दरभंगा, 12 जनवरी 2026।
माँ श्यामा महोत्सव 2026 को भव्य, सुव्यवस्थित और ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा तैयारियों को गति दे दी गई है। इसी क्रम में समाहरणालय परिसर में जिलाधिकारी दरभंगा श्री कौशल कुमार की अध्यक्षता में माँ श्यामा महोत्सव के आयोजन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें महोत्सव के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य माँ श्यामा महोत्सव को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए उसे सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं बौद्धिक मंच के रूप में विकसित करना रहा। जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि माँ श्यामा महोत्सव दरभंगा ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मिथिला क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा हुआ है, ऐसे में इसके आयोजन में गरिमा, गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोपरि होनी चाहिए।
विद्वत गोष्ठी और कवि गोष्ठी के आयोजन पर बनी सर्वसम्मति
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि माँ श्यामा महोत्सव 2026 के अवसर पर विद्वत गोष्ठी एवं कवि गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इन आयोजनों के माध्यम से देश-प्रदेश के प्रतिष्ठित विद्वानों, साहित्यकारों और कवियों को आमंत्रित कर माँ श्यामा से जुड़ी धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपराओं पर विमर्श कराया जाएगा।
आयोजन समिति के सदस्य श्री उज्ज्वल कुमार ने सुझाव दिया कि यदि ख्यातिप्राप्त विद्वानों एवं नामचीन कवियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए तो महोत्सव की प्रतिष्ठा राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हो सकेगी। उनके इस सुझाव को बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने सराहा।
महोत्सव की विरासत को सहेजने के लिए बनेगी डॉक्यूमेंट्री
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि माँ श्यामा महोत्सव की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्ता को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का निर्माण कराया जाएगा। इस डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से माँ श्यामा मंदिर, महोत्सव की परंपरा और मिथिला की सांस्कृतिक विरासत को दृश्य माध्यम में संरक्षित किया जाएगा, जिससे भविष्य की पीढ़ियाँ भी इससे परिचित हो सकें।
विद्वानों और कवियों की रचनाएं होंगी पुस्तकाकार प्रकाशित
माँ श्यामा मंदिर न्यास समिति के सदस्य डॉ. संतोष कुमार पासवान ने बैठक में प्रस्ताव रखा कि विद्वत गोष्ठी में प्रस्तुत शोध-आलेखों एवं कवि गोष्ठी में प्रस्तुत कविताओं और रचनाओं को पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे महोत्सव की बौद्धिक विरासत को स्थायी स्वरूप मिलेगा।
इस प्रस्ताव पर जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार सहित बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से सहमति प्रदान की।
संयोजकों की घोषणा
बैठक में विद्वत गोष्ठी के सफल आयोजन हेतु डॉ. मित्रनाथ झा को संयोजक तथा कवि गोष्ठी के आयोजन के लिए डॉ. अमलेंदु शेखर पाठक को संयोजक नामित करने पर सहमति बनी। दोनों संयोजकों को आयोजन की रूपरेखा तैयार करने एवं समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
समयबद्ध तैयारी के निर्देश
जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने बैठक के दौरान संबंधित पदाधिकारियों, आयोजन समिति और माँ श्यामा मंदिर न्यास समिति के सदस्यों को आपसी बेहतर समन्वय के साथ समयबद्ध ढंग से सभी तैयारियाँ पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि महोत्सव के प्रत्येक कार्यक्रम की स्पष्ट योजना बनाई जाए ताकि किसी भी स्तर पर अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
बैठक में ये रहे उपस्थित
बैठक में अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) श्री सलीम अख्तर, नजारत उप समाहर्ता श्री पवन कुमार, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्री चंदन कुमार सहित आयोजन समिति एवं माँ श्यामा मंदिर न्यास समिति के अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।