लखीसराय | 30 जनवरी 2026
जिले में केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता माननीय केंद्रीय मंत्री, पंचायती राज, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार तथा मुंगेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने की।
बैठक का उद्देश्य जिले में संचालित विकासात्मक एवं कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना, लंबित कार्यों की पहचान करना तथा आम जनता से जुड़ी योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराना रहा। केंद्रीय मंत्री ने एक-एक कर विभिन्न योजनाओं की स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक हर हाल में पहुँचना चाहिए।
बैठक में मनरेगा, दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), श्यामा प्रसाद मुखर्जी अर्बन मिशन, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान तथा सांसद आदर्श ग्राम योजना जैसी प्रमुख योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों और चुनौतियों पर चर्चा हुई।
इसके साथ ही कृषि और कृषक कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर भी विशेष फोकस किया गया। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, परंपरागत कृषि विकास योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, कृषि अवसंरचना निधि, एटीएमए, कृषि क्लीनिक एवं कृषि व्यवसाय केंद्र तथा किसान कॉल सेंटर जैसी योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी गई। मंत्री ने कहा कि कृषि आधारित योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और इनके प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों की आय में वास्तविक वृद्धि संभव है।
समीक्षा के दौरान यह भी बताया गया कि जिले में कुछ योजनाओं के निर्धारित लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरे कर लिए गए हैं। इस पर माननीय केंद्रीय मंत्री ने संतोष व्यक्त करते हुए संबंधित विभागों की सराहना की। वहीं जिन योजनाओं में प्रगति अपेक्षाकृत धीमी पाई गई, उन्हें चिन्हित करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
केंद्रीय मंत्री श्री ललन सिंह ने अपने संबोधन में स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पारदर्शिता, प्रभावी अनुश्रवण और जनभागीदारी को विकास की सफलता का आधार बताते हुए कहा कि योजनाओं का वास्तविक असर तभी दिखेगा जब आम लोगों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में सूर्यगढ़ा विधायक श्री रामानंद मंडल, जिला पदाधिकारी श्री मिथिलेश मिश्र, पुलिस अधीक्षक श्री अवधेश दीक्षित, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी श्री शंभू नाथ, जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती अंशु कुमारी, उप विकास आयुक्त श्री सुमित कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी श्री प्रभाकर कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री शिवम कुमार सहित जिला एवं प्रखंड स्तर के कई वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक को जिले के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।