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Odisha Politics: नवीन पटनायक के 'गुमशुदा' पोस्टर से गरमाई राजनीति, भाजपा और बीजेडी आमने-सामने

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | ओडिशा के हिंजिली में पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के गुमशुदा पोस्टर लगाए जाने से भाजपा और बीजेडी के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। जानिए क्या है पूरा मामला।

3 नवंबर 2026 | Alam Ki Khabar


Odisha Politics: ओडिशा के गंजाम जिले की हिंजिली विधानसभा सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल (बीजेडी) के प्रमुख नेता नवीन पटनायक को लेकर एक पोस्टर विवाद सामने आया है। इलाके में उनके 'गुमशुदा' होने का दावा करने वाले पोस्टर लगाए जाने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस घटनाक्रम ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी बीजेडी के बीच पहले से जारी राजनीतिक खींचतान को एक नया मुद्दा दे दिया है।


विधायक के क्षेत्र में लगे पोस्टर ने खड़े किए सवाल


हिंजिली विधानसभा क्षेत्र नवीन पटनायक का राजनीतिक गढ़ माना जाता है। वह इस सीट से विधायक हैं। ऐसे में उनके नाम से लगाए गए गुमशुदगी के पोस्टर को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है।


पोस्टर सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इसे किसने लगाया और इसके पीछे क्या मकसद है। फिलहाल किसी व्यक्ति या संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है। इसलिए पोस्टर के पीछे किसी राजनीतिक दल का हाथ होने की पुष्टि नहीं हुई है।


चक्रवात और बाढ़ के बाद गैरमौजूदगी पर चर्चा


इस विवाद को गंजाम जिले में चक्रवात के बाद पैदा हुई परिस्थितियों और बाढ़ से जोड़कर भी देखा जा रहा है। चर्चा है कि प्राकृतिक आपदा के दौरान हिंजिली क्षेत्र में नवीन पटनायक की कथित गैरमौजूदगी को लेकर यह पोस्टर लगाया गया हो सकता है।


हालांकि, पोस्टर लगाने वालों की पहचान सामने नहीं आने के कारण इसके पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं है। ऐसे में इस दावे को फिलहाल संभावित वजह के तौर पर ही देखा जा रहा है।


भाजपा और बीजेडी के बीच बढ़ी बयानबाजी


पोस्टर विवाद सामने आने के बाद भाजपा और बीजेडी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। सत्ताधारी भाजपा की ओर से नवीन पटनायक की क्षेत्र में मौजूदगी और उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।


वहीं, बीजेडी अपने वरिष्ठ नेता के बचाव में सामने आई है। पार्टी की ओर से उनके राजनीतिक नेतृत्व और क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर उनकी भूमिका को लेकर जवाब दिया जा रहा है।


इस पूरे घटनाक्रम में प्राकृतिक आपदा के दौरान जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी और प्रभावित इलाकों में उनकी सक्रियता भी राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन गई है।


बाढ़ से प्रभावित रहे लाखों लोग


ओडिशा में इस साल आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर जनजीवन को प्रभावित किया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राज्य में करीब 13 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए थे। ऐसे हालात में राहत, पुनर्वास और प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने का मुद्दा भी महत्वपूर्ण बना हुआ है।


पोस्टर के पीछे कौन, अभी बना हुआ है रहस्य


हिंजिली में लगाए गए नवीन पटनायक के गुमशुदा पोस्टर ने ओडिशा की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। लेकिन पोस्टर किसने लगाया, किस उद्देश्य से लगाया और क्या इसका संबंध चक्रवात के बाद की परिस्थितियों से है, इन सवालों के जवाब अभी सामने नहीं आए हैं।


फिलहाल इस विवाद ने भाजपा और बीजेडी के बीच सियासी टकराव को जरूर तेज कर दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि पोस्टर विवाद की असल वजह सामने आती है या यह मामला राजनीतिक बयानबाजी तक ही सीमित रहता है।


पूरी खबर पढ़ने के लिए Alam Ki Khabar पढ़ें।


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