दरभंगा | जिले में महिलाओं और बच्चों से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में 14 जनवरी 2026 को समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में जिलाधिकारी दरभंगा श्री कौशल कुमार की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित आईसीडीएस (ICDS) की विभिन्न योजनाओं की एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आईसीडीएस योजनाएं केवल आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका प्रत्यक्ष लाभ महिलाओं, बच्चों और गर्भवती माताओं तक समय पर पहुँचना चाहिए। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की ढिलाई को अस्वीकार्य बताया।
तकनीक आधारित योजनाओं की गहन समीक्षा
समीक्षा की शुरुआत एफआरएस (फेस रिकॉग्निशन सिस्टम), टीएचआर (टेक होम राशन) वितरण, अपार आईडी एवं आभा आईडी से जुड़ी परियोजनाओं से की गई। जिलाधिकारी ने इन सभी योजनाओं की प्रखंडवार प्रगति की जानकारी ली और जहां प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाई गई, वहां संबंधित पदाधिकारियों को तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी प्रखंड बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) और महिला पर्यवेक्षिकाओं को निर्देश दिया कि माह के अंत तक न्यूनतम 90 प्रतिशत प्रगति हर हाल में सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि एक सप्ताह के भीतर प्रगति में स्पष्ट सुधार दिखना चाहिए।
नियमित अनुश्रवण और फील्ड विजिट पर जोर
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी CDPO एवं महिला पर्यवेक्षिकाएं अपने-अपने क्षेत्र में योजनाओं का नियमित, सतत और प्रभावी अनुश्रवण करें। उन्होंने कहा कि केवल कार्यालय बैठकों से काम नहीं चलेगा, बल्कि फील्ड में जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करना आवश्यक है।
बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका को रेखांकित करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि:
बच्चों के वजन और ऊँचाई की नियमित जांच कराई जाए
पोषण स्तर का समय-समय पर आकलन किया जाए
लाभार्थियों के घर जाकर होम विजिट सुनिश्चित की जाए
इसका उद्देश्य यह बताया गया कि कुपोषण की स्थिति की समय रहते पहचान हो और आवश्यक हस्तक्षेप किया जा सके।
आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्यों की समीक्षा
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी प्रखंडों से निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति पर सीधा फीडबैक प्राप्त किया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि:
सभी लंबित एवं स्वीकृत आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्य दो दिनों के भीतर प्रारंभ किए जाएं
कार्यों को समयसीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों का समय पर निर्माण बच्चों और महिलाओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
शिथिलता पर सख्त रुख
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि आईसीडीएस योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि योजनाओं का लाभ पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध ढंग से जरूरतमंदों तक पहुंचे।
बैठक में ये रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, आईसीडीएस चांदनी सिंह, सभी प्रखंड बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिकाएं सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इस बैठक के माध्यम से प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि दरभंगा में महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाएं अब सख्त निगरानी और जवाबदेही के साथ लागू की जाएंगी, ताकि समाज के सबसे कमजोर वर्गों तक सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुँच सके।