बिहार में महंगाई और आर्थिक दबाव के तमाम दावों के बीच सर्राफा बाजार की तस्वीर बिल्कुल अलग नजर आ रही है। बीते तीन वर्षों में राज्य में सोने और चांदी के कारोबार में ऐतिहासिक उछाल दर्ज किया गया है। आंकड़े बताते हैं कि लोगों का भरोसा अब भी कीमती धातुओं पर कायम है और निवेश के लिहाज से सोना-चांदी पहली पसंद बने हुए हैं। इसी का नतीजा है कि जहां सोने का कारोबार तीन साल में करीब 13 टन बढ़ा है, वहीं चांदी का व्यापार 150 टन की छलांग लगा चुका है।
वित्तीय वर्ष 2022-23 में बिहार में सोने का कुल कारोबार करीब 25 टन रहा था, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 1.60 लाख करोड़ रुपये आंकी गई थी। अगले ही साल 2023-24 में इसमें बड़ा उछाल देखने को मिला और सोने का कारोबार बढ़कर 32 टन हो गया, जिसकी बाजार कीमत करीब 2.43 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई। मौजूदा वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए यह आंकड़ा और मजबूत माना जा रहा है। अनुमान है कि इस साल सोने का कारोबार 38 टन तक पहुंच सकता है, जिसकी कीमत लगभग 2.95 लाख करोड़ रुपये के आसपास होगी।
चांदी के कारोबार ने तो सोने को भी पीछे छोड़ दिया है। 2022-23 में जहां चांदी का व्यापार 250 टन था और इसकी कीमत करीब 15.50 हजार करोड़ रुपये रही, वहीं 2023-24 में यह आंकड़ा बढ़कर 325 टन और कीमत 23.40 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई। चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में चांदी का कारोबार 400 टन तक पहुंचने का अनुमान है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 35.60 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है।
सर्राफा संघ के मुताबिक राजधानी पटना और आसपास के इलाकों में ही प्रतिदिन 100 करोड़ रुपये से अधिक का सोना-चांदी का कारोबार हो रहा है। नए डिजाइन, शादी-विवाह का सीजन और निवेश की बढ़ती सोच ने ज्वेलरी बाजार को नई रफ्तार दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की कीमतों में लगातार तेजी के कारण अब निवेशक किलो के हिसाब से चांदी खरीदने में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। पहले जहां चांदी 60 से 65 हजार रुपये प्रति किलो के आसपास मिल जाती थी, वहीं अब इसका भाव 70 से 75 हजार रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
आज के ताजा भाव की बात करें तो 24 कैरेट सोना 17,067 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोना 15,645 रुपये प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना 12,802 रुपये प्रति ग्राम के स्तर पर है। वहीं पटना में चांदी का भाव 370 रुपये प्रति ग्राम यानी 3,70,000 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया है।
सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि लोगों की क्रयशक्ति और निवेश की इच्छा दोनों में मजबूती आई है। आर्थिक अनिश्चितता के दौर में भी सोना-चांदी को सबसे सुरक्षित निवेश माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में शादी-विवाह और निवेश की मांग के चलते सर्राफा बाजार में यह तेजी और भी तेज हो सकती है, जिसे बिहार की आर्थिक गतिविधियों के लिए एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा