मोहम्मद आलम प्रधान सपादक
alamkikhabar.com
---------------------------------------
दरभंगा।मिथिला क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और आमजन को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) मनोज तिवारी लगातार प्रभावी पहल कर रहे हैं। इसी क्रम में आज दिनांक 21 जनवरी 2026 को डीआईजी मनोज तिवारी द्वारा अपने कार्यालय कक्ष, दरभंगा में जन शिकायत निवारण सुनवाई का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे।
जन शिकायत सुनवाई के दौरान डीआईजी मनोज तिवारी ने क्षेत्र के विभिन्न जिलों से आए लोगों की शिकायतों को न केवल गंभीरता से सुना, बल्कि प्रत्येक मामले में तथ्यों की गहराई से जानकारी लेते हुए संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल, निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। सुनवाई के दौरान भूमि विवाद, मारपीट, पारिवारिक विवाद, लंबित अनुसंधान, धोखाधड़ी, अवैध कब्जा, पुलिस की कार्यशैली से जुड़ी शिकायतें सहित अनेक मामले सामने आए।
डीआईजी मनोज तिवारी की कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि उन्होंने फरियादियों की बातों को पूरी संवेदनशीलता और धैर्य के साथ सुना। कई मामलों में उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को फोन कर स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। वहीं, जटिल मामलों में लिखित प्रतिवेदन लेकर त्वरित जांच एवं विधिसम्मत कार्रवाई का आदेश दिया गया।
डीआईजी मनोज तिवारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि “पुलिस जनता की सेवक है और हर पीड़ित को न्याय दिलाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही, पक्षपात या संवेदनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जन शिकायतों का निष्पादन तय समय-सीमा के भीतर हो और फरियादी को कार्रवाई की जानकारी दी जाए।
उल्लेखनीय है कि डीआईजी मनोज तिवारी द्वारा नियमित रूप से जन शिकायत की सुनवाई की जाती है, जिससे आम लोगों को अपनी बात सीधे वरीय पुलिस अधिकारी तक रखने का अवसर मिल रहा है। इस व्यवस्था से न केवल पुलिस प्रशासन की पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि जनता का भरोसा भी पुलिस पर मजबूत हुआ है। कई ऐसे मामले, जो वर्षों से थानों में लंबित थे, अब वरीय स्तर पर सुनवाई के बाद समाधान की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
सुनवाई के दौरान डीआईजी ने महिला, वृद्ध और कमजोर वर्ग से जुड़े मामलों को विशेष प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और शांति व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा।
जन शिकायत निवारण कार्यक्रम के बाद फरियादियों ने डीआईजी मनोज तिवारी की खुले दिल से सराहना की। लोगों ने कहा कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा स्वयं समय निकालकर समस्याएं सुनना और समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाना प्रशासन के प्रति विश्वास को और मजबूत करता है।
कुल मिलाकर, डीआईजी मनोज तिवारी की यह पहल मिथिला क्षेत्र में पुलिस-जन संवाद को नई दिशा देने वाली साबित हो रही है। उनकी सक्रियता, अनुशासनप्रियता और मानवीय दृष्टिकोण न केवल पुलिस बल के लिए प्रेरणास्रोत है, बल्कि आम जनता के लिए भी भरोसे का मजबूत आधार बनता जा रहा है।