समस्तीपुर, 27 जनवरी 2026: समस्तीपुर मंडल मुख्यालय में आज 77वां गणतंत्र दिवस अत्यंत गरिमामय माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक श्री ज्योति प्रकाश मिश्रा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और रेल सुरक्षा बल तथा एनसीसी कैडेट्स की परेड की सलामी ली। समारोह में मंडल के सभी विभागाध्यक्ष, अधिकारी, कर्मचारी, यूनियनों एवं एसोसिएशनों के प्रतिनिधि और महिला कल्याण संगठन की पदाधिकारी उपस्थित थे। ध्वजारोहण के बाद मंडल रेल प्रबंधक ने उपस्थित रेल परिवार को संबोधित करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस हमें हमारे संविधान, राष्ट्रीय एकता और कर्तव्यनिष्ठा की निरंतर याद दिलाता है। उन्होंने बताया कि समस्तीपुर मंडल के सभी रेलकर्मी इस राष्ट्रीय उत्तरदायित्व को पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ निभा रहे हैं और यही भावना मंडल की प्रत्येक उपलब्धि में परिलक्षित होती है।
मंडल ने आधारभूत संरचना को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने के लिए पिछले वर्ष में ट्रैक, सिग्नलिंग, विद्युतीकरण और लाइन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार किए हैं। दरभंगा–सीतामढ़ी, सीतामढ़ी–रक्सौल, रक्सौल–नरकटियागंज, मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी, सहरसा–पूर्णिया, जयनगर–जोगबनी, चकिया–जीवधारा, जीवधारा–बापूधाम मोतिहारी, सेमरा–सगौली तथा साठी–नरकटियागंज के डाउन रेलखंडों पर ट्रेनों की अधिकतम गति 100 से बढ़ाकर 110 किलोमीटर प्रति घंटे कर दी गई है, जिससे यात्रियों का समय बचा और नेटवर्क की दक्षता बढ़ी। मुजफ्फरपुर–कर्पुरीग्राम रेलखंड के समस्तीपुर मंडल में विलय के साथ अब मंडल के अंतर्गत कुल 220 स्टेशन कार्यरत हैं। मंडल मुख्यालय समस्तीपुर में केंद्रीय एयर कंडीशन युक्त अत्याधुनिक परिचालन नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिससे पूरे मंडल की ट्रेन परिचालन व्यवस्था डिजिटल और रीयल-टाइम निगरानी के अंतर्गत आ गई है।
संरक्षा और ट्रैक की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से 83 किलोमीटर की लंबाई में Through Rail Renewal का कार्य सम्पन्न किया गया। खगड़िया–अलौली तथा सुपौल–पीपराहां के बीच कुल 40 किलोमीटर नई रेललाइन का निर्माण किया गया, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों की सीधी रेल कनेक्टिविटी सुनिश्चित हुई। कपरपुरा से पिपराहां के बीच लगभग 10 किलोमीटर ट्रैक का दोहरीकरण पूरा किया गया। मंडल में 11 समपार फाटकों को समाप्त कर सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग बनाए गए। 11 खंडों में UFSBI मशीनिंग, 10 खंडों में Block Proving Axle Counter, 18 समपार फाटकों पर EOLB तथा 13 समपार फाटकों पर स्लाइडिंग बूम लगाए गए। 7 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग लागू की गई। इस अवधि में 148 ट्रैक किलोमीटर का विद्युतीकरण किया गया, जिससे समस्तीपुर मंडल में कुल विद्युतीकृत मार्ग 1777 ट्रैक किलोमीटर तक पहुँच गया। जीवधारा स्टेशन पर 50 करोड़ की लागत से कोच एवं रेक अनुरक्षण सुविधा विकसित की जा रही है। ललितग्राम में 1.5 किलोमीटर का बाइपास निर्माण कर रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित एवं सुचारू बनाया गया। न्यू झाझा–बैजनाथपुर अन्दौली सेक्शन में 4.22 किलोमीटर का नया बाइपास बनाया गया। सीतामढ़ी में नया रनिंग रूम बनाया गया। सहरसा एवं दरभंगा में डिपार्टमेंटल मेकनाइज्ड लॉन्ड्री की स्थापना की गई।
मंडल यात्रियों को सुरक्षित, सुलभ और सम्मानजनक यात्रा सुविधा देने के लिए लगातार प्रयासरत रहा है। जयनगर एवं रक्सौल स्टेशनों पर दो-दो लिफ्ट, और मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर 15 रैंप और 17 बे-पी पी शेल्टर बनाए गए। दीपावली और छठ पर्व के समय अतिरिक्त कर्मचारियों एवं स्काउट एवं गाइड की तैनाती की गई। वर्ष के दौरान 1264 दिव्यांग यात्रियों को रियायती यात्रा सुविधा प्रदान की गई और उनकी सहायता के लिए “दिव्यांग जन कार्ड” जारी किया गया। त्योहारों के दौरान यात्रियों की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए कुल 3901 स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं। महिला यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए महिला आरक्षित कोच और महिला गार्ड की व्यवस्था का विस्तार किया गया।
मंडल ने यात्रियों, कर्मचारियों और परिसंपत्तियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। वर्ष 2025 तथा दिसंबर 2025 तक मंडल द्वारा कुल 25 सुरक्षा अभियान चलाए गए। दुर्घटना की स्थिति में त्वरित राहत के लिए सहरसा, नरकटियागंज, दरभंगा और रक्सौल स्टेशनों के लिए Accident Relief Road Vehicle की व्यवस्था की गई। 684 कोचों में IP आधारित CCTV कैमरे लगाए जाने को स्वीकृति प्रदान की गई। विशेष अभियानों में 116 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और 5.61 लाख मूल्य की रेलवे संपत्ति बरामद हुई। महिला सुरक्षा अभियान में 2238 पुरुष यात्रियों पर 7.18 लाख का जुर्माना लगाया गया। ऑपरेशन “नन्हें फरिश्ते” के अंतर्गत 290 बच्चों को ट्रेनों तथा रेल परिसर से रेस्क्यू किया गया।
मंडल राजस्व-सृजन और परिसंपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग को बढ़ावा देता रहा। 25 स्टेशनों पर 29 यूनिट पार्किंग स्टैंड तथा 10 स्टेशनों पर 11 पे-यूज शौचालय ई-ऑक्शन के माध्यम से आवंटित किए गए। रेलवे को 16.54 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। डिजिटल डिस्प्ले, होर्डिंग, साइनज और अन्य माध्यमों के जरिए अतिरिक्त आय अर्जित की गई। OSOP योजना के अंतर्गत 38 स्टेशनों पर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिला। वित्तीय वर्ष 2025–26 में यात्रियों से 886 करोड़, माल यातायात से 140 करोड़ और अन्य आय 37 करोड़ की प्राप्ति हुई, कुल आय 1089 करोड़ रही।
मंडल ने वित्तीय अनुशासन को सुदृढ़ करते हुए व्यय नियंत्रण और स्क्रैप डिस्पोजल पर विशेष बल दिया। वित्तीय वर्ष 2025–26 में 24.12 करोड़ की स्क्रैप बिक्री हुई। लेखा विभाग द्वारा की गई आंतरिक जांच में 13.23 करोड़ की बचत सुनिश्चित की गई। लंबित बकाया वसूली से 1.29 करोड़ की अतिरिक्त प्राप्ति हुई।
मंडल परिचालन को पारदर्शी, तेज और विश्वसनीय बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग कर रहा है। Live Train Monitoring System लागू किया गया, जिसके माध्यम से ट्रेनों की गति, ठहराव और परिचालन स्थिति रीयल-टाइम में देखी जा रही है। मंडल पर्यावरणीय उत्तरदायित्व निभा रहा है। Regenerative Braking से 1.3 करोड़ KWH विद्युत ऊर्जा उत्पन्न की गई और डीजल खपत में कमी लाकर 31.44 करोड़ की अतिरिक्त बचत हुई। रेल परिसरों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कर पर्यावरण संतुलन मजबूत किया गया।
कर्मचारियों के कल्याण के लिए मंडल ने 162 बच्चों को टैबलेट प्रदान किए। 1149 कर्मचारियों को प्रोन्नति दी गई, 129 को MACP लाभ मिला। 2934 शिकायतों का निस्तारण किया गया। iGOT Karmyogi और विभागीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों से कौशल विकास किया गया। महिला कर्मचारियों के लिए विशेष स्वास्थ्य और सुरक्षा कार्यक्रम आयोजित किए गए।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक ने 7 कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। मंडल रेल प्रबंधक श्री ज्योति प्रकाश मिश्रा ने कहा कि समस्तीपुर मंडल की असली ताकत इसके रेलकर्मी हैं, जिनके परिश्रम और समर्पण से मंडल विकास, सुरक्षा और सेवा के नए मानक स्थापित कर रहा है और आने वाले वर्षों में यह आधुनिक, सुरक्षित और मानवीय रेलवे के रूप में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।