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Indian Politics: SIR विवाद के बीच CEC ज्ञानेश कुमार पर बढ़ा राजनीतिक दबाव, सुप्रीम कोर्ट में याचिका और ममता को अधीर का प्रस्ताव

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | SIR से जुड़े फैसलों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई तय हुई है। इसी बीच ममता बनर्जी को अधीर रंजन चौधरी ने कांग्रेस में लौटने का प्रस्ताव दिया।

नई दिल्ली, 1 अक्टूबर: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग और विपक्षी दलों के बीच चल रहा विवाद अब राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर आगे बढ़ रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगाए गए आरोपों से जुड़ी एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अगले सप्ताह सुनवाई करने वाला है। इसी बीच विपक्षी दलों की ओर से आंदोलन की तैयारियों के बीच कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को कांग्रेस में वापस आने का प्रस्ताव देकर बंगाल की राजनीति में नया मुद्दा खड़ा कर दिया है।

SIR के फैसलों पर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि SIR से संबंधित कुछ फैसले चुनाव आयोग के सभी सदस्यों की सहमति के बिना लिए गए। याचिकाकर्ता ने ऐसे फैसलों की वैधता पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई और जांच की मांग की है।

अदालत ने याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई है और मामले को अगले सप्ताह सुने जाने की संभावना है। हालांकि याचिका में लगाए गए आरोप अभी न्यायिक रूप से साबित नहीं हुए हैं और मामले में अंतिम फैसला आना बाकी है।

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

SIR को लेकर विवाद का एक प्रमुख हिस्सा निर्णय लेने की प्रक्रिया से जुड़ा है। याचिकाओं में दावा किया गया है कि कुछ फैसलों में अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति नहीं ली गई। एक अन्य याचिका में पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग भी की गई है।

चुनाव आयोग की ओर से सामने आए पक्ष में आंतरिक मतभेदों को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है और आयोग ने अपने कामकाज को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप बताया है। ऐसे में इस विवाद के कई पहलू अभी अदालत के विचाराधीन हैं।

विपक्षी दलों ने आंदोलन की तैयारी की

SIR के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने राजनीतिक आंदोलन तेज करने की तैयारी की है। विपक्षी गठबंधन की बैठक के बाद 2 अक्टूबर से देशभर में आंदोलन शुरू करने की घोषणा की गई है। इस अभियान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार समेत चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाने की बात कही गई है।

ममता बनर्जी ने भी चुनाव आयोग पर सवाल उठाए

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने SIR और चुनाव प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राजनीतिक तौर पर तीखी प्रतिक्रिया दी और विपक्षी दलों से एकजुट होकर चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाने की अपील की।

ममता के बयानों पर चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ पक्ष की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। इसलिए उनके आरोपों को राजनीतिक दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए, न कि स्थापित तथ्य के रूप में।

अधीर रंजन ने ममता को कांग्रेस में लौटने का दिया प्रस्ताव

इसी राजनीतिक माहौल के बीच कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी को कांग्रेस में वापस आने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि ममता अपने बचे हुए सांसदों और विधायकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो सकती हैं और पश्चिम बंगाल में कांग्रेस उनके नेतृत्व में काम करने के लिए तैयार होगी।

चौधरी का यह बयान उस समय आया है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनाव के बाद दलों के भीतर संगठनात्मक बदलाव और राजनीतिक पुनर्संयोजन की चर्चा चल रही है। उन्होंने ममता से तृणमूल कांग्रेस का कांग्रेस में विलय करने की बात भी कही।

TMC की ओर से क्या कहा गया?

अधीर रंजन चौधरी के प्रस्ताव पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि यदि कांग्रेस नेतृत्व की ओर से कोई औपचारिक प्रस्ताव आता है तो उस पर चर्चा की जा सकती है। यानी फिलहाल इसे कांग्रेस नेता की ओर से रखा गया राजनीतिक प्रस्ताव माना जा रहा है, कोई औपचारिक विलय प्रक्रिया शुरू होने की घोषणा नहीं हुई है।

विवाद के दो अलग मोर्चे

ज्ञानेश कुमार को लेकर मौजूदा घटनाक्रम में एक तरफ SIR से जुड़े फैसलों पर न्यायिक चुनौती है, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दल इस मुद्दे को राजनीतिक आंदोलन के जरिए उठा रहे हैं। इसी दौरान बंगाल में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के संबंधों को लेकर अधीर रंजन चौधरी का प्रस्ताव सामने आया है।

अब नजर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई और SIR से जुड़े कानूनी विवाद पर रहेगी। अदालत के सामने रखे गए आरोपों और चुनाव आयोग के पक्ष पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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