पटना।संविधान की आत्मा और लोकतंत्र की शक्ति का प्रतीक 77वां गणतंत्र दिवस बिहार की राजधानी पटना में पूरे वैभव, अनुशासन और गरिमा के साथ मनाया गया। ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में राज्यपाल मो. आरिफ खान ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। जैसे ही तिरंगा शान से लहराया, राष्ट्रगान की गूंज के साथ पूरा मैदान देशभक्ति के जज्बे से भर उठा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद, विधायक, न्यायपालिका व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। मंच से लेकर दर्शक दीर्घा तक हर ओर राष्ट्रीय एकता और संवैधानिक मूल्यों का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
ध्वजारोहण के बाद 21 टुकड़ियों की भव्य परेड का आयोजन किया गया। बिहार पुलिस, होमगार्ड, विशेष सशस्त्र बल और अन्य सुरक्षा इकाइयों की टुकड़ियों ने अनुशासन, एकरूपता और कर्तव्यपरायणता का शानदार प्रदर्शन किया। परेड के दौरान दर्शकों ने तालियों के साथ जवानों का उत्साहवर्धन किया।
समारोह की सबसे बड़ी विशेषता बिहार सरकार के विभिन्न विभागों की विषयगत झांकियां रहीं। कुल 12 विभागों की झांकियों के माध्यम से राज्य की विकास यात्रा, सरकारी योजनाओं और सामाजिक सरोकारों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया। महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा, उद्योग, कृषि, पर्यटन और नशा मुक्ति जैसे विषयों पर आधारित झांकियों ने दर्शकों को न केवल आकर्षित किया, बल्कि जनकल्याण के संदेश भी दिए। रंग-बिरंगी प्रस्तुतियों ने बिहार की सांस्कृतिक विविधता और प्रगति को जीवंत रूप में सामने रखा।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। गांधी मैदान और आसपास के क्षेत्रों को चार सेक्टरों में विभाजित किया गया था। लगभग 136 दंडाधिकारी और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई, जबकि महिला बल, लाठी बल और अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को भी विशेष रूप से लगाया गया। समारोह स्थल और आसपास के इलाकों में 128 सीसीटीवी कैमरों के जरिए पल-पल की निगरानी की गई, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी के अन्य महत्वपूर्ण परिसरों में भी राष्ट्रीय पर्व की धूम रही। बिहार विधानसभा परिसर में विधानसभा अध्यक्ष ने ध्वजारोहण किया, जबकि विधान परिषद परिसर में सभापति ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर सदस्यों और कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं। इसके अलावा मुख्यमंत्री आवास सहित विभिन्न सरकारी भवनों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर भी तिरंगा फहराया गया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।
राज्यभर में आयोजित कार्यक्रमों के जरिए नागरिकों ने संविधान के प्रति आस्था और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। 77वें गणतंत्र दिवस ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि विविधताओं से भरा बिहार संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता के सूत्र में मजबूती से बंधा हुआ है।