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मंदिर की जमीन और भू-माफिया से सांठगांठ पड़ी महंगी, शिकारगंज थाना प्रभारी निलंबित

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माफियाओं से मिलीभगत एक थाना प्रभारी को भारी पड़ गई। जिले के एसपी स्वर्ण प्रभात ने सख्त रुख अपनाते हुए शिकारगंज थाना प्रभारी संतोष कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आरोप है कि थाना प्रभारी ने मंदिर की जमीन पर कराई जा रही चारदीवारी के मामले में भू-माफियाओं को संरक्षण दिया और निर्माण कार्य में आर्थिक लाभ भी लिया।
मामला शिकारगंज थाना क्षेत्र का है, जहां मंदिर की जमीन पर चारदीवारी निर्माण को लेकर शिकायत सामने आई थी। आरोप था कि इस कार्य में भू-माफिया सक्रिय थे और उन्हें स्थानीय थाना प्रभारी का खुला सहयोग मिल रहा था। शिकायत मिलते ही एसपी स्वर्ण प्रभात ने पूरे प्रकरण की जांच ट्रेनिंग आईपीएस अधिकारी और साइबर थाने के डीएसपी से कराई।
जांच में यह बात सामने आई कि थाना प्रभारी संतोष कुमार न केवल निर्माण कार्य से अवगत थे, बल्कि भू-माफियाओं के साथ सांठगांठ कर उन्हें मदद भी कर रहे थे। प्रारंभिक जांच में उनकी भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद एसपी ने क्राइम मीटिंग में उन्हें जमकर फटकार लगाई। स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर निलंबन की कार्रवाई कर दी गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान यह भी आरोप उभरे कि मंदिर की जमीन से जुड़े निर्माण कार्य में थाना प्रभारी को आर्थिक लाभ पहुंचाया गया था। हालांकि विस्तृत जांच रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन गंभीर आरोपों को देखते हुए विभागीय कार्रवाई को जरूरी माना गया।
निलंबन के साथ ही शिकारगंज थाना में नए थाना प्रभारी की तैनाती कर दी गई है, ताकि क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर कोई असर न पड़े।
एसपी स्वर्ण प्रभात अपनी सख्त और अनुशासनात्मक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। इससे पहले भी गोपालगंज और मोतिहारी में उन्होंने साफ कर दिया था कि भू-माफियाओं, अवैध निर्माण और पुलिस-माफिया गठजोड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिकारगंज की यह कार्रवाई उसी नीति का स्पष्ट उदाहरण मानी जा रही है।
सीमावर्ती थाने भी निगरानी में
सूत्रों के मुताबिक भारत-नेपाल सीमा से सटे कई थानों पर भी एसपी की नजर है। भूमाफियाओं से संबंध या संरक्षण देने की शिकायतों की जांच चल रही है और आने वाले दिनों में और भी कड़ी कार्रवाई संभव मानी जा रही है।
यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि जब कानून के रक्षक ही अवैध गतिविधियों में शामिल हों, तो आम जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा।

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