एसआईटी जांच में सुपारी किलिंग की पुष्टि, भागलपुर से तीन शूटर गिरफ्तार
गोड्डा (झारखंड)।झारखंड के गोड्डा जिले से सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने कानून और न्याय व्यवस्था को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है। पत्थरगामा थाना क्षेत्र में जज की पत्नी पर गोली चलाने की घटना के पीछे कथित तौर पर उसी जज का हाथ होने का दावा पुलिस जांच में सामने आया है। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने बिहार के भागलपुर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि बिहार के सासाराम में तैनात एक ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने ही अपनी पत्नी की हत्या के लिए दो लाख रुपये की सुपारी दी थी। आरोपियों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की परतें खुलती जा रही हैं।
पारिवारिक विवाद बना हत्या की साजिश की वजह
एसआईटी की जांच में यह बात सामने आई है कि जज और उनकी पत्नी के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। दोनों के बीच तलाक और भरण-पोषण (मेंटेनेंस) से जुड़े मामले गोड्डा फैमिली कोर्ट में विचाराधीन हैं। पुलिस का मानना है कि इसी तनावपूर्ण रिश्ते के कारण पत्नी को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई।
जांच एजेंसियों को इस साजिश में जज के दो भाइयों की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है, जिसकी गहन पड़ताल की जा रही है।
17 जनवरी की शाम चली थी गोली
घटना 17 जनवरी की बताई जा रही है। जज की पत्नी वंदना फैमिली कोर्ट में पेशी के बाद लौट रही थीं, तभी पत्थरगामा थाना क्षेत्र के गांधी ग्राम के पास शाम करीब 6:30 से 7 बजे के बीच उन पर गोली चला दी गई।
घटना में वे गंभीर रूप से घायल हो गईं। पहले उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया, फिर बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के जेएनएमसीएच में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत अब भी चिंताजनक बनी हुई है।
घायल महिला का बयान बना अहम कड़ी
घटना के तुरंत बाद घायल महिला ने पुलिस को दिए बयान में साफ तौर पर कहा था कि उनके पति ने ही गोली चलवाने की साजिश रची है। इसी बयान के आधार पर पुलिस ने संबंधित जज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और जांच को आगे बढ़ाया।
चार गिरफ्तार, तलाश जारी
गोड्डा एसपी के निर्देश पर गठित एसआईटी ने कॉल डिटेल, तकनीकी साक्ष्य और रेकी के आधार पर कार्रवाई करते हुए भागलपुर से तीन आरोपियों को दबोचा। पुलिस के मुताबिक अब तक चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
न्याय व्यवस्था पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने न्यायिक प्रणाली की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस आरोपी जज के खिलाफ आगे क्या कानूनी कार्रवाई करती है और क्या इस मामले में कानून अपना रास्ता तय कर पाएगा।