बिहार में एक ओर सरकारी अस्पताल की लापरवाही का आरोप है तो दूसरी ओर अपराधियों की बर्बरता ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुजफ्फरपुर और नवादा से सामने आई दो अलग-अलग घटनाएं यह बताने के लिए काफी हैं कि आम लोगों की सुरक्षा और भरोसा दोनों डगमगाते नजर आ रहे हैं।
मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसकेएमसीएच) में इलाज के दौरान एक गर्भवती नवविवाहिता की मौत के बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। सीतामढ़ी जिले की रहने वाली 23 वर्षीय बबीता कुमारी को तबीयत बिगड़ने पर एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि जांच के बाद डॉक्टरों ने खून की कमी बताई, लेकिन अस्पताल में खून उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर बाहर से ब्लड मंगाने के नाम पर पैसे की मांग की गई। आरोप है कि ब्लड चढ़ाने के बाद महिला की हालत और बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि समय रहते इलाज नहीं किया गया और जब वे डॉक्टरों से मदद की गुहार लगा रहे थे, तब उनके साथ बदसलूकी और मारपीट तक की गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में भारी हंगामा हुआ। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। मेडिकल कॉलेज ओपी प्रभारी ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी। इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था, संसाधनों की उपलब्धता और मरीजों के साथ व्यवहार पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।
इधर, नवादा जिले से आई खबर ने पूरे इलाके को दहला दिया है। रोह थाना क्षेत्र के गोरहारी गांव निवासी 45 वर्षीय अशोक मिस्त्री की अपहरण के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक पेशे से झोलाछाप डॉक्टर था और पिछले कई वर्षों से कोसी गांव में ग्रामीण चिकित्सक के रूप में काम कर रहा था। परिजनों के अनुसार, घर लौटने के दौरान अपराधियों ने उसे अगवा कर लिया और देर रात उसकी हत्या कर शव को बधार में ले जाकर जला दिया।
शुक्रवार सुबह जब जले हुए शव के अवशेष बरामद हुए तो इलाके में सनसनी फैल गई। शव के कई हिस्सों को काटकर जलाया गया था, जिससे हत्या की क्रूरता साफ झलकती है। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने नवादा–रोह मुख्य मार्ग को जाम कर दिया और टायर जलाकर प्रदर्शन किया। लोग दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
पुलिस ने बताया कि मृतक की पत्नी ने पति के लापता होने को लेकर पहले ही सनाह दर्ज कराई थी। अब हत्या के हर पहलू की जांच की जा रही है। मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
स्वास्थ्य व्यवस्था में कथित लापरवाही और कानून-व्यवस्था की इस नृशंस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आम नागरिक आखिर कहां सुरक्षित है। अब निगाहें प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं कि पीड़ित परिवारों को न्याय कब और कैसे मिलता है।