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Cricket News: रुतुराज गायकवाड़ के वनडे करियर पर मंडराया संकट, 3 मैचों में 101 रन के बाद अब कब मिलेगा मौका?

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | रुतुराज गायकवाड़ ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन वनडे में 101 रन बनाए। न्यूजीलैंड सीरीज से पहले उनके वनडे भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं।

नई दिल्ली, 5 अक्टूबर आलम की खबर: वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज रुतुराज गायकवाड़ के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मौका थी, लेकिन वह इस मौके को बड़ी पारी में बदलने में कामयाब नहीं रहे। तीनों मुकाबलों में बल्लेबाजी करने वाले गायकवाड़ ने कुल 101 रन बनाए। सीरीज में उनका सर्वोच्च स्कोर 57 रन रहा। अब भारतीय वनडे टीम में उनकी जगह को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

गायकवाड़ को वेस्टइंडीज के खिलाफ पूरी सीरीज में लगातार मौका मिला। पहले वनडे में उन्होंने 13 रन बनाए और नाबाद रहे। दूसरे मैच में उनके बल्ले से 31 रन निकले और इस बार भी वह पवेलियन नहीं लौटे। तीसरे मुकाबले में उनके पास बड़ी पारी खेलने का बेहतर अवसर था, लेकिन वह 57 रन बनाकर आउट हो गए। इस तरह तीन मैचों में उनका कुल स्कोर 101 रन रहा।

तीसरे वनडे में मिली शुरुआत को शतक में बदलने का मौका

गायकवाड़ के लिए तीसरा वनडे सबसे अहम माना जा सकता है। टीम को उस मुकाबले में उनकी जरूरत भी थी और उन्हें पर्याप्त समय भी मिला। उन्होंने 57 रन की पारी खेलकर शुरुआत तो अच्छी की, लेकिन लंबी पारी खेलने में नाकाम रहे। यही वजह है कि अब चयनकर्ताओं के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या गायकवाड़ को आगे भी वनडे क्रिकेट में लगातार मौके दिए जाएं या फिर दूसरे विकल्पों की ओर देखा जाए।

दरअसल, वेस्टइंडीज सीरीज में भारतीय टीम का संयोजन भी सामान्य परिस्थितियों जैसा नहीं था। शृेयस अय्यर एशियन गेम्स में भारतीय टीम की कप्तानी कर रहे थे और इसी वजह से वनडे टीम में गायकवाड़ को मौका मिला। भारतीय क्रिकेट बोर्ड की घोषित टीम में गायकवाड़ वनडे स्क्वाड का हिस्सा थे, जबकि अय्यर एशियन गेम्स वाली टी20 टीम के कप्तान थे।

वनडे में अब तक सीमित रहे हैं गायकवाड़

रुतुराज गायकवाड़ ने भारत के लिए वनडे डेब्यू अक्टूबर 2022 में किया था। इसके बाद उन्हें इस फॉर्मेट में लगातार खेलने का मौका नहीं मिला। वेस्टइंडीज सीरीज तक उनका वनडे करियर सीमित मैचों तक ही रहा है। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों को जोड़ने के बाद उनके नाम 329 रन हैं और उनके खाते में एक शतक तथा एक अर्धशतक दर्ज है।

गायकवाड़ का वनडे करियर अभी उस मुकाम पर नहीं पहुंचा है जहां उनकी जगह पूरी तरह सुरक्षित मानी जाए। टीम इंडिया में ओपनिंग और टॉप ऑर्डर के लिए पहले से कई मजबूत दावेदार मौजूद हैं। ऐसे में हर सीरीज उनके लिए खुद को साबित करने का एक नया मौका बन जाती है।

अब न्यूजीलैंड दौरा सबसे बड़ी परीक्षा

वेस्टइंडीज के बाद भारत को पांच मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है। गायकवाड़ इस टी20 टीम का हिस्सा नहीं हैं। इसके बाद भारतीय टीम न्यूजीलैंड दौरे पर जाएगी, जहां पांच मैचों की वनडे सीरीज खेली जानी है। इस सीरीज का पहला वनडे 4 नवंबर को ऑकलैंड में होगा। इसके बाद 7, 10, 13 और 15 नवंबर को चार और वनडे खेले जाएंगे।

यही सीरीज गायकवाड़ के लिए अगली बड़ी चुनौती हो सकती है, लेकिन यहां उन्हें जगह मिलने की राह आसान नहीं दिखाई देती। शृेयस अय्यर वनडे टीम के प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल हैं और टीम में अन्य विकल्प भी मौजूद हैं। ऐसे में चयनकर्ताओं को अगर मुख्य खिलाड़ियों के साथ उतरना है तो गायकवाड़ के लिए प्लेइंग इलेवन ही नहीं, टीम में जगह बनाना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

क्या वनडे टीम से बाहर हो जाएंगे गायकवाड़?

अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि रुतुराज गायकवाड़ का वनडे करियर खत्म होने की स्थिति में है। उनकी उम्र, घरेलू क्रिकेट का प्रदर्शन और बल्लेबाजी की क्षमता उन्हें मजबूत दावेदार बनाए रखती है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सिर्फ प्रतिभा काफी नहीं होती। मिले हुए मौकों को बड़ी पारियों में बदलना भी जरूरी है।

वेस्टइंडीज सीरीज में गायकवाड़ ने तीनों मैच खेले, लेकिन एक ही अर्धशतक बना सके। अगर वह तीसरे मुकाबले में 57 रन की पारी को बड़े स्कोर में बदल देते तो उनके पक्ष में चर्चा ज्यादा मजबूत हो सकती थी। अब उन्हें अगला मौका कब मिलेगा, यह पूरी तरह टीम संयोजन और चयनकर्ताओं के फैसले पर निर्भर करेगा।

न्यूजीलैंड के बाद दिसंबर में श्रीलंका के खिलाफ भारत को तीन वनडे मैच भी खेलने हैं। इसके बाद जनवरी 2027 में जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन वनडे प्रस्तावित हैं। ऐसे में गायकवाड़ के लिए वनडे क्रिकेट में वापसी के रास्ते पूरी तरह बंद नहीं हैं।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही

रुतुराज गायकवाड़ के लिए अब सबसे जरूरी है कि वह घरेलू और अन्य उपलब्ध मुकाबलों में लगातार रन बनाकर चयनकर्ताओं को मजबूत कारण दें। वेस्टइंडीज सीरीज में उन्हें तीन मैच मिले और उन्होंने 101 रन बनाए। यह प्रदर्शन उन्हें टीम से पूरी तरह बाहर करने के लिए पर्याप्त नहीं है, लेकिन नियमित स्थान सुरक्षित करने के लिए भी काफी नहीं कहा जा सकता।

अब नजर न्यूजीलैंड दौरे की टीम चयन पर रहेगी। अगर गायकवाड़ को वहां मौका मिलता है तो उन्हें अपनी जगह मजबूत करने के लिए बड़ी पारी खेलनी होगी। अगर उन्हें टीम से बाहर रखा जाता है, तो अगला रास्ता घरेलू क्रिकेट और आने वाली वनडे सीरीज के प्रदर्शन से ही खुलेगा।

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संपादकीय विचार

रुतुराज गायकवाड़ का मामला भारतीय क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा की तस्वीर दिखाता है। किसी खिलाड़ी को तीन मुकाबलों का मौका मिलना और फिर भी उसकी जगह पक्की नहीं होना बताता है कि टीम इंडिया में हर स्थान के लिए मुकाबला कितना कठिन है। गायकवाड़ के पास प्रतिभा और अनुभव दोनों हैं, लेकिन अब उन्हें मौकों को बड़ी पारियों में बदलकर अपनी दावेदारी मजबूत करनी होगी। चयनकर्ताओं के लिए भी जरूरी होगा कि खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर देने के साथ-साथ प्रदर्शन के आधार पर स्पष्ट तस्वीर तैयार की जाए।

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