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IMD Weather Alert: 20 राज्यों में भारी बारिश का खतरा, बिहार-यूपी समेत कई राज्यों में 48 घंटे का अलर्ट

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Alam Ki Khabar: देशभर में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। IMD ने बिहार, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र समेत 20 राज्यों में अगले 48 घंटे भारी बारिश, आंधी, बिजली, बाढ़ और भूस्खलन का अलर्ट जारी किया है।

नई दिल्ली, 24 जुलाई। देशभर में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है और आने वाले 48 घंटे कई राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के लगभग 20 राज्यों में भारी से अत्यधिक बारिश, आंधी, बिजली गिरने, अचानक बाढ़ और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका जताई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी और सक्रिय मानसूनी ट्रफ के कारण उत्तर, पूर्व, मध्य और पश्चिम भारत में व्यापक वर्षा का दौर शुरू हो गया है।

गुजरात और महाराष्ट्र में लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। दक्षिण गुजरात की कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने को कहा है। वहीं मुंबई, पालघर, रायगढ़ और ठाणे सहित कई जिलों में तेज बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। कुछ रेल सेवाओं पर भी असर देखने को मिला है।

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार वर्षा के चलते भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वालों से विशेष सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

उत्तर प्रदेश में मेरठ, कानपुर, गोरखपुर, आगरा, मथुरा, झांसी, बाराबंकी, सीतापुर और आसपास के जिलों में भारी बारिश के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। कई स्थानों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।

बिहार में भी अगले दो दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। पटना, समस्तीपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, सिवान, सारण, बेगूसराय, कटिहार, किशनगंज, पूर्णिया, भागलपुर, खगड़िया, मुंगेर, सहरसा और सुपौल सहित कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। लगातार वर्षा से गंडक, कोसी, बागमती और गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि होने की संभावना है। जिला प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

राजस्थान के दक्षिण और पूर्वी हिस्सों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। अजमेर, कोटा, उदयपुर, जोधपुर और आसपास के क्षेत्रों में मध्यम से भारी वर्षा होने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक बारिश भी हो सकती है जिससे स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति बन सकती है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से लगे इलाकों में भी तेज बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। किसानों को खराब मौसम के दौरान खेतों में काम करने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अगले 48 घंटे भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है और संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।

दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। पश्चिमी घाट के इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।

मौसम विभाग ने लोगों से खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने, नदी-नालों के किनारे नहीं जाने तथा प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। आपदा प्रबंधन एजेंसियों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।

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नजरिया

मानसून खेती के लिए जितना जरूरी है, उतना ही लापरवाह होने पर खतरनाक भी साबित हो सकता है। पिछले कुछ वर्षों में अचानक बाढ़, बिजली गिरने और भूस्खलन की घटनाएं बढ़ी हैं। ऐसे समय में मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सतर्कता और समय पर सूचना ही जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है।

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