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India News: पीएम आवास के पास रेस कोर्स मस्जिद को खाली करने का नोटिस, महबूबा मुफ्ती ने केंद्र पर उठाए सवाल

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित रेस कोर्स मस्जिद को खाली करने के नोटिस और बिजली-पानी की आपूर्ति बंद होने पर विवाद बढ़ा। महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार की आलोचना की।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री आवास के नजदीक स्थित ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद को खाली करने के नोटिस के बाद दिल्ली में विवाद गहरा गया है। भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) की ओर से जमीन पर अनधिकृत कब्जे और निर्माण का मामला उठाए जाने के बीच पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार देश के मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं और विरासत से जुड़े मुद्दों की अनदेखी कर रही है।


छह दिन में परिसर खाली करने का नोटिस


मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मस्जिद प्रबंधन को 19 अक्टूबर के आसपास परिसर खाली करने का नोटिस मिला था। इसमें छह दिन के भीतर जगह खाली करने को कहा गया। नोटिस में संबंधित जमीन को केंद्र सरकार के भूमि एवं विकास कार्यालय के अधीन बताया गया और अनधिकृत कब्जे तथा निर्माण को लेकर आपत्ति जताई गई। <Cite refs={["turn970147search0","turn970147search8"]}/>


बिजली-पानी की आपूर्ति बंद होने से बढ़ी चिंता


मस्जिद की बिजली और पानी की आपूर्ति भी बंद किए जाने की खबर है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई आसपास के क्षेत्र में चल रहे अतिक्रमण हटाने के अभियान से जुड़ी है। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के अधिकारियों के हवाले से आई खबरों में कहा गया है कि आसपास रहने वाले कई परिवार भी बिजली-पानी की सुविधा प्रभावित होने से परेशान हैं। <Cite refs={["turn970147search17","turn970147search1"]}/>


महबूबा मुफ्ती ने केंद्र पर साधा निशाना


महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया में विदेशों में मस्जिदों की प्रशंसा और भारत में ऐतिहासिक मस्जिद को खाली कराने की कार्रवाई के बीच विरोधाभास का मुद्दा उठाया। उन्होंने इसे मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं की अनदेखी बताया। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब मस्जिद के भविष्य और वहां नमाज अदा करने की व्यवस्था को लेकर चिंता जताई जा रही है।


मस्जिद की जमीन और विरासत को लेकर विवाद


इस मामले में जमीन के स्वामित्व और मस्जिद की कानूनी स्थिति पर अलग-अलग पक्षों के दावे सामने आए हैं। L&DO का पक्ष है कि परिसर सरकारी जमीन पर है और इसे अनधिकृत कब्जे के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, मस्जिद से जुड़े पक्ष और मुस्लिम संगठनों ने इसकी वक्फ संपत्ति तथा ऐतिहासिक विरासत से जुड़ी स्थिति का हवाला देते हुए हस्तक्षेप की मांग की है। मस्जिद का नाम NDMC की विरासत सूची में भी दर्ज होने की बात रिपोर्टों में सामने आई है। <Cite refs={["turn970147search1","turn970147search2","turn970147search4"]}/>


ऐतिहासिक धार्मिक स्थल को लेकर जारी इस विवाद में अब जमीन की कानूनी स्थिति, प्रशासनिक कार्रवाई और धार्मिक गतिविधियों की निरंतरता अहम मुद्दे बन गए हैं। मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी पक्षों की नजर बनी हुई है।


यह भी पढ़ें: Alam Ki Khabar पर इस विषय से संबंधित पहले प्रकाशित खबर का सत्यापित लिंक उपलब्ध होने पर यहां जोड़ें।

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