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बक्सर में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, निगरानी ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई

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बक्सर/पटना। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बक्सर जिले में एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ब्रह्मपुर प्रखंड में पदस्थापित प्रखंड कल्याण पदाधिकारी-सह-प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एकता भाईकेन्द्र लक्की को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए उनके कार्यालय कक्ष से रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई 29 जनवरी 2026 को की गई, जबकि इस मामले में प्राथमिकी एक दिन पूर्व दर्ज की गई थी।
निगरानी ब्यूरो को यह शिकायत ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के गायघाट निवासी एवं मध्य विद्यालय गायघाट में कार्यरत शिक्षक सुधीर कुमार पाठक द्वारा दी गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनके एरियर बकाया 4 लाख 63 हजार 587 रुपये के भुगतान के बदले संबंधित अधिकारी लगातार रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने पूरे मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने के ठोस प्रमाण पाए गए।
शिकायत सही पाए जाने पर निगरानी थाना कांड संख्या 11/26 के तहत मामला दर्ज किया गया और पुलिस उपाधीक्षक रीता सिन्हा के नेतृत्व में एक विशेष धावा दल का गठन किया गया। योजना के अनुसार, जैसे ही आरोपी ने कार्यालय कक्ष में रिश्वत की राशि स्वीकार की, धावा दल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
निगरानी सूत्रों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना में प्रस्तुत किया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है और इससे जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
गौरतलब है कि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने जनवरी 2026 में ही भ्रष्टाचार के विरुद्ध 11वीं प्राथमिकी दर्ज की है। इस माह अब तक ट्रैप से जुड़े 10 मामलों में कार्रवाई करते हुए कुल 7 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है और 85 हजार रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई है। तुलना करें तो जनवरी 2025 में केवल 4 प्राथमिकी दर्ज हुई थीं, जिनमें ट्रैप से जुड़े 2 मामले थे, जबकि जनवरी 2024 में एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ था। वहीं जनवरी 2023 में कुल 6 मामले सामने आए थे।
निगरानी ब्यूरो की इस कार्रवाई को राज्य में सरकारी तंत्र को पारदर्शी बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि भ्रष्टाचार के मामलों में अब कोई भी पद या ओहदा आड़ नहीं बन सकेगा।

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