:
Breaking News

छपरा में शराब माफियाओं का दुस्साहस: छापेमारी करने गई पुलिस टीम पर हमला, दारोगा समेत चार घायल

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

छपरा।बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद अवैध धंधे से जुड़े माफियाओं का हौसला लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला सारण जिले के पानापुर थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां अवैध शराब की सूचना पर छापेमारी करने गई पुलिस टीम पर कारोबारियों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में एक सब-इंस्पेक्टर समेत चार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।

गुप्त सूचना पर पहुंची थी पुलिस

सूत्रों के अनुसार पानापुर थाने को सूचना मिली थी कि गंडक नदी के दियारा इलाके के मुड़वा गांव में बड़े पैमाने पर अवैध शराब की बिक्री हो रही है और वहां शराबियों का जमावड़ा लगा हुआ है। इसी सूचना के आधार पर सब-इंस्पेक्टर गुंजन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम देर रात कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची।
पुलिस को देखते ही वहां मौजूद शराब कारोबारी और उनके समर्थक भड़क गए। आरोप है कि अपराधियों ने जानबूझकर “चोर–चोर” का शोर मचाया और ग्रामीणों को भड़काकर पुलिस टीम को घेर लिया।

ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से हमला

देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और पुलिसकर्मियों पर ईंट-पत्थर व लाठी-डंडों से हमला शुरू कर दिया गया। अचानक हुए इस हमले से पुलिस टीम संभल नहीं पाई और हालात बेकाबू हो गए। किसी तरह जवानों ने अपनी जान बचाकर वहां से निकलना मुनासिब समझा।
इस हिंसक झड़प में एसआई गुंजन कुमार के अलावा पुलिसकर्मी उपेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार और चौकीदार राजेश मांझी बुरी तरह घायल हो गए।

दारोगा की हालत गंभीर, छपरा रेफर

सभी घायलों को पहले पानापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, लेकिन एसआई गुंजन कुमार की स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए छपरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है। अन्य घायल पुलिसकर्मियों का इलाज स्थानीय स्तर पर जारी है।

25 नामजद समेत कई अज्ञात पर केस

घटना के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए 25 नामजद और दर्जनों अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

दियारा इलाका बना चुनौती

पानापुर का दियारा क्षेत्र लंबे समय से शराब माफियाओं का सुरक्षित ठिकाना माना जाता रहा है। दुर्गम भौगोलिक स्थिति और संगठित नेटवर्क के कारण पुलिस के लिए यहां कार्रवाई करना बेहद मुश्किल साबित होता है।
आंकड़ों के मुताबिक सारण जिले में बीते दो वर्षों के दौरान शराब और बालू माफियाओं द्वारा पुलिस पर सौ से अधिक हमले हो चुके हैं। 2023 से 2025 के बीच 11 बड़े हमले दर्ज किए गए, जिनमें दो मामलों में पुलिस पर फायरिंग तक की गई।

कानून व्यवस्था पर उठे सवाल

ताजा घटना ने एक बार फिर शराबबंदी कानून और पुलिस सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग मानते हैं कि जब तक माफियाओं के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त नहीं किया जाएगा, ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं।
पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *