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Lifestyle News: नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा को चढ़ाएं मलाई पेड़ा, घर पर इस आसान विधि से करें तैयार

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता को दूध और उससे बनी मिठाइयों का भोग लगाया जाता है। जानें घर पर केसर मलाई पेड़ा बनाने की आसान विधि।

Navratri 2026: मां चंद्रघंटा को लगाएं मलाई पेड़े का भोग, दूध और केसर से घर पर ऐसे बनाएं स्वादिष्ट मिठाई

शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की आराधना का विधान है। इस वर्ष 13 अक्टूबर को मां चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी। धार्मिक मान्यताओं में उन्हें साहस, शक्ति और निर्भयता का प्रतीक माना गया है। भक्त माता की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और शांति की कामना करते हैं।

नवरात्रि के दौरान पूजा में प्रसाद का विशेष महत्व होता है। परंपरा के अनुसार, मां चंद्रघंटा को दूध, खीर और दूध से बनी मिठाइयों का भोग अर्पित किया जाता है। ऐसे में घर पर तैयार किया गया केसर मलाई पेड़ा भोग के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसे दूध, पनीर, चीनी और इलायची जैसी सामग्री से बनाया जा सकता है।

बाजार से मिठाई लाने के बजाय अगर आप घर पर ही मलाई पेड़ा बनाना चाहते हैं, तो कुछ आसान चरणों की मदद से इसे तैयार कर सकते हैं।

मलाई पेड़ा बनाने के लिए जरूरी सामग्री

घर पर केसर मलाई पेड़ा तैयार करने के लिए इन चीजों की जरूरत होगी:

फुल क्रीम दूध – 4 से 5 कप

कद्दूकस किया हुआ पनीर – 200 ग्राम

मिल्क पाउडर – तीन-चौथाई कप

चीनी – आधा कप

अरारोट पाउडर – 1 बड़ा चम्मच

गर्म दूध – 2 छोटे चम्मच

इलायची पाउडर – एक-चौथाई छोटा चम्मच

घी – 1 बड़ा चम्मच

केसर – कुछ धागे

कटा हुआ पिस्ता – 1 बड़ा चम्मच

कटे हुए बादाम – 1 बड़ा चम्मच

सामग्री की मात्रा के अनुसार पेड़ों का आकार और संख्या तय की जा सकती है।

पहली स्टेप: दूध को अच्छी तरह गाढ़ा करें

सबसे पहले एक गहरे और भारी तले वाले पैन में फुल क्रीम दूध डालकर उबालें। दूध में उबाल आने के बाद आंच मध्यम कर दें और इसे धीरे-धीरे पकने दें। बीच-बीच में चम्मच चलाते रहें, ताकि दूध तली में चिपके नहीं।

दूध को तब तक पकाएं, जब तक उसकी मात्रा काफी कम होकर वह गाढ़ा न हो जाए। पैन के किनारों पर जमने वाली मलाई को भी खुरचकर दूध में मिलाते रहें। इससे पेड़े में मलाईदार स्वाद और बेहतर बनावट आएगी।

दूसरी स्टेप: दूध में केसर और चीनी मिलाएं

एक छोटी कटोरी में दो चम्मच गर्म दूध लें और उसमें केसर के कुछ धागे डालकर कुछ देर के लिए छोड़ दें। इससे दूध में केसर का रंग और खुशबू घुल जाएगी।

अब गाढ़े होते दूध में चीनी और केसर वाला दूध मिला दें। मिश्रण को कुछ मिनट और पकाएं। इस दौरान लगातार चलाते रहें, ताकि चीनी अच्छी तरह घुल जाए और दूध पैन की तली में न लगे।

तीसरी स्टेप: पनीर और मिल्क पाउडर डालें

अब कद्दूकस किया हुआ पनीर और मिल्क पाउडर डालकर मिश्रण को अच्छी तरह मिलाएं। ध्यान रखें कि इसमें बड़ी गांठें न बनें।

एक अलग कटोरी में अरारोट पाउडर को थोड़े से ठंडे या सामान्य तापमान वाले दूध के साथ मिलाकर चिकना घोल तैयार करें। इस घोल को धीरे-धीरे पैन में डालें और लगातार चलाते रहें।

मिश्रण को धीमी से मध्यम आंच पर पकाएं। कुछ समय बाद यह मावा जैसी गाढ़ी बनावट लेने लगेगा। इसे तब तक पकाएं, जब तक मिश्रण पैन के किनारों को छोड़ने न लगे।

चौथी स्टेप: इलायची और घी से बढ़ाएं स्वाद

जब मिश्रण गाढ़ा हो जाए, तब गैस बंद कर दें। इसमें इलायची पाउडर और घी डालकर अच्छी तरह मिलाएं। इलायची से पेड़े में अच्छी खुशबू आएगी, जबकि घी मिश्रण को चिकनापन देगा।

अब तैयार मिश्रण को एक प्लेट या बर्तन में निकालकर ठंडा होने दें। ध्यान रखें कि मिश्रण इतना ठंडा हो जाए कि उसे हाथों से आसानी से आकार दिया जा सके।

पांचवीं स्टेप: पेड़ों को दें आकर्षक आकार

मिश्रण ठंडा होने के बाद हाथों पर हल्का घी लगाएं। अब मिश्रण की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर उन्हें हल्के हाथ से दबाते हुए पेड़े का आकार दें।

हर पेड़े के ऊपर कटे हुए पिस्ते, बादाम और केसर के कुछ धागे लगाएं। इससे मिठाई देखने में आकर्षक लगेगी और स्वाद भी बढ़ेगा।

इस तरह घर पर तैयार हो जाएगा केसर मलाई पेड़ा। इसे पूजा के दौरान प्रसाद के रूप में अर्पित किया जा सकता है और परिवार के सदस्यों में भी बांटा जा सकता है।

मां चंद्रघंटा की पूजा में भोग का महत्व

धार्मिक मान्यताओं में मां चंद्रघंटा को दुर्गा का तीसरा स्वरूप माना गया है। उनके मस्तक पर अर्धचंद्र घंटी के आकार में सुशोभित रहता है, इसी कारण उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। उनका स्वरूप साहस, शक्ति और बुरी शक्तियों से रक्षा का प्रतीक माना जाता है।

नवरात्रि के तीसरे दिन भक्त सुबह स्नान के बाद पूजा की तैयारी करते हैं। माता को फूल, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित किया जाता है। दूध और उससे बनी मिठाइयों का भोग लगाने की परंपरा भी कई परिवारों में प्रचलित है। हालांकि, भोग की सामग्री क्षेत्र और परिवार की परंपराओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

ध्यान रखें: भोग तैयार करते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। दूध और पनीर से बनी मिठाई को अधिक देर तक कमरे के तापमान पर न छोड़ें। भोग के बाद इसे सुरक्षित रखने के लिए फ्रिज में रखें।

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