:
Breaking News

पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट की अहम बैठक में बड़े फैसले, 41 प्रस्तावों पर मुहर

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

पटना: मुख्यमंत्री सचिवालय के कैबिनेट हॉल में आयोजित नीतीश कैबिनेट की अहम बैठक संपन्न हो गई है। बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री, सभी विभागों के मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 41 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर कैबिनेट की मंजूरी दी गई।
कृषि और शिक्षा क्षेत्र में बड़े पद सृजन
कैबिनेट ने कृषि विभाग में विभिन्न पदों के 534 पद और पौध संरक्षण निरीक्षक के 160 पद, यानी कुल 694 पदों के सृजन और पुनर्गठन को स्वीकृति दी। इससे कृषि क्षेत्र में तकनीकी और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
शिक्षा विभाग के जन शिक्षा निदेशालय में 9 नए पदों के सृजन की मंजूरी दी गई, जबकि राजकीय पॉलिटेक्निक, बगहा के लिए कुल 106 नए पद सृजित किए गए। इसमें एक प्रिंसिपल, पांच विभागाध्यक्ष, 39 प्रोफेसर और 61 गैर-शैक्षणिक पद शामिल हैं।
न्यायिक और प्रशासनिक सुधार
पटना हाई कोर्ट में चार विधि सहायक पदों का सृजन किया गया है। इसके अलावा पहले से सृजित 45 विधि लिपिकों के पदों को विधि सहायक में बदला गया, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ेगी।
बिहार भवन, मुंबई के लिए प्रशासनिक मंजूरी
बैठक में मुंबई में बिहार भवन निर्माण के लिए ₹314 करोड़ 20 लाख 59 हजार की प्रशासनिक स्वीकृति भी दी गई। यह परियोजना बिहार राज्य की पहचान को मजबूत करने और वहां रहने वाले बिहारवासियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अन्य प्रमुख फैसले और योजनाएं
जमुई के तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी जटाशंकर पांडे को सेवा से बर्खास्त किया गया।
पीएम श्री योजना के तहत 779 माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹14.85 करोड़ की स्वीकृति दी गई।
बिहार विधान मंडल के वरिष्ठ सदस्य, जो मंत्रिपरिषद के सदस्य नहीं हैं, उन्हें किराए पर अतिरिक्त आवास के रूप में 15 आवास आवंटित किए जाएंगे।
बाणसागर समझौते के तहत बिहार और झारखंड के बीच पानी के बंटवारे का फैसला: बिहार को 5.75 मिलियन एकड़ फीट और झारखंड को 2.00 मिलियन एकड़ फीट पानी का अधिकार मिलेगा।
मत्स्य निदेशालय में 200 कार्यालय परिचारी पदों को नए नियमों के अनुसार दफ्तरवार चिन्हित और पुनर्गठित किया गया।
कैबिनेट की यह बैठक न केवल सरकारी नौकरियों के अवसर बढ़ाने, बल्कि राज्य में शिक्षा, न्याय और प्रशासनिक सुधार को मजबूती देने में भी निर्णायक साबित होगी। कृषि, शिक्षा और न्यायिक क्षेत्र में पद सृजन से राज्य के युवाओं और कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। वहीं पानी के बंटवारे और आधारभूत ढांचे के निर्माण से बिहार के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *