मुजफ्फरपुर/औराई। बिहार में अपराध नियंत्रण को लेकर राज्य सरकार की सख्त नीति का असर अब सीधे जमीन पर दिखाई देने लगा है। औराई थाना पुलिस द्वारा फरार अपराधियों के खिलाफ शुरू की गई कुर्की-जब्ती की कार्रवाई ने वर्षों से छिपे अपराधियों को थाने की चौखट तक पहुंचा दिया। इसी अभियान के दौरान वर्ष 2013 के चर्चित डकैती कांड का मुख्य आरोपी, जो पिछले 13 वर्षों से कानून की पकड़ से बाहर था, गिरफ्तारी और संपत्ति जब्त होने के भय से खुद थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया।
औराई थाना प्रभारी राजा सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम जब आरोपी कुमुद राम के घर कानूनी प्रक्रिया के तहत कुर्की करने पहुंची, तो माहौल पूरी तरह बदल गया। ढोल-नगाड़ों के साथ की जा रही इस कार्रवाई ने आरोपी को यह एहसास करा दिया कि अब बचने का कोई रास्ता नहीं है। नतीजा यह हुआ कि वर्षों से फरार चल रहा अपराधी बिना किसी दबाव के थाने पहुंचा और खुद को कानून के हवाले कर दिया। यह मामला बोचहा थाना क्षेत्र के वर्ष 2013 के डकैती कांड से जुड़ा है, जिसमें आरोपी की लंबे समय से तलाश की जा रही थी।
पुलिस का यह अभियान केवल एक मामले तक सीमित नहीं रहा। औराई थाना क्षेत्र के विभिन्न नौ कांडों में फरार चल रहे अभियुक्तों के खिलाफ एक साथ कार्रवाई शुरू की गई थी। पुलिस की इसी सख्ती का परिणाम रहा कि जसौली और नया गांव इलाके से शराबबंदी कानून से जुड़े दो अन्य फरार आरोपियों ने भी कुर्की के डर से थाने में आत्मसमर्पण कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई राज्य सरकार की अपराध विरोधी रणनीति के तहत की जा रही है। हाल के दिनों में गृह विभाग की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अपराधियों के साथ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। गिरफ्तारी से बचने वालों के खिलाफ कुर्की-जब्ती सहित कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे। औराई में एक साथ तीन अपराधियों का सरेंडर इसी सख्त नीति का सीधा परिणाम माना जा रहा है।
थाना प्रभारी राजा सिंह ने बताया कि क्षेत्र के अन्य फरार अपराधियों की सूची तैयार कर ली गई है और उनके विरुद्ध भी जल्द कार्रवाई शुरू की जाएगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब अपराधियों के पास केवल दो ही रास्ते हैं—या तो वे स्वेच्छा से आत्मसमर्पण करें, या फिर कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। पुलिस किसी भी हाल में अपराध और अपराधियों के नेटवर्क को पनपने नहीं देगी।
इस अभियान के बाद से पूरे इलाके में अपराधियों के बीच बेचैनी का माहौल है। स्थानीय लोग पुलिस की इस सख्ती की सराहना कर रहे हैं और मान रहे हैं कि इससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था और मजबूत होगी। वर्षों से लंबित मामलों में जिस तरह से कार्रवाई तेज हुई है, उससे यह संकेत मिल रहा है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े नतीजे सामने आ सकते हैं।