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Sports News: मेडिकल की पढ़ाई छोड़ IPL तक पहुंचे यश राज पुंजा, जानिए राजस्थान रॉयल्स के युवा स्पिनर की प्रेरक कहानी

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Alam Ki Khabar | Sports News | IPL News | Rajasthan Royals News: मेडिकल की पढ़ाई की तैयारी कर रहे यश राज पुंजा आज राजस्थान रॉयल्स के उभरते लेग स्पिनर हैं। जानिए कैसे एक छोटे से फैसले ने उनकी जिंदगी बदल दी।

स्पोर्ट्स डेस्क, 6 अगस्त। क्रिकेट में सफलता का रास्ता हमेशा तय नहीं होता। कई बार एक छोटा-सा फैसला पूरी जिंदगी की दिशा बदल देता है। राजस्थान रॉयल्स के युवा लेग स्पिनर यश राज पुंजा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। जो खिलाड़ी कभी मेडिकल की पढ़ाई के लिए विदेश जाने की तैयारी कर रहा था, वही आज इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में अपनी गेंदबाजी से पहचान बना चुका है।

अबू धाबी में पले-बढ़े 20 वर्षीय पुंजा वर्ष 2023 में कुछ दिनों के लिए बेंगलुरु आए थे। उनका उद्देश्य केवल अभ्यास करना था। इसी दौरान उन्होंने पूर्व कर्नाटक कप्तान कार्तिक जेशवंत की क्रिकेट अकादमी में प्रशिक्षण लिया। उनकी गेंदबाजी ने राजस्थान रॉयल्स के स्काउट्स का ध्यान आकर्षित किया और यहीं से उनके क्रिकेट करियर ने नई उड़ान भर ली।

ट्रायल में प्रभावित करने के बाद पहले उन्हें नेट गेंदबाज के रूप में मौका मिला और बाद में फ्रेंचाइजी ने उन्हें अपनी टीम में शामिल कर लिया। पुंजा ने स्वीकार किया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि भारत में पेशेवर क्रिकेट खेलने का अवसर मिलेगा। उनके अनुसार, मेडिकल की पढ़ाई के लिए इंग्लैंड जाने की तैयारी चल रही थी, लेकिन किस्मत ने उन्हें क्रिकेट के मैदान तक वापस पहुंचा दिया।

करीब 6 फीट 5 इंच लंबे यश राज पुंजा अपनी अतिरिक्त उछाल और लेग स्पिन के कारण अलग पहचान रखते हैं। IPL 2026 में उन्होंने राजस्थान रॉयल्स की ओर से आठ मुकाबलों में नौ विकेट लेकर अपनी प्रतिभा का प्रभाव छोड़ा। उनका मानना है कि टीम ने जितना भरोसा उन पर दिखाया, वह उनकी उम्मीद से कहीं अधिक था।

क्रिकेट के प्रति उनका लगाव बचपन से रहा है। उनके बड़े भाई योधिन पुंजा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राष्ट्रीय टीम का हिस्सा रह चुके हैं। दोनों भाइयों ने घर के छोटे से गलियारे में अभ्यास करते हुए अपने क्रिकेट सफर की शुरुआत की थी।

वर्ष 2025 में पुंजा ने बेंगलुरु में क्लब क्रिकेट खेलना शुरू किया। विजया क्रिकेट क्लब के लिए शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने महाराजा ट्रॉफी में 10 मैचों में 23 विकेट लेकर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। इसके बाद कई IPL टीमों ने उन्हें ट्रायल के लिए बुलाया, लेकिन राजस्थान रॉयल्स ने सबसे पहले उन पर भरोसा जताते हुए नीलामी में 30 लाख रुपये में टीम से जोड़ लिया।

कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ उन्होंने अपना IPL पदार्पण किया और पहले ही मैच में विकेट लेकर यादगार शुरुआत की। इसके बाद पंजाब किंग्स और मुंबई इंडियंस जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ भी उन्होंने उपयोगी प्रदर्शन किया।

युवा स्पिनर का कहना है कि राजस्थान रॉयल्स का सपोर्ट स्टाफ मैच से पहले विरोधी बल्लेबाजों की कमजोरियों पर गहराई से काम करता है, जिससे मैदान पर रणनीति लागू करने में काफी मदद मिलती है। उन्होंने युजवेंद्र चहल, अनिल कुंबले, रवि बिश्नोई और राशिद खान जैसे दिग्गज स्पिनरों से भी काफी कुछ सीखा।

पुंजा ने बताया कि मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या की एक सलाह हमेशा उनके साथ रहती है। हार्दिक ने उन्हें समझाया कि हर गेंद पर विकेट लेने की कोशिश जरूरी नहीं होती। लगातार दबाव बनाकर बल्लेबाज को गलती करने पर मजबूर करना भी सफल गेंदबाजी का अहम हिस्सा है।

फिलहाल यश राज पुंजा चोट से उबर रहे हैं और उनका अगला लक्ष्य कर्नाटक की सीनियर टीम में अपनी जगह पक्की करना है। साथ ही वे फिटनेस, फील्डिंग और अपनी गेंदबाजी को पहले से अधिक प्रभावी बनाने पर काम कर रहे हैं।

सपनों को दिशा देती है सही मेहनत

यश राज पुंजा की कहानी बताती है कि सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि सही समय पर मिले अवसर और लगातार मेहनत से मिलती है। मेडिकल की पढ़ाई की तैयारी से IPL तक का उनका सफर युवाओं के लिए प्रेरणा है कि यदि लक्ष्य के प्रति समर्पण बना रहे तो परिस्थितियां भी रास्ता बदल देती हैं। खेल में धैर्य, अनुशासन और सीखने की इच्छा ही खिलाड़ी को ऊंचाइयों तक पहुंचाती है।

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