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Education News: JPSC भर्ती विवाद पर छात्रों का आंदोलन तेज, CM हेमंत सोरेन से सीधी वार्ता की मांग

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Alam Ki Khabar | Jharkhand News | Education News | Ranchi News: JPSC भर्ती परीक्षा विवाद को लेकर रांची में छात्रों का आंदोलन 13वें दिन भी जारी है। छात्र मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे बातचीत और CBI-ED जांच की मांग पर अड़े हैं।

डेस्क, रांची, 6 अगस्त। आलम की खबर: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज बना हुआ है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा धरना गुरुवार को 13वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार से बातचीत के लिए सहमति तो जताई है, लेकिन स्पष्ट किया है कि वार्ता स्वयं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करें और बातचीत के दौरान कम से कम दो मीडिया प्रतिनिधियों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए।

छात्र प्रतिनिधियों के अनुसार प्रशासन की ओर से वार्ता के लिए प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के नाम मांगे गए हैं। इसके बाद बैठक की तारीख और समय तय किया जाएगा। आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि सीमित प्रतिनिधिमंडल बुलाकर आंदोलन की ताकत को कम करने की कोशिश की जा रही है।

धरना स्थल पर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो सहित छह छात्र आमरण अनशन पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों की मांग है कि भर्ती प्रक्रिया में सामने आए कथित घोटाले की जांच केंद्रीय एजेंसियों CBI और ED से कराई जाए ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।

इधर जांच एजेंसियां भी कार्रवाई में जुटी हैं। सीआईडी ने देर रात पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही अब तक इस मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है। पुलिस और जांच एजेंसियां भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही हैं।

विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब झारखंड लोक सेवा आयोग ने 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी किया। इसके बाद कई अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। आरोप लगाया गया कि आयोग ने कट-ऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक अभ्यर्थी की कथित OMR शीट वायरल हुई, जिससे विवाद और गहरा गया। बाद में बढ़ते विरोध को देखते हुए आयोग ने प्रस्तावित मुख्य परीक्षा स्थगित कर दी।

छात्रों के आंदोलन को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चार मंत्रियों की एक समिति गठित की है। इसमें उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, कल्याण मंत्री चमरा लिंडा और उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव को शामिल किया गया है। समिति को छात्रों से बातचीत कर समाधान निकालने की जिम्मेदारी दी गई है।

इस बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो का अनशन भी चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया गया कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के जरिए उनसे बातचीत कर स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील की। इसके बाद उन्होंने पानी तो पी लिया, लेकिन अनशन जारी रखने का फैसला बरकरार रखा।

सरकार और छात्रों के बीच संभावित वार्ता को लेकर अब सभी की नजरें अगली बैठक पर टिकी हैं। यदि बातचीत सफल रहती है तो लंबे समय से जारी गतिरोध खत्म होने की उम्मीद की जा रही है।

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता ही भरोसे की नींव

प्रतियोगी परीक्षाएं लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी होती हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की अनियमितता या पारदर्शिता पर सवाल युवाओं का विश्वास कमजोर कर देते हैं। सरकार और आयोग की जिम्मेदारी है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो। वहीं आंदोलन भी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए ताकि समाधान बातचीत के जरिए निकले और योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित न हो।

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