रेरा निबंधन की जांच किए बिना निवेश न करें खरीदार, वरना फंस सकती है राशि: विवेक कुमार सिंह
दरभंगा, 17 जनवरी 2026 :- भू–सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा), बिहार द्वारा दरभंगा में संवेदीकरण सह उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। उद्घाटन करते हुए रेरा बिहार के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने कहा कि घर, फ्लैट या प्लॉट खरीदने से पहले यह जांच जरूरी है कि संबंधित परियोजना रेरा में निबंधित है या नहीं। बिना निबंधन वाली परियोजनाओं में निवेश करने से खरीदारों की राशि फंस सकती है और ऐसे प्रोजेक्ट के निबंधन पर रोक भी लगाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग थोड़े पैसे बचाने के लिए नियमों की अनदेखी कर देते हैं, जो आगे चलकर बड़ी परेशानी बन जाती है। इस प्रकार की कार्यशालाओं से रेरा को जमीनी स्तर की समस्याओं की जानकारी मिलती है और नीतिगत सुधार में मदद मिलती है।
रेरा अध्यक्ष ने दरभंगा प्रमंडल के जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और नगर निकायों से अपील की कि वे रेरा अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू कराने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि भू–सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम 2016 का उद्देश्य ही खरीदारों के हितों की रक्षा करना है, इसलिए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आवश्यक है। सभी जिलों को अनुपालन रिपोर्ट भेजने के लिए प्रपत्र उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि नियमित मॉनिटरिंग हो सके।
कार्यशाला में रेरा बिहार के जांच आयुक्त संजय सिंह, प्रमंडलीय आयुक्त हिमांशु कुमार राय, मिथिला प्रक्षेत्र के डीआईजी मनोज कुमार तिवारी, दरभंगा डीएम कौशल कुमार, समस्तीपुर डीडीसी सूर्य प्रताप सिंह, दरभंगा एसएसपी जगुनाथ रेड्डी सहित दरभंगा, समस्तीपुर और मधुबनी के नगर निकायों के अधिकारी व जिला उप–निबंधक मौजूद रहे। जांच आयुक्त संजय सिंह ने कहा कि रेरा लागू होने के बाद लोगों का भरोसा बढ़ा है और वे खुलकर शिकायत दर्ज करा रहे हैं। प्रमंडलीय आयुक्त हिमांशु कुमार राय ने भरोसा दिलाया कि सभी जिले रेरा की अपेक्षाओं के अनुरूप सहयोग देंगे।
डीआईजी मनोज कुमार तिवारी ने कहा कि रेरा कानून का व्यापक प्रचार–प्रसार जरूरी है, क्योंकि लोग अपनी जीवनभर की कमाई घर खरीदने में लगाते हैं। उन्होंने वेबसाइट को और सरल बनाने का सुझाव दिया। दरभंगा डीएम कौशल कुमार ने कहा कि अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया जाएगा कि रेरा नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों की नियमित रिपोर्ट दें, ताकि कार्रवाई हो सके। समस्तीपुर डीडीसी सूर्य प्रताप सिंह ने जिला स्तर पर भी ऐसी कार्यशालाओं के आयोजन की आवश्यकता बताई।
दरभंगा एसएसपी ने कहा कि आम लोगों की शिकायतों को रेरा तक पहुँचाने में पुलिस प्रशासन पूरा सहयोग करेगा। रेरा बिहार ने प्रमंडलीय आयुक्तों, डीएम और एसपी को यह सुविधा दी है कि पीड़ित खरीदारों की शिकायत सीधे रेरा पोर्टल पर भेजी जा सके। इसके लिए यूजर आईडी–पासवर्ड भी उपलब्ध कराए गए हैं।
कार्यशाला में रेरा टीम द्वारा पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, रेरा के कार्यों तथा 2022 में संशोधित बिहार भवन उपनियम–2014 के अनुपालन की जानकारी दी गई। पहले सत्र के अंत में प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। दूसरे सत्र में दरभंगा, समस्तीपुर व मधुबनी के निबंधित परियोजना प्रमोटरों के साथ बैठक हुई, जिसमें निबंधन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और अनुपालन से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया। अंत में प्रश्नोत्तर सत्र के साथ कार्यशाला का समापन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत में रेरा बिहार के सचिव अनिमेष पाण्डेय ने अतिथियों का स्वागत किया और आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।