पटना:बिहार सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए पुलिस की भूमिका को नए सिरे से परिभाषित करने का संकेत दिया है। उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब पुलिस केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आर्थिक विकास की प्रक्रिया में भी सक्रिय भागीदार बनेगी।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्य पुलिस मुख्यालय स्थित सरदार पटेल भवन में ध्वजारोहण के बाद पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि निवेश और उद्योग तभी बढ़ेंगे, जब कानून-व्यवस्था मजबूत होगी और आम लोगों व उद्यमियों में भरोसा पैदा होगा। इस भरोसे की सबसे बड़ी जिम्मेदारी पुलिस के कंधों पर है।
सुशासन की नींव पर टिका विकास का मॉडल
उपमुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व की चर्चा करते हुए कहा कि बिहार में सुशासन की जो आधारशिला रखी गई है, उसे मजबूती से बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों से अपेक्षा जताई कि अपराध नियंत्रण के साथ-साथ न्याय दिलाने की प्रक्रिया को और तेज किया जाए।
उनका कहना था कि न्याय में देरी विकास में बाधा बनती है, इसलिए पुलिस को और अधिक प्रभावी, संवेदनशील और जवाबदेह बनना होगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर के बाद अब उद्योगों पर फोकस
सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार ने राज्य के गांव-गांव तक बिजली, सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचा दी हैं। अब अगला लक्ष्य बिहार को औद्योगिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि राज्य अपने संसाधनों से राजस्व सृजित कर सके और रोजगार के अवसर बढ़ें।
उन्होंने कहा कि उद्योगों के विस्तार के बिना आर्थिक आत्मनिर्भरता संभव नहीं है और इस दिशा में पुलिस की सक्रिय भूमिका निर्णायक साबित होगी।
बदले बिहार की आर्थिक तस्वीर
उपमुख्यमंत्री ने बिहार के आर्थिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय राज्य का बजट बेहद सीमित हुआ करता था और झारखंड से मिलने वाली रॉयल्टी पर बड़ी निर्भरता थी। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में केवल जीएसटी के माध्यम से ही राज्य को करीब 40 हजार करोड़ रुपये की आमदनी हो रही है, जो आर्थिक मजबूती का संकेत है।
पिछले वित्तीय वर्ष में बिहार का बजट 3.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है और आने वाले बजट में इससे भी अधिक विस्तार की संभावना है।
पुलिस बल होगा और मजबूत
सम्राट चौधरी ने भरोसा दिलाया कि सरकार पुलिस व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। बड़े पैमाने पर भर्तियां जारी हैं और अगले छह महीनों में राज्य में पुलिसकर्मियों की संख्या डेढ़ लाख के पार पहुंचने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि मजबूत पुलिस बल, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था और उद्योगों का विस्तार—यही बिहार को समृद्ध राज्य बनाने की कुंजी है।