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समस्तीपुर खंड में एक्सल लॉक से रेल सेवा ठप, टला हादसा

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समस्तीपुर, 16 जनवरी 2025 – पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर–हसनपुर रोड रेलखंड पर गुरुवार को गंभीर तकनीकी खराबी के कारण रेल परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ। ट्रेन संख्या 63348 के गार्ड ब्रेक वैन का एक्सल अचानक लॉक हो जाने से पहिया जाम हो गया और अंगार घाट–भगवानपुर देसुआ स्टेशनों के बीच किलोमीटर 75/3 के पास ट्रेन को आपात स्थिति में रोकना पड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह खराबी समय रहते पकड़ में नहीं आती तो बड़ा रेल हादसा हो सकता था।
पूर्व मध्य रेलवे, समस्तीपुर मंडल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि ब्रेक वैन संख्या 198732 में मोटर संबंधी तकनीकी गड़बड़ी उत्पन्न हुई थी, जिसके कारण पहिया घूमने की स्थिति में नहीं रहा। सूचना मिलते ही एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (ART) को तत्काल घटनास्थल पर रवाना किया गया। कैरेज एंड वैगन विभाग तथा यांत्रिक शाखा के अधिकारी–कर्मचारी मौके पर पहुंचे और अंडर-बॉगी ट्रॉली एडजस्टमेंट कर आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू किया। रेलवे का दावा है कि युद्धस्तर पर काम करते हुए रिकॉर्ड समय में लाइन को क्लियर कर दिया गया और अब इस खंड पर परिचालन सामान्य है।
हालाँकि इस दौरान अप लाइन बाधित रहने से रेल यातायात पर व्यापक असर पड़ा। वीआईपी ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस संख्या 20503 को बरौनी जंक्शन के रास्ते समस्तीपुर होकर डायवर्ट करना पड़ा। कई पैसेंजर ट्रेनों को बीच रास्ते रोका गया, जिससे सैकड़ों यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। यात्रियों का कहना था कि स्टेशन पर सही सूचना नहीं मिलने से अफरातफरी की स्थिति बनी रही। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सबसे अधिक परेशान दिखे।
रेलवे भले इसे सामान्य तकनीकी घटना बता रहा हो, लेकिन एक्सल लॉक जैसी खराबी को सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। जानकारों का सवाल है कि प्रस्थान पूर्व फिटनेस जांच में यह कमी क्यों नहीं पकड़ी गई। लोकल ट्रेनों के पुराने कोच, नियमित मेंटेनेंस की कमी और स्पेयर पार्ट की अनुपलब्धता को लेकर पहले भी शिकायतें उठती रही हैं। यदि यह खराबी तेज गति वाली एक्सप्रेस ट्रेन में होती तो पटरी से उतरने जैसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता था।
स्थानीय यात्रियों ने आरोप लगाया कि समस्तीपुर मंडल में मेंटेनेंस व्यवस्था कागजी अधिक और जमीनी कम है। आपात स्थिति में सूचना तंत्र कमजोर साबित हुआ और यात्रियों के लिए न पानी की समुचित व्यवस्था हुई, न ही वैकल्पिक परिवहन की। रेल प्रशासन ने विज्ञप्ति जारी कर असुविधा के लिए खेद जताया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि इस चूक के लिए किसी अधिकारी या कर्मी की जिम्मेदारी तय होगी या नहीं।
पिछले कुछ महीनों में इस मंडल में हॉट एक्सल, ब्रेक फेल और कोच संबंधी तकनीकी गड़बड़ियों के कई मामले सामने आए हैं। इसके बावजूद ठोस सुधार नहीं होना यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है। यह घटना चेतावनी है कि यदि रख–रखाव प्रणाली को तत्काल मजबूत नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ी अनहोनी भी हो सकती है। रेलवे को चाहिए कि केवल मरम्मत का दावा करने के बजाय पूरे मेंटेनेंस तंत्र की स्वतंत्र जांच कराए और दोषियों पर ठोस कार्रवाई करे।

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