:
Breaking News

Telangana Heatwave: भीषण गर्मी से तेलंगाना में 16 मौतें, सरकार ने मुआवजे का किया ऐलान

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

तेलंगाना में भीषण गर्मी और हीटवेव से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। कई जिलों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है।

देशभर में इस समय भीषण गर्मी और लू का प्रकोप देखने को मिल रहा है। लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई राज्यों में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चिंता की स्थिति तेलंगाना में दिखाई दे रही है। यहां तेज गर्मी और हीटवेव के कारण अब तक कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार बढ़ते तापमान और चिलचिलाती धूप की वजह से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से लोगों को लगातार सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

राज्य सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार हीटवेव से प्रभावित कई जिलों में हालात गंभीर बने हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि सबसे ज्यादा मौतें जयशंकर भूपालपल्ली जिले में दर्ज की गई हैं। इसके अलावा वारंगल अर्बन, करीमनगर और निजामाबाद जैसे जिलों में भी कई लोगों की जान गई है। जोगुलांबा गडवाल, रंगारेड्डी और सूर्यापेट जिलों से भी मौत की खबरें सामने आई हैं। बढ़ती घटनाओं के बाद सरकार ने आपात स्तर पर समीक्षा शुरू कर दी है।

राज्य के राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें अधिकारियों ने जिलावार स्थिति की जानकारी दी। बैठक के बाद सरकार ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों को राहत राशि देने में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। प्रशासन को तेजी से सहायता पहुंचाने के आदेश दिए गए हैं।

सरकार का कहना है कि इस बार एल नीनो के प्रभाव के कारण तापमान सामान्य से कहीं अधिक बढ़ गया है। विशेषज्ञों के अनुसार एल नीनो की वजह से कई हिस्सों में सूखा, गर्म हवाएं और अत्यधिक तापमान देखने को मिल रहा है। तेलंगाना में भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।

तेलंगाना स्टेट डेवलपमेंट प्लानिंग सोसाइटी की ओर से जारी मौसम रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 19 जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। सबसे अधिक तापमान भद्राद्री कोठागुडेम जिले के डुम्मुगुडेम और जगत्याल जिले के धर्मपुरी में रिकॉर्ड किया गया, जहां पारा 46.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा जैसा माहौल देखने को मिल रहा है।

हीटवेव का सबसे ज्यादा असर मजदूरों, बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों पर पड़ रहा है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और चक्कर आने जैसी समस्याओं के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि शरीर में पानी की कमी और लंबे समय तक धूप में रहने के कारण लोगों की तबीयत बिगड़ रही है। कई मरीजों को गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में भी गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है। वहां हीट स्ट्रोक के 319 मामले सामने आने की जानकारी दी गई है। हालांकि अभी तक किसी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने दोनों राज्यों में मेडिकल टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है। अस्पतालों में अतिरिक्त बेड और जरूरी दवाओं की व्यवस्था की जा रही है।

तेलंगाना सरकार ने लोगों को राहत पहुंचाने के लिए कई जरूरी कदम उठाए हैं। बस स्टैंड, बाजार, रेलवे स्टेशन और मजदूरों के कार्यस्थलों पर पीने के पानी और ओआरएस पैकेट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन को यह भी कहा गया है कि गांवों और शहरों में लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाएं ताकि लोग हीटवेव से बचाव के उपाय अपना सकें।

सरकार ने विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से अपील की गई है कि सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक अत्यधिक जरूरत न होने पर घर से बाहर न निकलें। साथ ही हल्के कपड़े पहनने, सिर ढककर रखने और लगातार पानी पीने की सलाह दी गई है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी तापमान में ज्यादा राहत मिलने की संभावना कम है। कई इलाकों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक जलवायु परिवर्तन और बढ़ती गर्मी आने वाले समय में और बड़ी चुनौती बन सकती है। यही वजह है कि सरकारों को दीर्घकालिक योजनाओं पर भी ध्यान देना होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि शहरों में तेजी से बढ़ते कंक्रीट ढांचे और हरियाली की कमी भी तापमान बढ़ने की बड़ी वजह बन रही है। पर्यावरणविद लगातार पेड़ लगाने और जल संरक्षण जैसे उपायों पर जोर दे रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले वर्षों में हीटवेव और अधिक खतरनाक हो सकती है।

इस बीच प्रशासन ने जिला अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों, पंचायतों और स्थानीय निकायों के जरिए लोगों तक जागरूकता संदेश पहुंचाए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित रखा जा सके।

भीषण गर्मी ने सिर्फ स्वास्थ्य ही नहीं बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी पर भी बड़ा असर डाला है। कई इलाकों में बिजली की मांग बढ़ने से आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द राहत नहीं मिली तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

फिलहाल तेलंगाना में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट पर है। सरकार लगातार लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रही है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *