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मुजफ्फरपुर की ‘सोलर दीदी’ को राष्ट्रपति भवन से बुलावा, गणतंत्र दिवस समारोह में होंगी विशेष अतिथि

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मुजफ्फरपुर।बोचहा प्रखंड के छोटे से गांव ककराचक की रहने वाली देवकी देवी के लिए यह समय जीवन के सबसे गौरवशाली क्षणों में से एक बन गया है। गांव की आम महिला से “सोलर दीदी” के रूप में राष्ट्रीय पहचान बनाने वाली देवकी देवी को अब देश के सर्वोच्च संवैधानिक भवन – राष्ट्रपति भवन से विशेष निमंत्रण मिला है। वे 26 जनवरी को दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होंगी।
राष्ट्रपति भवन की ओर से भेजा गया आमंत्रण पत्र डाक के माध्यम से उनके घर पहुंचा, जिसे उप डाकपाल और पोस्टमास्टर ने स्वयं सौंपा। पत्र हाथ में लेते ही देवकी देवी भावुक हो उठीं। उन्होंने कहा, “मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि मेरे जैसे साधारण परिवार की महिला को राष्ट्रपति भवन से बुलावा आएगा।”

पहली बार हवाई सफर करेंगे पति

इस यात्रा की एक खास बात यह भी है कि देवकी देवी के पति सुनील कुमार पहली बार हवाई जहाज से सफर करेंगे। सरकार की ओर से दोनों के लिए एयर इंडिया की टिकट की व्यवस्था की गई है। 25 जनवरी को वे पटना से दिल्ली रवाना होंगे और समारोह के बाद उसी दिन लौट आएंगे।
गांव में जैसे ही यह खबर फैली, लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी उन्हें बधाई देने उनके घर पहुंच रहे हैं। पूरा ककराचक गांव इस उपलब्धि को अपनी सामूहिक जीत मान रहा है।

सिंचाई से लौटते वक्त मिली खुशखबरी

देवकी देवी बताती हैं कि जिस दिन पत्र आया, वह खेत से सिंचाई का काम निपटाकर लौटी ही थीं कि डाकघर से फोन आया। कुछ देर बाद डाककर्मी उनके घर पहुंचे और राष्ट्रपति भवन का लिफाफा सौंपा। उसी वक्त उन्हें फ्लाइट टिकट की जानकारी भी दी गई। वह पल उनके लिए अविस्मरणीय बन गया।

प्रधानमंत्री–मुख्यमंत्री से भी हो चुकी है मुलाकात

यह पहला अवसर नहीं है जब देवकी देवी को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली हो। इससे पहले वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मुलाकात कर चुकी हैं। प्रधानमंत्री ने अपने कार्यक्रम ‘मन की बात’ में उनकी मेहनत और जज्बे का विशेष उल्लेख किया था।

संघर्षों से निकली सफलता की राह

देवकी देवी की कहानी आसान नहीं रही। वर्ष 2022 उनके परिवार के लिए सबसे कठिन समय लेकर आया था। पति की नौकरी छूट गई, उसी साल आगजनी में उनका घर भी जलकर नष्ट हो गया। आर्थिक तंगी ऐसी थी कि रोजमर्रा की जरूरतें भी पूरी करना मुश्किल हो गया।
लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। बिहार सरकार की जीविका योजना से जुड़कर सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई पंप परियोजना में कदम रखा। शुरुआत में लोगों ने संदेह किया, पर उन्होंने कर्ज लेकर सोलर पंप लगवाया और किसानों का भरोसा जीत लिया।

सोलर पंप से बदली गांव की तस्वीर

आज उनकी पहल से 112 किसान लाभान्वित हो रहे हैं और लगभग 40 एकड़ भूमि की सिंचाई हो रही है। जहां पहले डीजल पंप से एक कट्ठा खेत की सिंचाई में करीब 200 रुपये खर्च होते थे, वहीं अब सोलर पंप से 100 रुपये में 2–3 कट्ठा खेत सींचा जा रहा है। इससे किसानों की लागत घटी है और पैदावार बढ़ी है।
देवकी देवी अब सालाना एक लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। गांव की महिलाएं उनसे सोलर तकनीक सीखने आती हैं। वे न सिर्फ एक उद्यमी बनीं, बल्कि पूरे इलाके के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गईं।

गांव के लिए गर्व का पल

पति सुनील कुमार कहते हैं, “यह सम्मान सिर्फ हमारे परिवार का नहीं, पूरे गांव का है। समाज के लोग बताते हैं कि किसानों के लिए किए गए काम का ही यह परिणाम है।”
कभी अभावों से जूझने वाली यह महिला आज देश की राजधानी में गणतंत्र दिवस की विशेष अतिथि होंगी। उनकी कहानी ग्रामीण भारत की उस ताकत का प्रतीक है, जो अवसर मिलने पर असंभव को संभव बना देती है।

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