पटना/बख्तियारपुर। माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने आज बख्तियारपुर स्थित गंगा तट के सीढ़ी घाट पर पहुंचकर गंगा रिवर फ्रंट डेवलपमेंट योजना के अंतर्गत कराए गए विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने घाट पर श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कराई गई सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली और व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया।
निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि बख्तियारपुर का यह घाट आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिदिन स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा इस घाट का सुव्यवस्थित एवं सुनियोजित विकास कराया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिल सके।
उन्होंने कहा कि पहले यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव था, जिसके कारण लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब सीढ़ियों, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता प्रबंधन और बैठने की सुविधाओं के विस्तार से श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत मिल रही है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि घाट की नियमित साफ-सफाई, सुरक्षा और रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि यह व्यवस्था दीर्घकाल तक सुचारू बनी रहे।
निरीक्षण के उपरांत मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने सीढ़ी घाट स्थित श्री राधे-कृष्ण मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने राज्य की सुख-शांति, उन्नति और समृद्धि की कामना करते हुए प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व सांसद पंडित शीलभद्र याजी तथा उनकी धर्मपत्नी स्वर्गीय बालकेश्वरी याजी के समाधि स्थल पर पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में पंडित शीलभद्र याजी का योगदान अविस्मरणीय है और उनकी स्मृतियों को सहेजना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के इस दौरे को बख्तियारपुर क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने घाट के सौंदर्यीकरण और सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की।
गंगा रिवर फ्रंट विकास परियोजना के माध्यम से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। मुख्यमंत्री के इस निरीक्षण से यह स्पष्ट संदेश गया कि राज्य सरकार आस्था स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।