दरभंगा | 15 जनवरी 2026
दरभंगा जिले में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत व पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से आज समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक कार्यप्रणाली एवं योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समय पर छात्रवृत्ति और शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने ई-शिक्षा कोष के अंतर्गत शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति, यू-डायस डेटा की समयबद्ध व सटीक प्रविष्टि, विद्यालयों में आवश्यक भौतिक संसाधनों की उपलब्धता, मध्यान्ह भोजन योजना तथा स्कूल संचालन की नियमितता की गहन समीक्षा की।
नियमित निरीक्षण के सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी शिक्षा को अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों का नियमित एवं औचक निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मानक के अनुरूप निरीक्षण नहीं करने पर कुछ प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को कड़ी फटकार भी लगाई गई। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के अभाव में शैक्षणिक गतिविधियों का सही मूल्यांकन संभव नहीं है।
भवनहीन विद्यालय और अधोसंरचना
बैठक में भवनहीन विद्यालयों को लेकर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन स्थानों पर भूमि का चयन हो चुका है, वहां अंचलाधिकारी के माध्यम से शीघ्र पत्राचार कर एस्टीमेट तैयार कराया जाए। साथ ही किलकारी भवन में चल रहे निर्माण कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
छात्रवृत्ति पर अल्टीमेटम
पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना में लंबित आवेदनों पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए विशेष टीम गठित कर 15 दिनों के भीतर सभी लंबित आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित करने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कॉलेजों से समन्वय कर छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति राशि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
शिक्षकों की उपस्थिति पर सख्ती
जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति शत-प्रतिशत अनिवार्य है। बिना सूचना के अनुपस्थित पाए जाने वाले शिक्षकों पर विधिसम्मत कार्रवाई होगी।
पिछली समीक्षा बैठक में लगभग 900 शिक्षकों की अनुपस्थिति के मामले की जांच का निर्देश देते हुए उन्होंने वेतन कटौती की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। वहीं, 13 जनवरी 2026 को 804 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए, जिनकी भी जांच के आदेश दिए गए।
उन्होंने दो टूक कहा कि उपस्थिति बनाकर विद्यालय से गायब रहने वाले शिक्षकों को निलंबित किया जाएगा।
अपार आईडी और यू-डायस डेटा
सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जिले के प्रत्येक विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत अपार आईडी कार्ड बनाया जाए। साथ ही यू-डायस डेटा की समय पर और सही प्रविष्टि को विद्यालय प्रधानों की प्राथमिक जिम्मेदारी बताते हुए लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
सभी 2586 विद्यालयों का औचक निरीक्षण
जिलाधिकारी ने जिले के सभी 2586 विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर भौतिक प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति सहित सभी शैक्षणिक योजनाओं का लाभ समय पर छात्रों तक पहुँचना चाहिए, इसके लिए संस्थान स्तर पर लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन जरूरी है।
समग्र शिक्षा व अन्य योजनाओं की समीक्षा
बैठक में समग्र शिक्षा, पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, आधार एवं अपार स्टेटस, मध्यान्ह भोजन योजना सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा विभाग से जुड़े सभी अधिकारी और कर्मी यह सुनिश्चित करें कि जिले के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और डिजिटल रूप से सशक्त शिक्षा मिले।
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्यानंद ठाकुर, उप निदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद, डीपीओ स्थापना अवधेश कुमार, अभियंता, सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।