:
Breaking News

नौकरी छोड़ी, अपनाया सेहत का रास्ता: कीर्ति प्रिया का स्टार्टअप बना एक करोड़ का ब्रांड

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

हैदराबाद/तेलंगाना।तेज रफ्तार शहरी जिंदगी में जब थाली से पोषण गायब होने लगा, तब तेलंगाना की एक युवा महिला ने इसका हल अपनी रसोई से निकाला। आईआईएम कलकत्ता की ग्रेजुएट कीर्ति प्रिया ने कॉर्पोरेट दुनिया की चमकदार नौकरी छोड़कर ऐसा स्टार्टअप खड़ा किया, जो आज एक करोड़ रुपये के कारोबार में बदल चुका है। उनकी कंपनी ‘कोह फूड्स’ लोगों तक 100 फीसदी प्राकृतिक और प्रिजर्वेटिव-फ्री वेजिटेबल पाउडर पहुंचा रही है।
कीर्ति का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं। बिट्स पिलानी से बी.फार्मा और फिर आईआईएम कलकत्ता से एमबीए करने के बाद उन्होंने जनलक्ष्मी स्मॉल फाइनेंस बैंक और एक स्टार्टअप में अच्छी पोस्ट पर काम किया। लेकिन व्यस्त नौकरी के बीच उनका खान-पान बिगड़ने लगा। ऐसे समय में मां द्वारा भेजे गए घर में बने सब्जी पाउडर उनके लिए वरदान साबित हुए। इन्हें पानी, दाल या सब्जी में मिलाकर वह झटपट पोषण पा लेती थीं। यहीं से उनके मन में खयाल आया—क्यों न इस देसी नुस्खे को बड़े स्तर पर लोगों तक पहुंचाया जाए।
2018 में इस विचार की नींव पड़ी और 2022 में तेलंगाना में ‘कोह फूड्स’ ने औपचारिक रूप लिया। नौकरी छोड़ने का फैसला आसान नहीं था। परिवार में वह पहली उद्यमी थीं, इसलिए आशंकाएं भी थीं। सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीण इलाके में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाना और किसानों का भरोसा जीतना था। कीर्ति ने रासायनिक मुक्त खेती करने वाले करीब 20 किसानों को जोड़ा और ‘स्टैंडअप इंडिया’ जैसी योजनाओं की मदद से एक एकड़ में प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की।
उनकी कंपनी पालक, चुकंदर, गाजर, करी पत्ता जैसी सब्जियों को कम तापमान पर इलेक्ट्रिकल डिहाइड्रेशन तकनीक से सुखाकर पाउडर तैयार करती है, ताकि पोषक तत्व नष्ट न हों। इन उत्पादों से मिनटों में सूप, जूस, इडली-डोसा बैटर तक तैयार हो जाता है। कीर्ति ने मार्केटिंग का अनोखा तरीका अपनाया—लाइव कुकिंग शो में रंगीन इडली-डोसा बनाकर लोगों को समझाया कि सेहतमंद खाना मुश्किल नहीं, बस तरीका सही होना चाहिए।
‘कोह फूड्स’ ने ग्रामीण महिलाओं को भी रोजगार दिया है। फैक्ट्री में काम कर रहीं करीब 15 महिलाएं आज आत्मनिर्भर बन रही हैं। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी का राजस्व 20 लाख रुपये था, जो अब बढ़कर लगभग एक करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। भारतीय बाजार के साथ-साथ यह ब्रांड अमेरिका तक दस्तक दे चुका है।
कीर्ति प्रिया कहती हैं, “हमारा लक्ष्य सिर्फ बिजनेस नहीं, लोगों की थाली में शुद्ध पोषण लौटाना है।”
उनकी यह कहानी बताती है कि हौसला हो तो रसोई से निकला छोटा-सा विचार भी वैश्विक पहचान बन सकता है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *