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NEET छात्रा मौत मामला: गृह मंत्री के सख्त निर्देश पर SIT गठित, दो पुलिस अधिकारी हटाए गए, जांच की रोज होगी समीक्षा

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पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस संवेदनशील प्रकरण में बढ़ते सवालों और परिजनों की मांग को देखते हुए बिहार सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। राज्य के गृह मंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय ने मामले की गहन और निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। डीजीपी द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस टीम का नेतृत्व पटना रेंज के आईजी जितेन्द्र राणा करेंगे, जो प्रतिदिन जांच की प्रगति की समीक्षा करेंगे और अनुसंधान की सीधे निगरानी रखेंगे।
सरकार की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही, दबाव या साक्ष्यों से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। SIT को पूरी स्वतंत्रता दी गई है ताकि वह वैज्ञानिक और निष्पक्ष तरीके से जांच को आगे बढ़ा सके। टीम में सिटी एसपी (पूर्वी) परिचय कुमार के अलावा एक महिला डीएसपी, एक महिला इंस्पेक्टर, एक पुरुष इंस्पेक्टर, एक सब-इंस्पेक्टर, एक एएसआई और कांस्टेबल को शामिल किया गया है। महिला अधिकारियों को विशेष रूप से शामिल करने का उद्देश्य यह है कि छात्रा से जुड़े संवेदनशील पहलुओं की जांच अधिक भरोसेमंद और मानवीय दृष्टिकोण से की जा सके।
मामले की शुरुआती जांच में स्थानीय पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठे थे। इसे देखते हुए तत्काल प्रभाव से एएसपी सदर और चित्रगुप्त नगर थानाध्यक्ष को उनके पद से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि सरकार इस प्रकरण को लेकर बेहद गंभीर है और किसी भी अधिकारी को बचाने की कोशिश नहीं की जाएगी। गृह मंत्री ने साफ कहा है कि जो भी दोषी होगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून के दायरे में लाया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार SIT अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और छात्रा के संपर्कों की बारीकी से जांच करेगी। छात्रा किन परिस्थितियों में थी, आखिरी बार किससे मिली, कोचिंग और हॉस्टल से जुड़े पहलू क्या थे—इन सभी बिंदुओं पर क्रमवार पड़ताल की जाएगी। पुलिस मुख्यालय ने यह भी निर्देश दिया है कि जांच की हर कड़ी को दस्तावेजी रूप में सुरक्षित रखा जाए ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न हो।
इस घटना के बाद से छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में आक्रोश देखा जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि शुरुआती स्तर पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे कई महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं। SIT गठन के बाद परिवार ने उम्मीद जताई है कि अब सच्चाई सामने आएगी और उनकी बेटी को न्याय मिलेगा।
गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने भरोसा दिलाया है कि सरकार इस मामले को अंजाम तक पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि पटना IG की प्रत्यक्ष निगरानी में चल रही जांच पारदर्शी होगी और जरूरत पड़ने पर तकनीकी विशेषज्ञों की भी मदद ली जाएगी। प्रशासन का दावा है कि जल्द ही इस संदिग्ध मौत के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ जाएगी और दोषियों पर कठोर कार्रवाई होगी।

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