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Gwalior News: नगर निगम की बदहाल व्यवस्था पर भाजपा ने महापौर और एमआईसी के खिलाफ पारित किया निंदा प्रस्ताव

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | Gwalior News | नगर निगम की व्यवस्था को लेकर भाजपा ने महापौर और एमआईसी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया और विकास राशि के हिसाब की मांग उठाई।

ग्वालियर: शहर में सड़क, सीवर, जलभराव और पेयजल जैसी नागरिक समस्याओं को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाने लगा है। भारतीय जनता पार्टी ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए महापौर और एमआईसी के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। श्याम वाटिका में आयोजित भाजपा जिला कार्यसमिति की बैठक में नगर निगम के कामकाज को लेकर निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव को कार्यसमिति के सदस्यों ने समर्थन देते हुए मंजूरी दी।

बैठक में पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर ने नगर निगम को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध कराई गई विकास राशि के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि ग्वालियर के लिए सरकारों से मिली राशि और नगर निगम की ओर से किए गए खर्च का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

भाजपा नेताओं का कहना था कि शहर के विकास के लिए लगातार योजनाएं और बजट उपलब्ध कराए जाने के बावजूद कई इलाकों में लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे में विकास कार्यों पर खर्च होने वाली राशि और उसके परिणामों की समीक्षा जरूरी है।

कार्यसमिति में उठा नगर निगम का मुद्दा

भाजपा जिला कार्यसमिति की बैठक के दौरान नगर निगम के कामकाज का मुद्दा प्रमुखता से उठा। पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर ने विकास कार्यों के लिए मिलने वाली सरकारी राशि के उपयोग में पारदर्शिता की मांग की।

उन्होंने सवाल उठाया कि नगर निगम को अलग-अलग योजनाओं के तहत कितनी धनराशि मिली, उसका कितना हिस्सा खर्च किया गया और किन-किन परियोजनाओं पर रकम लगाई गई। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट करने की मांग की गई कि इन परियोजनाओं का वास्तविक फायदा शहर के नागरिकों को कितना मिला।

बैठक में मौजूद भाजपा सांसद ने भी इस मुद्दे का समर्थन किया। उन्होंने महापौर और एमआईसी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की मांग कार्यसमिति के सामने रखी। जिलाध्यक्ष जयप्रकाश राजोरिया ने प्रस्ताव को स्वीकार किया। इसके बाद पूर्व जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी ने औपचारिक रूप से निंदा प्रस्ताव रखा।

प्रस्ताव पर कार्यसमिति के सदस्यों ने दोनों हाथ उठाकर समर्थन किया और इसे पारित कर दिया। इसके साथ ही भाजपा ने नगर निगम के कामकाज को लेकर अपनी राजनीतिक स्थिति साफ कर दी।

सड़क, सीवर और जलभराव पर सवाल

बैठक में शहर की मूलभूत नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। भाजपा नेताओं ने सड़कों की स्थिति, सीवर व्यवस्था, जलभराव और पेयजल की समस्याओं का जिक्र करते हुए नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

नेताओं का कहना था कि विकास योजनाओं पर बड़ी रकम खर्च होने के बावजूद शहर के कई हिस्सों में लोगों को बारिश के दौरान जलभराव और खराब सड़कों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सीवर व्यवस्था को लेकर भी कई क्षेत्रों में शिकायतें बनी हुई हैं।

भाजपा ने मांग की कि नगर निगम को विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने के साथ-साथ योजनाओं के क्रियान्वयन और खर्च की सार्वजनिक समीक्षा भी करनी चाहिए।

विकास राशि का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग

पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर ने कहा कि ग्वालियर के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार अलग-अलग योजनाओं के जरिए धनराशि उपलब्ध कराती हैं। इसलिए शहरवासियों को यह जानने का अधिकार है कि निगम को कितनी राशि मिली और उसका इस्तेमाल किन कार्यों में किया गया।

भाजपा की ओर से यह भी मांग उठाई गई कि खर्च की गई राशि के साथ संबंधित विकास कार्यों की स्थिति भी सार्वजनिक की जाए, ताकि यह पता चल सके कि योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर कितना पहुंचा है।

इस मुद्दे के राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होने की वजह यह है कि नगर निगम शहर की रोजमर्रा की बुनियादी व्यवस्थाओं से सीधे जुड़ा निकाय है। ऐसे में सड़क, पानी, सीवर और जलभराव जैसे मुद्दों पर विपक्षी दलों का हमला आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है।

राजनीतिक प्रस्ताव भी हुआ पारित

जिला कार्यसमिति की बैठक केवल नगर निगम के मुद्दे तक सीमित नहीं रही। बैठक की शुरुआत जिलाध्यक्ष जयप्रकाश राजोरिया के स्वागत और अध्यक्षीय संबोधन से हुई।

जिला महामंत्री बिट्टू धर्मेंद्र तोमर ने राजनीतिक प्रस्ताव पढ़कर सुनाया। इसमें केंद्र और प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रशंसा करते हुए सरकार की नीतियों के समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव भी पारित किया गया।

इसके अलावा पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा की जीत पर बधाई प्रस्ताव पारित किया गया। पूर्व जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश शर्मा ने कार्यकर्ताओं को संगठन को मजबूत करने और आगामी संगठनात्मक गतिविधियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

दिवंगत कार्यकर्ताओं को दी श्रद्धांजलि

बैठक के दौरान पार्टी के दिवंगत कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी गई। सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत कार्यकर्ताओं को याद किया।

इसके बाद संगठनात्मक गतिविधियों और आने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों पर चर्चा हुई। बैठक का संचालन राजू पलैया ने किया, जबकि महिला मोर्चा अध्यक्ष करुणा सक्सेना ने उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार जताया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

बैठक में वेदप्रकाश शर्मा, अशोक शर्मा, जय सिंह कुशवाह, खुशबू गुप्ता समेत जिला कार्यसमिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

अब बढ़ सकती है राजनीतिक बयानबाजी

महापौर और एमआईसी के खिलाफ भाजपा कार्यसमिति में निंदा प्रस्ताव पारित होने के बाद नगर निगम का मुद्दा राजनीतिक रूप से और गरमाने की संभावना है। भाजपा ने जहां विकास राशि के उपयोग का हिसाब सार्वजनिक करने और शहर की बुनियादी समस्याओं पर जवाबदेही तय करने की मांग की है, वहीं आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया भी सामने आ सकती है।

सड़क, सीवर, पेयजल और जलभराव जैसे मुद्दे सीधे आम नागरिकों से जुड़े हैं। इसलिए नगर निगम के कामकाज को लेकर शुरू हुआ यह राजनीतिक विवाद केवल पार्टी स्तर तक सीमित रहने के बजाय शहर की नागरिक सुविधाओं पर व्यापक बहस का रूप ले सकता है।

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