बारामती | विशेष रिपोर्ट
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक दर्दनाक विमान हादसे में निधन हो गया। चुनाव प्रचार के सिलसिले में बारामती पहुंच रहे उनके चार्टर प्लेन की लैंडिंग के दौरान यह हादसा हुआ। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि विमान पूरी तरह जलकर खाक हो गया। इस हादसे में अजित पवार समेत कुल पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद पूरे बारामती क्षेत्र में अफरा‑तफरी मच गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, विमान के नीचे आते ही तेज आवाज सुनाई दी और कुछ ही सेकेंड में आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। हादसा स्थल खेत में होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी दिक्कतें आईं। दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था।
हादसे के कारणों पर अब भी सस्पेंस
विमान दुर्घटना के पीछे की वजह को लेकर फिलहाल स्थिति साफ नहीं है। तकनीकी खराबी, मौसम की भूमिका या मानवीय चूक—इन तमाम पहलुओं पर जांच की जा रही है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा।
इस बीच, हादसे की गंभीरता को देखते हुए उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि आखिर इतने बड़े पद पर बैठे नेता की सुरक्षा में कहां चूक हुई।
राजनीतिक जगत में गहरा शोक
अजित पवार के असामयिक निधन से देशभर की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस हादसे को अपूरणीय क्षति बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।
गृह मंत्री अमित शाह ने इसे एनडीए परिवार और महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बड़ा नुकसान बताया।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और अश्विनी वैष्णव ने अजित पवार को एक कर्मठ और जनसेवा को समर्पित नेता बताते हुए श्रद्धांजलि दी।
लालू यादव ने उठाया जांच का मुद्दा
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अजित पवार के निधन पर गहरा शोक जताते हुए इस हादसे को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि इस विमान दुर्घटना की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
महाराष्ट्र की राजनीति को बड़ा झटका
अजित पवार को महाराष्ट्र की राजनीति में एक तेज‑तर्रार, निर्णायक और जमीनी नेता के रूप में जाना जाता था। दशकों तक सक्रिय राजनीति में रहने वाले अजित पवार का अचानक इस तरह चला जाना न सिर्फ उनके समर्थकों के लिए बल्कि पूरे राज्य के लिए बड़ा आघात है। उनके निधन से एनसीपी और महाराष्ट्र की सियासत में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां और विमानन विभाग हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच में जुटे हैं। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से यह साफ हो सकेगा कि यह महज एक दुर्घटना थी या किसी गंभीर लापरवाही का नतीजा।