैं। यह गलती खतरनाक हो सकती है। हर दवा की खुराक और दो खुराक के बीच का अंतर अलग हो सकता है।

इसलिए किसी दवा को सिर्फ इसलिए जल्दी दोबारा नहीं लेना चाहिए कि दर्द अभी कम नहीं हुआ है। पैकेट पर दिए निर्देशों का पालन करना और डॉक्टर द्वारा बताई गई खुराक से अधिक दवा नहीं लेना जरूरी है।

विशेष रूप से दर्द लगातार बना रहे या दवा लेने के बावजूद बढ़ता जाए तो खुराक खुद बढ़ाने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।

खाली पेट दवा लेने की आदत से बचें

कुछ दर्द निवारक दवाएं पेट की परत को प्रभावित कर सकती हैं और पेट में जलन, दर्द या अल्सर जैसी समस्या का जोखिम बढ़ा सकती हैं। इसलिए हर पेनकिलर को एक ही तरीके से लेने का नियम नहीं बनाया जा सकता।

किसी दवा को भोजन के साथ या भोजन के बाद लेना है या नहीं, यह संबंधित दवा पर निर्भर करता है। इसलिए दवा के पैकेट पर दिए निर्देशों को पढ़ना जरूरी है। डॉक्टर या फार्मासिस्ट ने यदि कोई विशेष तरीका बताया है तो उसी का पालन करना चाहिए।

डॉक्टर से बचने के लिए पेनकिलर लेते रहना ठीक नहीं

कई लोग डॉक्टर के पास जाने से बचने के लिए कई दिनों तक दर्द की दवा लेते रहते हैं। यह सबसे बड़ी गलतियों में से एक हो सकती है।

अगर सिरदर्द, पेट दर्द, कमर दर्द, गर्दन का दर्द या शरीर के किसी हिस्से का दर्द बार-बार हो रहा है तो उसके पीछे कोई दूसरी वजह भी हो सकती है। ऐसी स्थिति में केवल दर्द कम करने वाली दवा लेते रहने से असली समस्या की पहचान देर से हो सकती है।

खासकर अचानक बहुत तेज दर्द, चोट के बाद दर्द, लगातार बढ़ता दर्द या अन्य असामान्य लक्षणों के साथ दर्द होने पर चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है।

किन लोगों को ज्यादा सावधानी की जरूरत?

पेनकिलर लेते समय बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और पहले से कोई बीमारी या नियमित दवा लेने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। किडनी, लीवर, पेट या हृदय से जुड़ी समस्या वाले लोगों को बिना चिकित्सकीय सलाह के दर्द निवारक दवा लेना उचित नहीं माना जाता।

इसके अलावा, यदि किसी दवा से पहले एलर्जी या गंभीर प्रतिक्रिया हो चुकी है तो उसे दोबारा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

एक साथ कई दर्द की दवाएं लेने से बचें

दर्द जल्दी ठीक करने की कोशिश में कुछ लोग एक से अधिक पेनकिलर या अलग-अलग कॉम्बिनेशन वाली दवाएं एक साथ ले लेते हैं। यह तरीका जोखिम बढ़ा सकता है।

कई दवाओं में समान सक्रिय घटक हो सकते हैं। ऐसे में व्यक्ति को पता भी नहीं चलता और कुल खुराक जरूरत से ज्यादा हो सकती है। इसलिए एक से अधिक दवा लेने से पहले उनके घटकों और डॉक्टर की सलाह को समझना जरूरी है।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर दर्द बार-बार लौट रहा है, कई दिनों से बना हुआ है, लगातार बढ़ रहा है या सामान्य पेनकिलर से राहत नहीं मिल रही है तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

इसके अलावा चोट के बाद गंभीर दर्द, अचानक बहुत तेज सिरदर्द, सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, बेहोशी, कमजोरी या किसी अन्य गंभीर लक्षण के साथ दर्द हो तो इसे केवल पेनकिलर से दबाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

निष्कर्ष

पेनकिलर दर्द से राहत देने में उपयोगी हो सकती है, लेकिन इसे हर दर्द की स्थायी दवा समझना ठीक नहीं है। दवा की सही मात्रा, सही अंतराल, उपयोग संबंधी निर्देश और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति का ध्यान रखना जरूरी है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दर्द अगर बार-बार हो रहा है तो केवल दवा लेने के बजाय उसके कारण की जांच करानी चाहिए। बिना सलाह लंबे समय तक पेनकिलर लेने की आदत से बचना ही बेहतर है।

पेनकिलर लेते समय 6 जरूरी सावधानियां

दवा की खुराक खुद से न बढ़ाएं।

दो खुराक के बीच निर्धारित अंतर रखें।

दवा का लेबल और चेतावनी जरूर पढ़ें।

एक साथ कई दर्द निवारक दवाएं लेने से पहले सलाह लें।

लंबे समय तक बने दर्द को केवल पेनकिलर से न दबाएं।

लगातार या गंभीर दर्द होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।

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