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क्राइम मीटिंग में सख्त दिखे एसपी अरविंद प्रताप सिंह, 90 से अधिक पुलिसकर्मियों के वेतन पर लगी रोक

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समस्तीपुर, 08 जनवरी 2026।
समस्तीपुर पुलिस इस समय पूरी तरह एक्शन मोड में है और इसकी कमान मजबूती से संभाल रखी है पुलिस अधीक्षक श्री अरविंद प्रताप सिंह ने। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी (क्राइम मीटिंग) में एसपी ने न सिर्फ वर्तमान अपराध स्थिति की गहन समीक्षा की, बल्कि वर्ष 2025 में पुलिस की उपलब्धियों, चलाए गए अभियानों और भविष्य की रणनीति को लेकर भी स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए।
क्राइम मीटिंग के दौरान वर्ष 2025 की वार्षिक अपराध समीक्षा की गई। एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने अपराध नियंत्रण की स्थिति, लंबित कांड, वारंट-समन के निष्पादन, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और प्रमुख आपराधिक घटनाओं की बिंदुवार समीक्षा करते हुए पुलिस पदाधिकारियों से साफ कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

भीड़भाड़ वाले इलाकों पर विशेष फोकस

एसपी ने थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि बाजार, मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और अन्य भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और सुदृढ़ की जाए। गश्ती बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

देरी पर कड़ा रुख, थानाध्यक्षों की ली क्लास

क्राइम मीटिंग में एसपी अरविंद प्रताप सिंह का सख्त और अनुशासनप्रिय नेतृत्व साफ नजर आया। मुसरीघरारी में कथित जहरीली शराब से मौत के मामले की जानकारी एक सप्ताह बाद मिलने पर उन्होंने संबंधित थानाध्यक्ष की कड़ी क्लास लगाई और इसे गंभीर लापरवाही बताया। वहीं ताजपुर थाना क्षेत्र में ज्वेलरी शॉप चोरी कांड में अब तक कोई ठोस उपलब्धि नहीं मिलने पर ताजपुर थानाध्यक्ष को फटकार लगाते हुए अनुसंधान में तेजी लाने का निर्देश दिया।
एसपी ने दो टूक कहा कि थाना क्षेत्र में घटने वाली प्रत्येक घटना की जानकारी थानाध्यक्ष को तुरंत होनी चाहिए। यदि किसी घटना की जानकारी एक सप्ताह बाद मिलती है तो यह गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी चूक के लिए केवल थानाध्यक्ष ही नहीं, बल्कि संबंधित सभी पदाधिकारी समान रूप से जिम्मेदार होंगे।

90 से अधिक पुलिसकर्मियों के वेतन पर रोक

क्राइम मीटिंग के दौरान एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने अपराध नियंत्रण में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 90 से अधिक पुलिस पदाधिकारियों के वेतन पर तत्काल रोक लगाने का आदेश दिया। इस सूची में कई थानाध्यक्ष भी शामिल हैं। एसपी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी घटना पर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए और गिरफ्तारी में अनावश्यक देरी होने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

शराब कारोबार, जमीन विवाद और अवैध गतिविधियों पर सख्ती

बैठक में शराब कारोबार, जमीन विवाद और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। एसपी ने सेक्टर पदाधिकारियों को स्पष्ट जिम्मेदारी सौंपी कि उनके क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पनपने न पाए।

स्पीडी ट्रायल और अनुसंधान की गुणवत्ता पर जोर

एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि गंभीर और महत्वपूर्ण कांडों का चयन कर स्पीडी ट्रायल के लिए प्रस्ताव भेजें, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके। लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन, अनुसंधान की गुणवत्ता सुधारने और साक्ष्य संकलन को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया।

नए पुलिस नाका और थाना खोलने की तैयारी

क्राइम मीटिंग में थाना क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बड़े क्षेत्रफल वाले थानों में नए पुलिस नाका निर्माण को लेकर सुझाव लिए गए। विभूतिपुर, हसनपुर, उजियारपुर, कल्याणपुर, पूसा और ताजपुर समेत कई थाना क्षेत्रों में नए पुलिस नाका बनाए जाने पर विचार किया गया। साथ ही निर्माणाधीन फोरलेन सड़क को ध्यान में रखते हुए संबंधित इलाकों में पहले से ही पुलिस सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। एसपी ने संकेत दिए कि आने वाले समय में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नए थाना खोलने का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा जाएगा।

सोमवार और शुक्रवार को जनता दरबार

सरकार के सात निश्चय संकल्प के तहत अब पुलिस थानों और कार्यालयों में सोमवार और शुक्रवार को नियमित जनता दरबार का आयोजन किया जाएगा। एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने निर्देश दिया कि इन जनता दरबारों में वरीय पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहेंगे और फरियाद लेकर आने वाले लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। थाने पर आने वाले लोगों के लिए विशेष व्यवस्थाएं करने का भी निर्देश दिया गया, ताकि आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो।

नेतृत्व का स्पष्ट संदेश

पूरी क्राइम मीटिंग के दौरान एसपी अरविंद प्रताप सिंह का स्पष्ट संदेश रहा—कानून-व्यवस्था, अनुसंधान और गिरफ्तारी में कोई ढिलाई नहीं चलेगी। समस्तीपुर पुलिस का लक्ष्य अपराध पर पूरी तरह नियंत्रण और जनता का भरोसा मजबूत करना है।”
एसपी के इस सख्त, सक्रिय और परिणामोन्मुख नेतृत्व से साफ है कि आने वाले दिनों में समस्तीपुर में अपराधियों के लिए जगह और कम होने वाली है।

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