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Aaj Ka Mausam: आज का मौसम, IMD Rain Alert, Monsoon Update India, Heavy Rain Alert, Weather News Today, देशभर में भारी बारिश

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Alam Ki Khabar: देशभर में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। IMD ने दिल्ली, यूपी, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल, महाराष्ट्र, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले सात दिनों तक भारी बारिश, तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है।

नई दिल्ली, 9 जुलाई। आलम की खबर: देश में मानसून अब अपने सबसे सक्रिय दौर में पहुंच चुका है और आने वाले सात दिन मौसम के लिहाज से बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और कुछ क्षेत्रों में 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत, मध्य भारत, पश्चिमी तट और पूर्वोत्तर भारत में सक्रिय अलग-अलग मौसमी सिस्टम के कारण बारिश का दायरा लगातार बढ़ रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 से 48 घंटों में और मजबूत होगा। इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा सहित कई राज्यों में लगातार वर्षा होने की संभावना है। दूसरी ओर अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण पश्चिमी तट और पूर्वोत्तर राज्यों में भी भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन, बादल फटने और अचानक बाढ़ का खतरा बना रहेगा। वहीं मैदानी इलाकों में जलभराव, बिजली गिरने और तेज हवाओं से जनजीवन प्रभावित हो सकता है। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

दिल्ली-एनसीआर में तेज बारिश और आंधी

दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। लगातार बारिश के बाद आज भी भारी वर्षा, गरज-चमक और 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं का पूर्वानुमान है। कई इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और पेड़ गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खुले स्थानों, बिजली के खंभों और कमजोर पेड़ों से दूर रहने की सलाह दी है।

उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा असर

उत्तर प्रदेश में मानसून का प्रभाव सबसे अधिक देखने को मिल सकता है। मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, मुजफ्फरनगर, आगरा, अयोध्या, प्रयागराज, रायबरेली, सीतापुर, उन्नाव, बांदा सहित अनेक जिलों में भारी बारिश और 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। निचले इलाकों में जलभराव और बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है।

बिहार में तीन दिन विशेष सतर्कता

बिहार में 9 से 11 जुलाई तक मानसून सबसे अधिक सक्रिय रहेगा। पटना, समस्तीपुर, दरभंगा, वैशाली, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सारण, सिवान, मधुबनी, कटिहार, भागलपुर, अररिया, खगड़िया, मुंगेर और बेगूसराय सहित कई जिलों में मध्यम से भारी वर्षा की संभावना है। 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और निचले इलाकों में जलभराव की चेतावनी भी जारी की गई है।

झारखंड में गरज-चमक के साथ बारिश

रांची, धनबाद, बोकारो, देवघर, हजारीबाग, पलामू, गुमला, सिमडेगा, दुमका और अन्य जिलों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवा का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान घरों में सुरक्षित रहने की अपील की है।

पश्चिम बंगाल में भी अलर्ट

कोलकाता, जलपाईगुड़ी, कालिम्पोंग, मुर्शिदाबाद, उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना सहित कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। दार्जिलिंग और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है जबकि मैदानी इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

राजस्थान में फिर सक्रिय होगा मानसून

राजस्थान में अगले दो दिनों के दौरान मानसून एक बार फिर जोर पकड़ने वाला है। मौसम विभाग ने जयपुर, अजमेर, कोटा, अलवर, करौली, भरतपुर, धौलपुर, बीकानेर, जैसलमेर, झुंझुनूं, सीकर, बूंदी, टोंक और बाड़मेर समेत कई जिलों में तेज बारिश और 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना जताई है। निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित होने की आशंका है।

मध्य प्रदेश में कम दबाव का असर

उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र का असर पूरे प्रदेश में दिखाई देगा। भोपाल, रीवा, सीधी, मुरैना, दतिया, छतरपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी और टीकमगढ़ सहित कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।

पंजाब और हरियाणा को मिलेगी गर्मी से राहत

पंजाब और हरियाणा में लंबे समय से पड़ रही उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, गुरदासपुर, कपूरथला, बठिंडा और हरियाणा के अंबाला, करनाल, पंचकूला, कुरुक्षेत्र तथा यमुनानगर में अच्छी बारिश के साथ 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

उत्तराखंड और हिमाचल में सबसे ज्यादा खतरा

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिन बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं। नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पिथौरागढ़, हरिद्वार, शिमला, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा, चंबा और किन्नौर सहित कई जिलों में भारी बारिश, भूस्खलन और बादल फटने का खतरा बना हुआ है। चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।

जम्मू-कश्मीर में भी येलो अलर्ट

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर, अनंतनाग, डोडा, कठुआ, गांदरबल, कुपवाड़ा, बडगाम और पुंछ सहित कई क्षेत्रों में तेज बारिश और 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। अमरनाथ यात्रा मार्ग पर भी प्रशासन लगातार मौसम की निगरानी कर रहा है।

पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ का खतरा

असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में अत्यधिक बारिश की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी लगातार बारिश जारी रहने का अनुमान है। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।

दक्षिण भारत में लगातार बारिश

केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में भी अगले कई दिनों तक मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। पश्चिमी घाट के क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

महाराष्ट्र में 15 जुलाई तक बारिश

मुंबई, पुणे, पालघर, रायगढ़ और कोंकण क्षेत्र में 15 जुलाई तक रुक-रुक कर भारी बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और लोकल परिवहन प्रभावित हो सकता है। समुद्र में ऊंची लहरों को देखते हुए लोगों को समुद्र तटों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

कम दबाव का क्षेत्र क्यों बढ़ाता है बारिश?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार कम दबाव का क्षेत्र वातावरण की नमी को तेजी से अपनी ओर खींचता है। इससे लगातार बादल बनते हैं और बड़े क्षेत्र में कई दिनों तक बारिश होती रहती है। फिलहाल मध्य भारत के ऊपर सक्रिय ऐसा ही सिस्टम उत्तर और पूर्वी भारत के मौसम को प्रभावित कर रहा है।

किसानों के लिए सलाह

बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभदायक है, लेकिन अत्यधिक वर्षा से जलभराव और फसल नुकसान का खतरा भी रहता है। किसानों को फिलहाल उर्वरक और कीटनाशक का छिड़काव टालने तथा खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।

आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां

गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास न जाएं। जलभराव वाली सड़कों पर सावधानी से वाहन चलाएं। रेड या ऑरेंज अलर्ट वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन व मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करें।

मानसून के साथ सतर्कता भी जरूरी

मानसून खेती, पेयजल और पर्यावरण के लिए वरदान है, लेकिन लापरवाही इसे बड़ी आपदा में बदल सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, मैदानी इलाकों में जलभराव और वज्रपात की घटनाएं हर वर्ष जान-माल का नुकसान करती हैं। ऐसे में समय पर जारी मौसम चेतावनियों का पालन करना और प्रशासन की सलाह मानना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।

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