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हर जिले में बनेगी भू-माफिया की सूची,अफसर–कर्मचारी भी रडार पर,

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जमीन लूट के नेटवर्क पर डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा का सीधा प्रहार,अफसर–कर्मचारी भी रडार पर, 100 दिनों में दिखेगा बड़ा बदलाव

पटना | संवाददाता,बिहार में वर्षों से जड़ जमाए भू-माफिया और जमीन से जुड़े भ्रष्टाचार के नेटवर्क पर अब निर्णायक कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट कर दिया है कि खनन और शराब माफिया की तर्ज पर अब हर जिले में भू-माफिया की सूची तैयार की जाएगी और फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमीन हड़पने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
डिप्टी सीएम ने साफ कहा है कि यह अभियान केवल माफियाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मिलीभगत कर गलत कागजात बनाने वाले अफसर-कर्मचारी भी कार्रवाई से नहीं बचेंगे। यह संदेश उन सभी के लिए है जो वर्षों से अंचल कार्यालयों को भ्रष्टाचार का अड्डा बनाए हुए हैं।

भू-माफिया ही नहीं, सिस्टम की सफाई भी लक्ष्य

राजस्व विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, राज्य के अधिकांश अंचलों में दाखिल-खारिज, परिमार्जन और मापी जैसे कार्यों में अनावश्यक देरी, नियमों की अनदेखी और पैसों के खेल की शिकायतें लगातार मिलती रही हैं। डिप्टी सीएम की नई मुहिम का उद्देश्य सिर्फ जमीन कब्जा करने वालों पर कार्रवाई नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम को जवाबदेह बनाना है।
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि यदि किसी मामले में यह साबित होता है कि
▪️ फर्जी दस्तावेज जानबूझकर स्वीकार किए गए
▪️ नियमों को ताक पर रखकर आदेश पारित हुए
▪️ भू-माफिया को संरक्षण दिया गया
तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी पर भी विभागीय और आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।

100 दिन का एक्शन प्लान, 14 जनवरी तक की समय-सीमा

डिप्टी cm विजय कुमार सिन्हा ने अपने कार्यकाल के पहले 100 दिनों को निर्णायक बताते हुए जमीन से जुड़े लंबित मामलों के निपटारे के लिए 14 जनवरी तक की स्पष्ट समय-सीमा तय कर दी है।
इसके तहत—
▪️ वर्षों से लंबित दाखिल-खारिज मामलों का निष्पादन
▪️ परिमार्जन में अनावश्यक अड़चनें खत्म करना
▪️ मापी के मामलों को प्राथमिकता से निपटाना
जैसे कदम शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों को चेताया है कि काम में लापरवाही अब स्वीकार्य नहीं होगी।

“जमीन का खेल नहीं, न्याय का शासन चलेगा”

उपमुख्यमंत्री का कहना है कि जमीन से जुड़े विवादों का सीधा असर आम जनता पर पड़ता है और यही कारण है कि न्यायालयों पर भी भारी बोझ पड़ा है। यदि राजस्व व्यवस्था ईमानदारी से काम करे, तो हजारों मुकदमे खुद-ब-खुद खत्म हो सकते हैं।उन्होंने दो टूक कहा—
“जो सही काम करेगा, उसे पूरा संरक्षण मिलेगा। लेकिन जो भू-माफिया, दलाल या भ्रष्ट व्यवस्था का हिस्सा बनेगा, उस पर कार्रवाई तय है। अब चेतावनी नहीं, एक्शन का समय है।”

अंचलों में मची हलचल, माफिया नेटवर्क में बेचैनी

डिप्टी सीएम की इस सख्त पहल के बाद राज्य भर के अंचल कार्यालयों में हलचल तेज हो गई है। वर्षों से प्रभाव और पैसे के दम पर काम कराने वाले भू-माफिया नेटवर्क में बेचैनी देखी जा रही है, वहीं आम लोगों को पहली बार जमीन से जुड़े मामलों में न्याय की उम्मीद जगी है।

सुशासन की दिशा में निर्णायक कदम

राजस्व व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने की यह मुहिम यदि जमीन पर उतरी, तो यह बिहार के प्रशासनिक इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा की यह पहल न सिर्फ सराहनीय है, बल्कि यह स्पष्ट संकेत भी है कि अब जमीन लूट और फर्जीवाड़े का खेल ज्यादा दिन चलने वाला नहीं है।

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