जहानाबाद/पटना।पटना में रहकर NEET की तैयारी कर रही जहानाबाद की एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे बिहार को झकझोर दिया है। इस मामले को लेकर जहां परिजन न्याय की गुहार लगा रहे हैं, वहीं अब यह घटना राजनीतिक रूप भी ले चुकी है। जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर पीड़ित परिवार से मिलने उनके गांव पहुंचे और पुलिस जांच की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए।
गर्ल्स हॉस्टल में मिली थी छात्रा की लाश
जानकारी के अनुसार छात्रा पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी। कुछ दिन पहले उसकी संदिग्ध हालत में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि यह सामान्य मौत नहीं है, बल्कि इसके पीछे गंभीर अपराध छिपा हो सकता है। परिवार ने आशंका जताई है कि छात्रा के साथ दुष्कर्म भी हुआ है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर भी संशय की स्थिति बनी हुई है। परिजनों का कहना है कि उन्हें सही जानकारी नहीं दी जा रही और जांच की दिशा संदिग्ध लग रही है।
परिजनों ने पुलिस पर लगाया दबाव का आरोप
मृतका के परिवार का आरोप है कि स्थानीय जांच अधिकारी उन पर केस को कमजोर करने का दबाव बना रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस पूरे मामले को आत्महत्या या सामान्य मौत का रूप देने की कोशिश कर रही है, जबकि कई ऐसे तथ्य हैं जो किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करते हैं।
गांव में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। स्थानीय लोग निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
प्रशांत किशोर ने की मुलाकात, निष्पक्ष जांच की मांग
जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर जहानाबाद पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिले और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा—
“यदि शुरुआती जांच में पुलिस या प्रशासन से कोई लापरवाही हुई है तो उसे तुरंत सुधारा जाना चाहिए। इतने गंभीर मामले में पारदर्शिता बेहद जरूरी है।”
उन्होंने ऐलान किया कि वे पीड़ित परिवार के साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिलकर निष्पक्ष और गहन जांच की मांग करेंगे। प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि अगर न्याय नहीं मिला तो जन सुराज संविधान के दायरे में रहकर हर लोकतांत्रिक कदम उठाएगा।
सरकार की भूमिका पर उठ रहे सवाल
इस घटना के बाद राज्य में महिला सुरक्षा और छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए सिरे से बहस शुरू हो गई है। विपक्षी दल भी सरकार को घेर रहे हैं। लोगों का कहना है कि राजधानी पटना में अगर प्रतियोगी छात्राएं भी सुरक्षित नहीं हैं, तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।
न्याय की आस में परिवार
मृतका के माता–पिता का रो–रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि बेटी डॉक्टर बनकर परिवार का सहारा बनना चाहती थी, लेकिन उसके सपने अधूरे रह गए। अब परिवार को सिर्फ एक ही उम्मीद है—सच्चाई सामने आए और दोषियों को सख्त सजा मिले।
पुलिस ने मामले की जांच जारी होने की बात कही है, लेकिन जनता की नजर अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।