समस्तीपुर पुलिस ने पेशेवर अनुसंधान और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए हलई थाना क्षेत्र में हुई निर्मम हत्या की गुत्थी महज 24 घंटे के भीतर सुलझा ली है। इस सनसनीखेज वारदात में शामिल तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनमें मृतक की पत्नी, ससुर और एक अन्य रिश्तेदार शामिल हैं। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और खून लगा बांस का बल्ला भी बरामद कर लिया है, जो इस कांड के अहम साक्ष्य माने जा रहे हैं।
दरअसल 16 जनवरी 2026 को सुबह करीब 11 बजे हलई थाना पुलिस को सूचना मिली कि लरूआ चौर स्थित सरसों के खेत में एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। घटनास्थल को सुरक्षित कर एफएसएल टीम को बुलाया गया, जहाँ से खून लगा बांस का बल्ला बरामद किया गया। तकनीकी और स्थानीय सूचना के आधार पर मृतक की पहचान बेगूसराय जिले के बखरी थाना क्षेत्र के शंकरपुर निवासी राजा सहनी के रूप में हुई। पता चला कि उसका ससुराल हलई थाना क्षेत्र के दादनपुर गाँव में है।
मृतक के मामा रामदयाल सहनी के आवेदन पर हलई थाना में कांड संख्या–12/26 दर्ज करते हुए धारा 103(1)/238/3(5) बीएनएस के तहत आठ नामजद लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक समस्तीपुर ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पटोरी के नेतृत्व में विशेष एसआईटी का गठन किया। टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और गुप्त सूचना के सहारे छापेमारी कर तीन अभियुक्तों— गुड़िया कुमारी (मृतक की पत्नी), महावीर सहनी (ससुर) और सूर्या सहनी— को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी सूर्या सहनी ने सनसनीखेज खुलासा किया। उसने बताया कि घरेलू कलह से तंग आकर साजिश रची गई थी। योजना के तहत राजा सहनी को दादनपुर बुलाया गया, पहले उसे खिला–पिलाया गया, फिर देर रात मोटरसाइकिल से लरूआ चौर ले जाकर गला दबाया गया और बांस के बल्ले से पीट–पीटकर हत्या कर दी गई। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली गई।
जांच में यह बात सामने आई कि राजा सहनी और उसकी पत्नी गुड़िया कुमारी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मारपीट और गाली–गलौज के कारण पत्नी अधिकतर मायके में ही रहती थी। घटना के दिन भी ससुराल पहुँचते ही विवाद बढ़ा और वही झगड़ा हत्या की वजह बन गया। पुलिस का मानना है कि पूरी घटना पूर्व नियोजित थी, जिसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।
इस कार्रवाई में हलई थानाध्यक्ष पु.अ.नि. शैलेश कुमार, अपर थानाध्यक्ष सुजीत कुमार, पु.अ.नि. नितुन कुमार, पु.अ.नि. श्वेता कुमारी एवं हलई थाना के सशस्त्र बल की अहम भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और मामले के हर पहलू की वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है।
समस्तीपुर पुलिस की यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि अपराध चाहे जितना भी सुनियोजित क्यों न हो, कानून के हाथों से बच पाना आसान नहीं। इलाके के लोगों ने भी त्वरित खुलासे पर संतोष जताया है और पुलिस की कार्यशैली की सराहना की है।