समृद्धि यात्रा के क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को मुजफ्फरपुर पहुंचे, जहां उन्होंने जिले को 853 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्ष 2030 तक बिहार सरकार अपने सभी घोषित संकल्पों को जमीन पर उतार देगी। मुख्यमंत्री का कहना था कि अगले पांच वर्षों में विकास, रोजगार और सामाजिक न्याय के हर मोर्चे पर ठोस परिणाम सामने आएंगे।
मुख्यमंत्री ने जिले में चल रही और प्रस्तावित योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। प्रशासन की ओर से उन्हें सड़क, पुल, शहरी विकास और आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति से अवगत कराया गया। यात्रा के दौरान वे बखरी चौक भी पहुंचे, जहां फोर लेन सड़क निर्माण और चंदवारा पुल के फेज-टू संपर्क पथ की स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से शहर की यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा।
एनएचएआई की ओर से मुख्यमंत्री को बताया गया कि मुजफ्फरपुर ईस्ट बाइपास का एलाइनमेंट तय कर लिया गया है। साथ ही रामदयालु जंक्शन के समग्र विकास की योजना को अंतिम रूप दिया जा चुका है। इसके तहत रामदयालुनगर क्षेत्र में सर्कुलर रोड का निर्माण होगा, जिससे मधौल, दिघरा और खबड़ा की ओर तीन एलिवेटेड सड़कें जुड़ेंगी। सरकार का मानना है कि इससे शहरी ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम होगा और आवागमन सुगम बनेगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जीविका के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं और यही सामाजिक परिवर्तन की मजबूत नींव है। इसके बाद वे बाजार समिति परिसर में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां बड़ी संख्या में आम लोग, जनप्रतिनिधि, मंत्री और विधायक मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने मंच से 71 करोड़ रुपये की लागत से बने प्रशासनिक भवन और 283 नई दुकानों का उद्घाटन भी किया। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए कौशल विकास को मजबूत किया जाएगा और एक अलग विभाग के माध्यम से योजनाओं को लागू किया जाएगा।
नीतीश कुमार ने कहा कि 2005 के बाद बिहार में कानून का राज स्थापित हुआ है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम हुआ है। शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों की व्यापक बहाली की गई, जबकि स्वास्थ्य क्षेत्र में मुफ्त दवा और इलाज की सुविधा को मजबूत किया गया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में हर घर तक मुफ्त बिजली पहुंचाने के लिए सोलर आधारित योजनाओं पर काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने जाति आधारित गणना का जिक्र करते हुए कहा कि 94 लाख गरीब परिवारों की पहचान की गई है, जिनके लिए रोजगार और स्वरोजगार की ठोस व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता है। उनका दावा था कि 2030 तक सरकार अपने सभी वादों को पूरा करेगी और बिहार विकास के नए मुकाम पर पहुंचेगा।
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार सतत विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है और मुजफ्फरपुर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने का काम तेजी से चल रहा है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार को जंगलराज से निकालकर सुशासन की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ाया गया है।
समृद्धि यात्रा के इस पड़ाव पर सरकार ने न सिर्फ बड़ी घोषणाएं कीं, बल्कि यह संकेत भी दिया कि आने वाले वर्षों में बिहार की विकास गति और तेज होने वाली है।