ताजपुर/समस्तीपुर, 27 जनवरी 2026: ताजपुर नगर परिषद क्षेत्र में पिछले छह महीनों से स्थानीय विकास कार्यों की ठहराव और आवास योजना के लाभार्थियों को भुगतान न किए जाने के खिलाफ पांच वार्ड पार्षदों—मुकेश कुमार मेहता, रवि कुमार, जावेद अकरम, अजहर मिकरानी और दुर्गा प्रसाद साह ने मंगलवार को अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया। वार्ड पार्षद राजीव सुर्यवंशी की अध्यक्षता और वार्ड पार्षद अहमद रज़ा उर्फ़ मिन्टू बाबू के संचालन में आयोजित सभा में उपस्थित लोगों ने पार्षदों के समर्थन में एकजुटता दिखाई।
अनशन स्थल पर बड़ी संख्या में वार्ड पार्षद, स्थानीय जनता और भाकपा माले के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व में माले नेता प्रभात रंजन गुप्ता, मकसुदन सिंह, प्रमोद साह, आइसा जिला सचिव सुनील कुमार सिंह समेत अन्य कार्यकर्ता अनशन स्थल पहुंचे और उन्होंने अधिकारियों से तत्काल पार्षदों की मांगों को पूरा करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई नहीं की तो भाकपा माले आंदोलन और तेज करेगा।
वार्ड पार्षदों का आरोप है कि पिछले छह महीने में क्षेत्र में कोई विकास योजना नहीं चलाई गई, आवास योजना के लाभार्थियों का राशि का भुगतान नहीं हुआ, आवास लाभार्थियों को 1 हजार रुपए के स्टाम्प पर अफिडेविट देने का नियम ताक पर रखा गया और 25 लाख रुपए की लागत से कार्यपालक पदाधिकारी का विश्राम कक्ष बनवाया गया। अनशन स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं और जनता ने इस पर तीखी आपत्ति जताई।
अनशन स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि कार्यपालक पदाधिकारी जुल्फेकार अली प्यामी कार्यालय में उपस्थित नहीं थे, जिस कारण पार्षदों और जनता में असंतोष व्याप्त है। अनशन के दौरान वार्ड पार्षदों ने कहा कि उनकी मांगों पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया तो आगामी दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
स्थानीय लोगों और उपस्थित नेताओं ने यह भी कहा कि इस अनशन आंदोलन का उद्देश्य केवल क्षेत्र के विकास कार्यों को सुचारू करना और नियमों के अनुसार लाभार्थियों को उनके हक दिलवाना है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि वह जल्द ही समाधान निकालें और वार्ड पार्षदों के साथ सहयोग करें। अनशन वर्तमान में जारी है और बुधवार को वार्ड पार्षदों के नेतृत्व में प्रतिरोध मार्च निकाले जाने की योजना है।
इस आंदोलन को भाकपा माले का समर्थन प्राप्त है और पार्टी के कार्यकर्ता लगातार पार्षदों के साथ खड़े हैं। वार्ड पार्षदों ने कहा कि उनका यह आंदोलन जनहितैषी है और जनता के अधिकारों के लिए किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन लंबा और व्यापक रूप ले सकता है।